महिलाओं को नीति निर्माता बनाएगा नारी शक्ति वंदन अधिनियम : अल्पना
Moradabad News - मुरादाबाद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर महिलाओं की प्रेस कांफ्रेंस हुई। शिक्षाविद, समाजसेवी और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ी महिलाओं ने कहा कि यह अधिनियम आधी आबादी को अधिकार और सम्मान देगा। यह कानून महिलाओं को नीति निर्माता बनाएगा और संसद में 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान करेगा, जो आर्थिक और सामाजिक विकास में सहायक होगा।

मुरादाबाद, मुख्य संवाददाता । नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर मुरादाबाद में सोमवार को सिविल लाइन स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में विभिन्न वर्ग की महिलाओं ने प्रेस कांफ्रेंस की। प्रबुद्ध, शिक्षाविद, समाजसेवी, चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ी महिलाओं ने कहा कि इस अधिनियम से आधी आबादी को पूरा अधिकार मिलेगा। यह बहन बेटियों के सम्मान का राष्ट्रीय संकल्प है। इससे देश आर्थिक रूप से तरक्की करेगा। बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान की महानगर संयोजिका अल्पना रितेश गुप्ता ने कहा नारी शक्ति नए भारत की सबसे बड़ी ताकत है। यह कानून महिलाओं को लाभार्थी से नीति निर्माता बनाएगा। संसद / विधानसभा में महिलाओं पुरुषों में अंतर कम होगा।
सीएल गुप्ता आई इंस्टीट्यूट की ट्रस्टी शिखा गुप्ता ने कहा नारी शक्ति वंदन अधिनियम भारत के उज्ज्वल, समावेशी और सशक्त भविष्य की आधारशिला है। आरएसएस मेरठ प्रांत में महिला समन्वय की प्रांत सह संयोजिका मेजर डॉ मीनू मेहरोत्रा ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 भारत के लोकतांत्रिक यात्रा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। संसद और विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण देश की करोड़ों माता बहनों और बेटियों के सम्मान का राष्ट्रीय संकल्प है। महिला रोग विशेषज्ञ डा. नीतू रस्तोगी ने कहा महिलाओं का राजनीति में प्रतिनिधित्व अभी भी कम है। अब अंतर खत्म हो सकेगा। जब महिलाएं नेतृत्व करती हैं अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ती है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण पर अधिक ध्यान जाता है। जेंडर गैप कम होने पर वैश्विक अर्थव्यवस्था में वृद्धि संभव है। योग प्रशिक्षिका रितु नारंग ने कहा कि यह कानून सामाजिक न्याय, समान अवसर और सशक्त लोकतंत्र का प्रतीक है। पिछले 10 वर्षों में महिला सशक्तिकरण के ठोस परिणाम सामने आए है।
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