मेरठ डबल मर्डर: सीने पर चढ़कर युवक के दिल में घोंप दी तलवार, 1000 रुपये के विवाद ने छीन ली दो जिंदगियां
मेरठ में ग्राम प्रधान के दो छोटे भाइयों की मामूली कहासुनी पर तलवार और छुरी से काटकर हत्या कर दी गई। दोनों पक्ष में करीब एक घंटे तक लाठी डंडे और धारदार हथियार चले, जिनमें आधा दर्जन लोग भी घायल हो गए। पुलिस जांच में मामला एक हजार रुपये के लेनदेन का सामने आया है।

Meerut News: यूपी के मेरठ के मेहरमती गणेशपुर ग्राम प्रधान के दो छोटे भाइयों की मामूली कहासुनी पर तलवार और छुरी से काटकर हत्या कर दी। दोनों पक्ष में करीब एक घंटे तक लाठी डंडे और धारदार हथियार चले, जिनमें आधा दर्जन लोग भी घायल हैं। तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस जांच में मामला एक हजार रुपये के लेनदेन का सामने आया है।
ईद के दिन हुआ खूनी संघर्ष दिल दहला देने वाला साबित हुआ। भतीजे सलमान के साथ हुए झगड़े में बीच-बचाव कराने पहुंचे भूरा और सहीमुद्दिन पर आरोपियों ने पहले लाठी-डंडों से हमला किया। उसके बाद उन्हें जमीन पर गिराकर कर हैवानियत की सारी हदें पार कर दी। आरोपियों ने भूरे के सीने पर बैठकर दिल में तलावार घोंप दी। जबकि सहीमुद्दीन के पेट में दोनों तरफ छुरियों से ताबड़तोड़ वार किए गए।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सहीमुद्दीन के पेट में दोनों तरफ से छुरियां घोंपी गई। हमला इतना तेज किया गया कि भूरे व सहीमुद्दीन को बचाव का मौका तक नहीं मिला। दोनों भाई लहुलुहान होकर जमीन पर तड़पते रहे। भूरे की तो मौके पर ही मौत हो गई। जबकि सहीमुद्दीन को सीएचसी सरधना से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां उपचार के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। दोनों सगे भाइयों की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची ने पहले हालात का जायजा लिया और फिर तनावपूर्ण स्थिति देख गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया।
पांच साल से चल रही थी दोनों पक्षों में रंजिश
मेहरमती गणेशपुर गांव में हुआ डबल मर्डर पांच वर्ष पुरानी रंजिश का कारण भी माना जा रहा है। ग्रामीणों की माने तो सुनियोजित तरीके से दोनों भाइयों पर छुरी से ताबड़तोड़ हमला कर उनकी हत्या की गई है। ग्रामीणों ने बताया कि करीब पांच वर्ष पहले भूरे का चुन्नू और उसके चचेरे भाई रहीस पुत्र बसीर के साथ जुआ खेलने को लेकर विवाद हुआ था। उस समय भूरे ने मारपीट कर दी थी। आरोप है कि तभी रहीस ने बदला लेने की कसम खाई थी।
ईद के दिन दो परिवारों को मिला उम्रभर का जख्म
ईद के दिन सुबह से ही भूरे व सहीमुद्दीन के घरों में खुशियों का माहौल था। लेकिन शाम होते-होते खुशियों का यह माहौल अचानक मातम में बदल गया। मामूली विवाद में हुए खूनी घटनाक्रम ने भूरे और सहीमुद्दिन की जान ले ली। उनकी मौत की खबर जैसे ही परिवारों तक पहुंची, दोनों घरों में कोहराम मच गया। कुछ देर पहले तक जहां ईद की खुशियां मनाई जा रही थीं, वहीं अब चीख-पुकार और आंसुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।
एक हजार रुपये के विवाद ने छीन ली दो जिंदगियां
महज एक हजार रुपये के विवाद ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। मामूली कहासुनी ने देखते ही देखते खूनी संघर्ष का रूप ले लिया और बीच-बचाव में पहुंचे भूरा और सैमुद्दीन की जान चली गई। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतकों के बड़े भाई ग्राम प्रधान सईद ने बताया कि उनके भतीजे तौहीद का चुन्नू के बेटे इरशाद से एक हजार रुपये को लेकर विवाद चल रहा था। तौहीद के इरशाद पर रुपये थे, इसी बात को लेकर शनिवार शाम दोनों के बीच कहासुनी हो गई। पहले लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया, लेकिन कुछ देर बाद फिर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
इस मामले में एसपी देहात अभिजीत कुमार ने बताया कि मेहरमती गांव में एक ही समुदाय के दो पक्षों के बीच लेनदेन के विवाद में संघर्ष हुआ था। चाकू और धारदार हथियारों से हमला कर दो भाइयों की हत्या की गई है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। फोरेंसिक टीम मौके पर है। मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई कराई जा रही है।




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