छात्र की हत्या के बाद यूपी कॉलेज में जमकर बवाल; गाड़ियों में तोड़फोड़, कई थानों से बुलानी पड़ी पुलिस
वाराणसी के यूपी कॉलेज में एक छात्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसके बाद बवाल हो गया। आक्रोशित छात्रों ने दुकान और गाड़ियों में तोड़फोड़ कर डाली। नतीजतन भारी संख्या में पुलिस फोर्स को बुलाया गया।

Varanasi News: वाराणसी स्थित यूपी कॉलेज में शुक्रवार को छात्र सूर्य प्रताप सिंह की हत्या के बाद साथियों ने उग्र प्रदर्शन किया। कॉलेज के गेट को बंद कर दिया। अंदर रखीं कुर्सियां तोड़ दीं। शिक्षकों पर भी हमलावर हो गए। कॉलेज में टेबल-मेज आदि पलट दिए। बाहर दुकानों और गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की कोशिश की। गेट के पास बने गार्ड रूम में घुसने का प्रयास किया।
घटना के बाद करीब 60 से 70 की संख्या में छात्रों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। यूपी कॉलेज के प्राचार्य और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। हंगामा, तोड़फोड़ और उग्र प्रदर्शन के बीच पहुंची पुलिस ने शांत कराने की कोशिश की। हालांकि छात्र मानने को तैयार नहीं थे। गिलट बाजार-यूपी कॉलेज मार्ग पर जाम लगा दिया। कभी सड़क पर तो कभी कॉलेज परिसर में घुसकर छात्र प्रदर्शन करते रहे। छात्रों के आक्रोश को देखते हुए आसपास की दुकानों के शटर भी धड़ाधड़ गिर गए। देर शाम तक दुकानें नहीं खुलीं। पूरे दिन कॉलेज परिसर, गेट और बाहर पुलिस बल तथा पीएसी तैनात रही।
मौत की पुष्टि होते ही सड़क पर लेटकर बिलखने लगे
गोली मारने की घटना के बाद छात्रेनता सुधीर सिंह और अन्य साथी पुलिस के साथ सूर्य प्रताप सिंह को लेकर मलदहिया स्थित निजी अस्पताल पहुंचे। वहां से उसे बीएचयू ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। ट्रामा सेंटर में उसे मृत घोघित कर दिया गया। जैसे ही मौत की सूचना यूपी कॉलेज में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच पहुंची, वे दहाड़े मारकर रोने लगे। काफी देर तक सड़क पर लेटकर वे रोते रहे।
कई थानों की फोर्स डटी
घटना और बवाल के बीच मौके पर पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल, अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था शिवहरि मीणा, अपर पुलिस आयुक्त अपराध आलोक प्रियदर्शी, डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार, डीसीपी क्राइम आकाश पटेल, एडीसीपी वरुणा नीतू कादयान, एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना, अपूर्व पांडेय, एसीपी रोहनिया संजीव शर्मा, प्रशिक्षु आईपीएस मानसी दहिया पहुंचीं थीं। साथ ही शिवपुर, कैंट, लालपुर-पांडेयपुर, सारनाथ, चोलापुर, रोहनिया, सिगरा, चेतगंज थाने की फोर्स, पीएसी बुला ली गई थी।
प्रदर्शन के बीच आधे घंटे तक बंधक रहीं छात्र-छात्राएं
छात्रों के प्रदर्शन के बीच अंदर परीक्षा देने आए छात्र-छात्राएं बंधक बनी रहीं। बवाल शुरू होते ही कई छात्राएं और छात्र निकल गए लेकिन सैकड़ों की संख्या में अंदर ही फंस गए। तोड़फोड़ और उग्र प्रदर्शन के बीच सहमे सभी पार्किंग एरिया में खड़े रहे। करीब आधे घंटे बाद पुलिस अफसर और कई थानों की फोर्स पहुंची, उग्र छात्रों को किनारे कर सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। कैंपस खाली कराया गया।
वीडियो बना रहे छात्रों को धमकाया
प्रदर्शन और तोड़फोड़ के दौरान अंदर फंसे कुछ छात्र प्रदर्शनकारियों का वीडियो बनाने लगे। छात्रों के अलावा अन्य मीडियाकर्मियों के भी वीडियो बनाए जाने पर नाराजगी जताते हुए धमकी देने लगे। पुलिस के पहुंचने पर उग्र छात्र वापस हुए।
उपद्रव में शामिल छात्रों की सीपी ने काउंसिलिंग
उपद्रवी छात्रों से पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल मिले। उनकी काउंसिलिंग की। हत्या की घटना में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने का आश्वासन दिया। साथ ही उपद्रव या फिर किसी तरह की हिंसात्मक घटना में शामिल होकर अपना कॅरियर खराब नहीं करने के लिए कहा।
इंटरमीडिएट से ही तनातनी, बांह मोड़ने को लेकर विवाद
हत्या के बाद पुलिस ने कई छात्रों से पूछताछ की। बताया कि दोनों में यूपी इंटर कॉलेज में पढ़ाई के दौरान से ही तनातनी थी। शुक्रवार को घटना के कुछ देर पहले शर्ट की बांह मोड़ने को लेकर भी विवाद हुआ था। इसके बाद आरोपी घूरते हुए पहुंचा और विवाद के बाद हत्या कर दी। छात्रों ने पुलिस को बताया कि इंटरमीडिएट में पढ़ाई के दौरान सूर्य प्रताप सिंह हॉस्टल में रहता था। उस दौरान दोनों में अक्सर कहासुनी हो जाती थी। जातिगत टिप्पणी से शुरू हुई कहासुनी धीरे धीरे दोनों के बीच बड़ा विवाद बन गया।
वर्चस्व को लेकर अक्सर ही दोनों में तनाव रहता था। छात्रों ने पुलिस की पूछताछ में इसके पहले किसी तरह की मारपीट की पुष्टि नहीं की, हालांकि यह बताया कि दोनों के बीच कई बार विवाद हो चुका था। शुक्रवार को घटना से पहले भी बांह मोड़ने को लेकर सूर्य प्रताप सिंह ने टोका था। सूर्य प्रताप सिंह के साथी छात्रों ने बताया कि मंजीत पूरी बांह की शर्ट पहनकर आया था। तब सूर्य प्रताप सिंह ने बांह मोड़कर सलीके से रहने के लिए कहा। ताकि लोगों को देखने में सही लगे। टोकने पर मंजीत घूरते हुए चला गया। फिर दोबारा पहुंचा और विवाद के बाद गोलियों की बौंछार कर दी।




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