जिला अस्पताल में बुखार उल्टी-दस्त के मरीज बढ़े
Mau News - मौसम के प्रभाव से लोगों की सेहत बिगड़ रही है। दूषित पानी और खानपान की गड़बड़ी से वायरस संक्रमण फैल रहा है, जिससे बच्चे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। जिला अस्पताल में बुखार, उल्टी, दस्त और पेट दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। डॉक्टरों ने सावधानी बरतने और शुद्ध पेयजल का सेवन करने की सलाह दी है।

मऊ, संवाददाता। मौसम का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। खानपान में गड़बड़ी और दूषित पानी पीने से लोग वायरस संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। रोग प्रतिरोध क्षमता कमजोर होने के कारण बच्चे अधिक बीमार हो रहे हैं। लोग बुखार, उल्टी, दस्त, पेट दर्द, बदहजमी से पीड़ित हो रहे हैं। जिला अस्पताल में इस तरह के लक्षण के मरीजों की संख्या में बढ़ी। डॉक्टर दवा देने के साथ सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। स्वस्थ्य होने में पांच से सात दिन का समय लग जा रहा है। तेजधूप से स्वास्थ्य बिगड़ रहा है। इस समय वायरस व बैक्टीरिया का प्रकोप भी बढ़ गया है।
खानपान में गड़बड़ी भारी पड़ रही है। दूषित पेयजल के सेवन से लोग वायरल गैस्टोइंटाइटिस से ग्रसित हो रहे हैं। इसकी चपेट में आने से युवा, बुजुर्ग बीमार हो रहे हैं, जबकि इम्युनिटी कम होने की वजह से बच्चे अधिक चपेट में आ रहे हैं। तेज बुखार, पेट दर्द से पीड़ित हो रहे हैं। वहीं कुछ उल्टी और पतले दस्त से भी पीड़ित हो रहे हैं। जिला अस्पताल के ओपीडी में इस तरह के लक्षण के मरीज बढ़े हैं। हर रोज करीब 500 से 600 मरीज आ रहे हैं, वहीं बाल रोग विभाग की ओपीडी में भी मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। लोग बीमार बच्चों को लेकर पहुंच रहे हैं। सोमवार को करीब 980 मरीजों का इलाज हुआ। इसमें बुखार, उल्टी-दस्त से पीड़ित अधिक रहे। डॉक्टर परीक्षण के बाद दवा देने के साथ सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। चौबीस घंटे में करीब आठ से दस गंभीर मरीजों को भर्ती कराना पड़ रहा है। सीएमएस डॉ धनजंय कुमार ने बताया कि गर्मी के कारण लोगों को दिक्कत होती है। अपच, ज्यादा पसीना, सुस्ती, थकावट होती है। इस समय पेट दर्द, उल्टी-दस्त के मरीज बढ़े हैं। लोगों को खानपान पर ध्यान देने की जरूरी है। शुद्ध पेयजल का सेवन करें, जंक फूल, अधिक तली,भूनी चीजों के सेवन से बचना चाहिए।
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