बाप-बेटे की हत्या में फरार एक लाख का इनामी गिरफ्तार, पठानकोट से दबोचा, कैंसर से जूझ रहा संतोष
पिता-पुत्र की हत्या के मामले में एसटीएफ ने फरार चल रहे एक लाख के इनामी मास्टरमाइंड संतोष को पंजाब के पठानकोट से गिरफ्तार किया है। हत्याकांड के दो आरोपियों को पुलिस पहले ही मुठभेड़ में गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

संभल में पिकअप लूटने के बाद पिता-पुत्र की हत्या कर शव फेंकने के मामले में एसटीएफ ने फरार चल रहे एक लाख के इनामी मास्टरमाइंड को गुरुवार को पंजाब के पठानकोट से गिरफ्तार किया है। एसटीएफ बरेली ने आरोपी को धनारी थाना पुलिस की सुपुर्दगी में दे दिया है। धनारी पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। इस हत्याकांड में दो आरोपियों को पुलिस पहले ही मुठभेड़ में गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। थानाक्षेत्र के गांव भिरावटी मलुआ के घेर निवासी नरेश व उसके बेटे भीमसैन की पिकअप मेरठ लेकर जाने का झांसा देकर कैलादेवी थानाक्षेत्र के रझेड़ा सलेमपुर निवासी संतोष ने बुकिंग की और अपने भाई अरविंद व साथी मनोज के साथ मिलकर हत्या कर दी।
डबल मर्डर से एक लाख रुपए का इनामी गिरफ्तार
शवों को शामली जिले में काबडोत पुल के पास गन्ने के खेत में फेंक दिया था, जिन्हें पुलिस ने 7 अप्रैल को बरामद किया था। डबल मर्डर में एक लाख रुपये का इनामी मास्टरमाइंड संतोष फरार चल रहा था, जिसकी तलाश में पुलिस की पांच टीमों के अलावा एसटीएफ भी लगी हुई थी। एसटीएफ बरेली के अपर पुलिस अधीक्षक अब्दुल कादिर की टीम ने गुरुवार दोपहर आरोपी संतोष को पंजाब के पठानकोट की रघुनाथ कॉलोनी में निर्माणाधीन मकान से गिरफ्तार किया। शुक्रवार को एसटीएफ आरोपी को लेकर संभल पहुंची और धनारी पुलिस को सौंप दिया। धनारी थाना पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
हत्याकांड के बाद जम्मू-कश्मीर भाग गया था
पिकअप लूट के लिए पिता-पुत्र की बेरहमी से हत्या के मामले में बड़ा खुलासा किया है। पुलिस पूछताछ में हत्याकांड के मास्टरमाइंड संतोष ने चौंकाने वाले राज खोले। वारदात को अंजाम देने के बाद वह पहले जम्मू-कश्मीर और फिर पंजाब भाग गया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने मोबाइल फोन का इस्तेमाल भी पूरी तरह बंद कर दिया था, जिससे पुलिस को उसे पकड़ने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थानीय पुलिस की नाकामी के बाद एसटीएफ ने मोर्चा संभाला और कड़ी मेहनत के बाद आरोपी तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
मेरठ से मजदूर लाने के बहाने गाड़ी बुक कराई थी
गुन्नौर तहसील स्थित भिरावटी गांव निवासी नरेश अपने बेटे भीमसेन के साथ पिकअप चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते थे। 2 अप्रैल को उन्हें मेरठ से मजदूर लाने के बहाने गाड़ी बुक कराई गई। इसके बाद दोनों लापता हो गए। करीब छह दिन बाद मंगलवार शाम शामली जिले में करनाल-मेरठ हाईवे पर काबड़ौत पुल के पास गन्ने के खेत से दोनों के शव बरामद हुए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई थी। इस मामले में एक आरोपी मनोज को बदायूं के दातागंज क्षेत्र से मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया था।
कैंसर से पीड़ित मुख्य आरोपी
एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई के अनुसार, मुख्य आरोपी संतोष कैंसर से पीड़ित है और पहले भी बदायूं जिले के इस्लामनगर में नशीला पदार्थ देकर पिकअप लूटने की कोशिश कर चुका था, लेकिन तब वह सफल नहीं हो पाया। पुलिस के मुताबिक, इस बार संतोष ने अपने भाई अरविंद और साथी मनोज के साथ मिलकर साजिश रची। उन्होंने पहले पिकअप चालक नरेश को निशाना बनाया और उसकी हत्या कर दी। इसके बाद पीछे बैठे उसके बेटे भीमसैन को भी मौत के घाट उतार दिया।




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