यूपी के इस जिले में बड़े GST घोटाले का खुलासा, फर्जी कंपनियों के पास की जा रही थी ITC
जांच में सामने आया कि करीब 5.38 करोड़ रुपए के फर्जी आउटवर्ड ट्रांजेक्शन दिखाकर लगभग एक करोड़ रुपए से अधिक का ITC पास ऑन किया गया। इसके केस में आरोपी वीरेन्द्र कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। उसी से मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने एक और आरोपी अशोक कुमार को गिरफ्तार किया है।

उत्तर प्रदेश के झांसी में राज्य कर विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक बड़े जीएसटी फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। फर्जी फर्मों के जरिए करोड़ों रुपये का बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट पास ऑन कर सरकार को भारी राजस्व नुकसान पहुंचाया गया। मामले में कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। पिछले साल यानी 10 अगस्त 2025 को राज्यकर अधिकारी अनिल कुमार यादव द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर थाना स्थानीय पर मुकदमा अपराध संख्या 303/25 दर्ज किया गया था।
इसमें आरोप लगाया गया कि डी.के. इंटरप्राइजेज सहित अन्य फर्मों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर GST पंजीकरण प्राप्त कर बिना वास्तविक लेन-देन के फर्जी बिक्री दिखाते हुए सर्कुलर ट्रेडिंग के माध्यम से बोगस ITC पास ऑन किया।
जांच में सामने आया कि करीब 5.38 करोड़ रुपए के फर्जी आउटवर्ड ट्रांजेक्शन दिखाकर लगभग एक करोड़ रुपए से अधिक का ITC पास ऑन किया गया। मामले में पहले आरोपी वीरेन्द्र कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। उसी से मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने एक और आरोपी अशोक कुमार को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने आरोपी के पास से 78 फर्जी GST इनवॉइस, ई-वे बिल, एक मोबाइल फोन और 16 सिम कार्ड बरामद किए हैं। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी कंपनियां बनाकर GST इनवॉइस तैयार करता था और इन्हें कोरियर के जरिए विभिन्न फर्मों को भेजकर ITC पास ऑन करता था। इसके साथ ही, मोबाइल और व्हाट्सएप के जरिए ‘टोकन सिस्टम’ से कैश ट्रांजेक्शन कर आर्थिक लाभ लिया जाता था। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।




साइन इन