यूपी की ब्यूरोक्रेसी में जल्द ही कई बड़े बदलाव, ACS, प्रमुख सचिव रैंक के अफसरों की भी भूमिका बदलेगी
यूपी की ब्यूरोक्रेसी में जल्द ही कई बड़े बदलाव होंगे। राजस्व परिषद के अध्यक्ष अनिल कुमार 31 मई को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इस नियुक्ति के साथ ही शासन स्तर पर अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव रैंक के अफसरों की भूमिका में बदलाव की संभावना जताई जा रही है।

यूपी की ब्यूरोक्रेसी में जल्द ही कई बड़े बदलाव हो सकते हैं। राजस्व परिषद के अध्यक्ष अनिल कुमार 31 मई को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। शनिवार व रविवार को छुट्टी होने की वजह से शुक्रवार उनका आखिरी दिन था। राज्य सरकार जल्द ही 1990 या 1991 बैच के आईएएस अफसरों में किसी को राजस्व परिषद का अध्यक्ष बना सकती है। इस नियुक्ति के साथ ही शासन स्तर पर अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव रैंक के अफसरों की भूमिका में बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
राजस्व परिषद अध्यक्ष पद पर वरिष्ठतम आईएएस अधिकारी की तैनाती होती है। इस सूची में सबसे ऊपर नाम 1990 बैच की अर्चना अग्रवाल का है। वह मौजूदा समय अपर मुख्य सचिव परिवहन और चेयरमैन यूपीएसआरटीसी हैं। वह इसी साल सितंबर में सेवानिवृत्त होंगी। ऐसे में उन्हें कुछ महीने के लिए राजस्व परिषद का अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी जा सकती है। दूसरा नाम 1991 बैच के आईएएस बाबू लाल मीणा का है। वह मौजूदा समय अपर मुख्य सचिव हॉर्टिकल्चर एवं खाद्य प्रसंस्करण हैं।
राज्य सरकार राजस्व से जुड़ी सेवाओं को और बेहतर बनाने में लगी
बाबू लाल मीणा अप्रैल 2028 में सेवानिवृत्त हो रहे हैं। ऐसे में उनके पास करीब दो साल का वक्त है। राजस्व परिषद अध्यक्ष एक अहम पद है। राज्य सरकार राजस्व से जुड़ी सेवाओं को और बेहतर बनाने में लगी है। इसलिए चर्चा है कि सरकार वहां एक ऐसे अधिकारी की तैनाती कर सकती है, जिसके पास लंबा कार्यकाल हो। आईएएस अधिकारी अपर मुख्य सचिव परिवहन अर्चना अग्रवाल सितंबर और कृषि उत्पादन आयुक्त व आईआईडीसी दीपक कुमार अक्तूबर में सेवानिवृत्त हो रहे हैं। केंद्र में तैनात कामरान रिजवी भी अक्तूबर में ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं। अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा अमित घोष दिसंबर 2026 में सेवानिवृत्त होंगे।
पंचायतीराज विभाग में स्वीकृत पद जल्द भरे जाएंगे
उधर, पंचायतीराज विभाग में सभी स्वीकृत पद जल्द भरे जाएंगे। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने शुक्रवार को विभाग की ओर से विगत पांच वर्षों में किए गए उल्लेखनीय कार्यों एवं उपलब्धियों का प्रस्तुतीकरण देखने के बाद प्रस्तावित सभी पदों को स्वीकृति प्रदान कर दी। इस दौरान विभागीय प्रमुख सचिव अनिल कुमार ने विभाग के सुचारु संचालन के लिए विभिन्न रिक्त पदों को भरने की जरूरत पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि विभाग की बढ़ती जिम्मेदारियों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए जरूरी मानव संसाधन उपलब्ध होना अत्यंत जरूरी है। पंचायतीराज निदेशक अमित कुमार सिंह की ओर से इस दौरान पिछले पांच वर्षों की विभागीय प्रगति पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया। प्रस्तुतीकरण में पंचायत भवन निर्माण, ई-गवर्नेंस, ग्राम पंचायतों में आधारभूत सुविधाओं के विकास, वित्तीय प्रबंधन तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन की जानकारी दी गई। साथ ही विभागीय योजनाओं, ग्राम पंचायतों के सुदृढ़ीकरण, डिजिटल व्यवस्थाओं, ग्रामीण विकास तथा प्रशासनिक सुधारों से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा भी की गई। बाद में मुख्य सचिव ने विभाग की कार्यप्रणाली एवं उपलब्धियों की सराहना की और कहा कि रिक्त पदों को शीघ्र भरने की कार्यवाही की जाए।




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