बुढ़ापे की लाठी भी टूटी, पोता भी बना अपराधी; रिटायर्ड इंस्पेक्टर पिता का छलका दर्द
Lucknow Son Killed Father: लखनऊ में शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह की हत्या पर उनके रिटायर्ड पिता टूट गए। उन्होंने कांपती आवाज में कहा कि मेरी बुढ़ापे की लाठी टूट गई, बेटा तो चला ही गया, उसके साथ मेरा पौत्र भी अपराधी बन गया।

Lucknow Son Killed Father: बेटे मानवेंद्र सिंह के मौत के बाद पिता सुरेंद्र पाल सिंह राजावत की आंखों में ऐसा दर्द है, जिसे शब्दों में बांध पाना मुश्किल है। कांपती आवाज में उन्होंने कहा, मेरी बुढ़ापे की लाठी टूट गई… बेटा तो चला ही गया, उसके साथ मेरा पौत्र भी अपराधी बन गया, उसकी जिंदगी भी तबाह हो गई।
30 नवंबर 2016 को ललितपुर की एक चौकी से इंचार्ज पद से सेवानिवृत्त हुए सुरेंद्र पाल सिंह ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उन्हें अपने जवान बेटे को यूं विदा करना पड़ेगा। वे बार-बार यही कहते रहे, मानवेंद्र मुझे हमेशा कहता था पापा, खेत बटाई पर दे दो और यहीं आकर हमारे साथ रहो। अब वही घर, जहां बेटे की हंसी गूंजती थी, मातम में डूबा है। सुरेंद्र पाल सिंह की आंखें दरवाजे पर ठहर जाती है। मानो अभी मानवेंद्र आवाज देता हुआ अंदर आ जाएगा।
पिता की हत्या कर काटा शव
मूल रूप से जालौन के कोतवाली के उदयपुरा 45 साल के मानवेंद्र सिंह आशियाना सेक्टर एल स्थित तीन मंजिला मकान में परिवार के साथ रहते थे। डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 7 बजे मानवेंद्र सिंह का बेटा अक्षय प्रताप आशियाना कोतवाली पहुंचा और तहरीर दी। इसमें कहा कि उसके पिता 20 फरवरी की सुबह 6 बजे दिल्ली जाने के लिए निकले थे। बताया था कि 21 फरवरी तक लौट आएंगे लेकिन अभी तक नहीं आए। उनके तीनों मोबाइल नंबर भी बंद हैं। अनहोनी की आशंका जताते हुए गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। उधर, थाने से लौटने के बाद अक्षय ने मानवेंद्र के मित्र सोनू गुप्ता को बताया कि पिता ने खुदकुशी कर ली है।
गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस भी सक्रिय हुई। सोनू गुप्ता और पड़ोसी घर पहुंचे और कड़ाई से पूछताछ की तो पता चला कि 20 फरवरी को अक्षय ने रायफल से गोली मार दी थी। मौत के बाद हाथ-पैर काटकर सदरौना के पास फेंक दिया। वहीं, बाकी धड़ घर में ही नीले ड्रम छिपा दिया। पुलिस ने घर की तलाशी ली तो तीसरी मंजिल पर ड्रम में शव के ऊपर का हिस्सा मिला लेकिन हाथ-पैर गायब हैं। घर में ही 20 लीटर के गैलेन में एसिड पाया गया। पुलिस का दावा है कि अभय प्रताप एसिड से शव जलाने की तैयारी कर रहा था।
डीसीपी ने बताया कि आरोपी अक्षय को हिरासत में ले लिया गया है। जांच में पता चला कि मानवेंद्र की आशियाना और कानपुर रोड के बाराबिरवा चौराहे पर शराब दुकान है। सालेहनगर और बुद्धेश्वर में पैथोलॉजी सेंटर है। इनकी पत्नी की 2017 में मौत हो चुकी है। आशियाना स्थित घर में दूसरे और तीसरे फ्लोर पर बेटे अक्षय प्रताप सिंह (20) तथा बेटी कृति (17) के साथ रहते थे। अक्षय बीकॉम का छात्र है और कृति 11वीं में पढ़ती है। ग्राउंड फ्लोर मेहमानों के लिए था। पहली मंजिल पर छोटे भाई पुलिस इंस्पेक्टर एसएस राजावत रहते हैं। वह सचिवालय सुरक्षा में तैनात हैं। डीसीपी ने बताया कि एसएस राजावत 20 फरवरी को ही गांव गए थे। वह 22 फरवरी को लौटे हैं। जानकारी होने पर मानवेंद्र के पिता रिटायर्ड पुलिस इंस्पेक्टर एसपी सिंह भी पहुंच गए। घटना के बारे में इन सभी से पूछताछ की जाएगी।




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