रावण का रोल करते-करते खुद बन गया राक्षस, हर लिए पिता के ही प्राण
लखनऊ में चौंकाने वाली वारदात सामने आई है। यहां दशहरे में रावण का रोल करते-करते बेटा खुद राक्षस बन गया। बेटे ने अपने पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। उसके बाद शव काटकर ड्रम में छिपा दिया।

राजधानी लखनऊ में शराब व पैथालॉजी कारोबारी मानवेंद्र सिंह पिता की हत्या के आरोपी बेटे अक्षय प्रताप सिंह को लेकर चौंकाने वाली बातें सामने आ रही हैं। मोहल्ले के लोगों के मुताबिक, अक्षय हर साल दशहरे पर रामलीला में रावण का किरदार निभाता था। रावण का रोल करते-करते खुद राक्षस बन गया। घर के सामने स्थित पार्क में लगने वाले दशहरा मेले में वह पूरे आत्मविश्वास के साथ मंच पर रावण बनता था, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि एक दिन उसकी असल जिंदगी भी इतनी भयावह मोड़ ले लेगी।
पड़ोसियों का कहना है कि अक्षय का मन पढ़ाई में बिल्कुल नहीं लगता था। वह नाटकों और मंचन में ज्यादा रुचि रखता था। रामलीला के दौरान वह रावण का रोल लेने की जिद करता था। बताया जाता है कि उसके पिता नहीं चाहते थे कि वह रावण का किरदार निभाए, लेकिन अक्षय अपनी जिद पर अड़ा रहता था।
‘रावण’ कहने लगे मोहल्लेवाले
पिता की हत्या की घटना सामने आने के बाद मोहल्ले में सन्नाटा है। जिन लोगों ने उसे वर्षों तक मंच पर रावण बनते देखा, वही अब उसे ‘राक्षस’ कह रहे हैं। लोगों का कहना है कि उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि एक अच्छे परिवार में पला-बढ़ा युवक इतना बड़ा कदम उठा सकता है।
दशहरे पर बुराई के प्रतीक रावण का किरदार निभाने वाला अक्षय अब अपने ही पिता की हत्या के आरोप में घिरा है। मंच का रावण तो हर साल जल जाता था, लेकिन इस बार असल जिंदगी की यह त्रासदी पूरे मोहल्ले को झकझोर गई है।
हाथ-पैर की तलाश कर रही पुलिस
दरअसल, सोमवार को आशियाना सेक्टर एल में दिल को दहला देने वाली घटना सामने आई है। शराब व पैथालॉजी कारोबारी मानवेंद्र सिंह (45) की उनके बेटे ने ही गोली मारकर हत्या कर दी। हाथ और पैर काट-काटकर कहीं ठिकाने लगा दिया। बाकी धड़ घर में ही नीले ड्रम में छुपा दिया। उसे भी एसिड से जलाने की तैयारी थी। मौके पर एक गैलेन में 20 लीटर एसिड भी मिला है। पुलिस ने धड़ कब्जे में ले लिया। हाथ पैर की तलाश कर रही। बेटे अक्षय प्रताप सिंह को हिरासत में ले लिया है।
घर में मौजूद छोटी बहन कृति को धमकाया था आरोपी बेटे ने
पुलिस उपायुक्त मध्य विक्रांत वीर समेत अन्य अफसर मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। मौके से साक्ष्य संकलन किए। डीसीपी का दावा है कि बेटे ने ही विवाद के बाद 20 फरवरी को मानवेंद्र सिंह को लाइसेंसी रायफल से गोली मारी थी। घटना के समय घर में मौजूद छोटी बहन कृति को धमकाया था कि अगर उसने किसी को कुछ बताया तो वह उसे भी मार देगा। प्राथमिक पूछताछ में पता चला है कि मानवेंद्र बेटे पर नीट की तैयारी करने का दबाव बना रहे थे। इस लिए उसने उनकी हत्या कर दी।




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