आस्तीन का सांप निकला बेटा, पिता के सीने में उतारी गोलियां, फिर शव के किए टुकड़े-टुकड़े
Lucknow Son Killed Father: लखनऊ में बेटे ने अपने ही पिता की गोली मारकर हत्या कर दी और फिर उसके शव के टुकड़े करके शव का आधा हिस्सा ड्रम में छिपा दिया। इस घटना की जानकारी मिलते ही सनसनी फैल गई।

Lucknow Son Killed Father: यूपी की राजधानी में हुई दर्दनाक घटना को सुनकर हर किसी का दिल दहला उठा। कलेजा मुंह को आ गया। बचपन में जिस पिता की गोद में खेला, बड़ा होकर वही बेटा आस्तीन का सांप निकला। अपने ही पिता को हमेशा के लिए सुला दिया। यही नहीं जिन हाथों को पकड़कर वह चलना सीखा, उन्हीं हाथों को बेटे ने काटकर ड्रम में भर दिया। सेक्टर एल निवासी मानवेंद्र सिंह की मौत उनकी अपनी लाइसेंसी पिस्टल से ही हुई। जिस हथियार को उन्होंने अपनी सुरक्षा के लिए लिया था, वही उनकी जान का कारण बन गया। बेटे ने पिता के सीने में दो गोलियां उतारकर उनकी जान ले, फिर शव के टुकड़े-टुकड़े कर डाले।
लखनऊ के रहने वाले कारोबारी मानवेंद्र सिंह की उसके ही बेटे अक्षय प्रताप सिंह ने गोली मारकर हत्या कर दी। जिस पिस्टल से कारोबारी की हत्या की गई उसका लाइसेंस मानवेंद्र ने आत्मरक्षा के उद्देश्य से बनवाया था। पिस्टल उनके नाम पर थी, लेकिन अक्सर उनके बेटे अक्षय प्रताप सिंह के पास रहती थी। पड़ोसियों के मुताबिक अक्षय शादी-ब्याह और अन्य कार्यक्रमों में भी पिस्टल लगाकर घूमता था। उसे हथियार चलाने की पूरी जानकारी थी। बताया जा रहा है कि पिता-पुत्र के बीच 20 फरवरी को तीखी कहासुनी हो गई। गुस्से में आकर अक्षय प्रताप सिंह ने सामने से पिता के सीने में दो गोलियां दाग दीं।
बेटी ने खोला राज
मानवेंद्र सिंह की बेटी ने पड़ोसियों को बताया कि उसके भाई ने ही पिता को सामने से गोली मारी। किसी को घटना के बारे में ना बताने के लिए धमकाया भी था। बेटी पड़ोसी धर्मेंद्र सिंह के घर में है।
अक्षय का पढ़ाई में नहीं लगता था मन
पड़ोसियों का कहना है कि अक्षय का मन पढ़ाई में बिल्कुल नहीं लगता था। वह नाटकों और मंचन में ज्यादा रुचि रखता था। रामलीला के दौरान वह रावण का रोल लेने की जिद करता था। बताया जाता है कि उसके पिता नहीं चाहते थे कि वह रावण का किरदार निभाए, लेकिन अक्षय अपनी जिद पर अड़ा रहता था।
‘रावण’ कहने लगे मोहल्लेवाले
पिता की हत्या की घटना सामने आने के बाद मोहल्ले में सन्नाटा है। जिन लोगों ने उसे वर्षों तक मंच पर रावण बनते देखा, वही अब उसे ‘राक्षस’ कह रहे हैं। लोगों का कहना है कि उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि एक अच्छे परिवार में पला-बढ़ा युवक इतना बड़ा कदम उठा सकता है। दशहरे पर बुराई के प्रतीक रावण का किरदार निभाने वाला अक्षय अब अपने ही पिता की हत्या के आरोप में घिरा है। मंच का रावण तो हर साल जल जाता था, लेकिन इस बार असल जिंदगी की यह त्रासदी पूरे मोहल्ले को झकझोर गई है।




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