क्यों नीले ड्रम में नहीं ले गया शव? पिता के छह टुकड़े करने वाले बेटे ने बताई पूरी वारदात
लखनऊ के आशियाना में पिता की हत्या करने वाले अक्षत ने पुलिस को बताया कि नीट का दबाव और पिता का हिंसक व्यवहार हत्या की वजह बना। आरोपी ने पिता के शव के 6 टुकड़े किए और उन्हें ठिकाने लगाने के लिए ऑनलाइन चाकू और बाजार से आरी खरीदी थी।

लखनऊ में आशियाना बंगला बाजार में शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह की हत्या में पुलिस ने दो दिन तक गहन पूछताछ के बाद तीसरे दिन आरोपी बेटे अक्षत को जेल भेज दिया। बेटे अक्षत ने पुलिस को पूरी वारदात के बारे में सिलसिलेवार बताया कि क्या-क्या किया। नीला ड्रम खरीदने के बाद भी उसमें शव को क्यों नहीं ले गया। क्यों इतना आक्रोशित हुआ कि इतनी जघन्य वारदात को अंजाम दिया। हत्या के बाद टुकड़े क्यों किए, सभी सवालों के जवाब दिए।
जेल जाने से पूर्व उसने आशियाना थाने में पुलिस को बताया कि 19 फरवरी की रात विवाद के समय पापा नशे में थे। उन्होंने गाली-गलौज कर पिटाई की थी। जान से मारने की नीयत से राइफल तान दी थी। किसी तरह उन्हें समझाकर मैंने और बहन ने शांत कराया। इसके बाद वह बेड पर राइफल रखकर सो गए थे। रातभर जागता रहा पापा के लिए मन में काफी आक्रोश भरा था क्योंकि उन्हीं की वजह से मां ने भी जान दी थी। सारी रात उहापोह में कट गई कि क्या करें? तड़के कुछ समझ नहीं आ रहा था। राइफल उठाई और गोली मार कर उनका सिर उड़ा दिया। इसके बाद फूट-फूटकर रोने लगा और बोला-सॉरी गलती हो गई। हत्या में बहन अथवा किसी अन्य का कोई दोष नहीं है।
एसीपी कैंट अभय प्रताप मल्ल ने बताया कि कई बार अक्षत से इंस्पेक्टर आशियाना छत्रपाल सिंह व पुलिस टीम ने पूछताछ की। पूछताछ में अक्षत ने पुरानी बात फिर दोहराई। बताया कि पापा नीट की तैयारी का दबाव बना रहे थे। वह इसके लिए तैयार नहीं था। क्योंकि उसका पढ़ाई में मन नहीं लग रहा था। इस कारण वह तैयारी नहीं करना चाह रहा था। पापा इस बात से नाराज रहते थे और अक्सर मारपीट करते थे। पिता की हत्या के बाद उसने बहन कृति को डरा धमकाकर कमरे में बंद कर दिया था।
पिता की हत्या के बाद उसने ब्लिंकिट से आनलाइन दो चाकू मंगवाई थी। 20 फरवरी को दिन में जब बहन परीक्षा देने चली गई तो वह भी बाहर निकला। आरी और ड्रम खरीदकर लाया। पिता के हाथ पैर काटे। धड़ ड्रम में भर दिया और हाथ पैर एक बैग में रखकर कार में रखे। फिर वह और खून से सने कपड़े सदरौना ने नहर के पास झाड़ियों में छुपा आया था। शरीर के कटे हुए अंग बरामद कर लिए गए हैं।
पुलिस के अनुसार क्योंकि ड्रम में पूरा शव नहीं रख पाया था इसलिए उसने अलग-अलग टुकड़ों में फेंका था। उसने ड्रम समेत धड़ को सदरौना नहर में फेंकने की योजना बनाई थी, लेकिन ड्रम कार में रख नहीं सका था। इंस्पेक्टर छत्रपाल सिंह के मुताबिक मानवेंद्र के भाई से गुरुवार को पूछताछ की जाएगी।
अक्षत ने पिता के शरीर के किए थे छह टुकड़े
पोस्टमार्टम हाउस से बुधवार सुबह परिवारीजन मानवेंद्र का शव लेकर बंगला बाजार घर पहुंचे। वहां शव कुछ देर रोका गया। परिवारीजन और रिश्तेदार बड़ी संख्या में मौजूद रहें। इसके बाद अर्थी उठी और शव बैकुंठ धाम लाया गया। यहां भतीजे कृत प्रताप सिंह ने मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार किया। अंतिम संस्कार में मानवेंद्र के पिता नहीं शामिल हुए। परिवारीजनों का कहना है कि उनके यहां पिता न तो बेटे की अर्थी को कंधा देते हैं और न ही अंत्येष्टि में शामिल होते हैं।
बहन से बोला, ध्यान रखना
जेल जाने से पूर्व अक्षत ने पुलिस से कहा कि एक बार बहन से मिला दीजिए। आशियाना पुलिस परीक्षा देकर स्कूल से लौटी उसकी बहन को करीब 12 बजे थाने लेकर पहुंची। थाने में पुलिस ने बहन से पूछताछ की। पुलिस ने उसे अक्षत से मिलवाया। अक्षत ने बहन से कहा कि अपना ख्याल रखना।
यह हुई है बरामदगी
एक राइफल, तीन खोखा कारतूस, एक जिंदा, एक कारतूस की पेटी, सूती कपड़ा सादा खून के धब्बे लगे, दो आरी ब्लेड, नीला ड्रम, दो चाकू, एक रजाई खून लगी हुई, एक कालीन, दो चादर, एक पोटली कपड़े व बुलेट का टुकड़ा बरामद किया गया है।




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