कौन है पुलिस एनकाउंटर में मारा गया मोंटी? कई जिलों में दहशत, एक्सपोर्टर से मांगे थे 5 करोड़
मुरादाबाद पुलिस और एसटीएफ के साथ एनकाउंटर में मारा गया शार्प शूटर आशु चड्ढा उर्फ मोंटी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। उसके खिलाफ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में हत्या, लूट और रंगदारी के 36 मामले दर्ज थे।

UP News: मुराबाद में बुधवार की देररात पुलिस एनकाउंटर में मुठभेड़ में ढेर किए गए कुख्यात शार्प शूटर आशु चड्ढा उर्फ मोंटी का आपराधिक इतिहास बेहद लंबा और खौफनाक रहा है। उसके खिलाफ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में हत्या, लूट, रंगदारी और गैंग एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में कुल 36 मुकदमे दर्ज थे। पुलिस अभिलेखों के अनुसार, मोंटी के खिलाफ हापुड़, मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर और मुरादाबाद के विभिन्न थानों में केस दर्ज थे। अपराध की दुनिया में उसकी शुरुआत वर्ष 2010 में हापुड़ के हाफिजपुर थाने में दर्ज हत्या के पहले मुकदमे से हुई थी। इसके बाद मेरठ के सरूरपुर, सरधना और दौराला थाना क्षेत्रों में उसके खिलाफ हत्या की साजिश और फायरिंग के कई गंभीर मामले दर्ज हुए। गाजियाबाद के कविनगर, इंदिरापुरम और मुरादनगर थानों में भी उसके खिलाफ लूट और अवैध हथियारों के मामलों में कार्रवाई हुई थी।
हापुड़ के हाफिजपुर, धौलाना, बाबूगढ़ और सिंभावली थानों में भी वह लगातार वारदातों को अंजाम देता रहा। हाल के वर्षों में उस पर गैंग एक्ट और बीएनएस की धाराओं में भी केस दर्ज किए गए थे। वर्ष 2026 में मुरादाबाद के सिविल लाइंस थाने में भी उसके खिलाफ दो मुकदमे दर्ज हुए, जिनमें रंगदारी और आपराधिक षड्यंत्र शामिल थे। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मोंटी लंबे समय से संगठित अपराध का मुख्य चेहरा बना हुआ था और पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती था।
2010 में हत्या के मामले में जेल गया
कुख्यात शार्प शूटर आशु चड्ढा उर्फ मोंटी का अपराध की दुनिया में प्रवेश वर्ष 2010 में हुआ, जब वह हत्या के एक मामले में पहली बार जेल गया था। बताया जाता है कि जेल की सलाखों के पीछे ही उसका संपर्क कुख्यात उधम सिंह गैंग से हुआ, जिसने उसकी पूरी जिंदगी की दिशा ही बदल दी। पुलिस के अनुसार, जेल में गैंग के संपर्क में आने के बाद जब मोंटी जमानत पर रिहा हुआ, तो उसने उसी गिरोह के लिए सक्रिय रूप से काम करना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे वह संगठित अपराध का हिस्सा बन गया और लूट, हत्या व रंगदारी जैसी संगीन वारदातों को अंजाम देने लगा। पुलिस का कहना है कि शुरुआती दौर में ही जुर्म की राह पकड़ने के बाद मोंटी ने इसे ही अपना पेशा बना लिया था। समय के साथ वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश का खौफनाक चेहरा बन गया और दर्जनों गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित रहने लगा।
निर्यातक से 5 करोड़ की रंगदारी और फर्म पर फायरिंग
मुठभेड़ में ढेर हुए कुख्यात शूटर आशु चड्ढा उर्फ मोंटी ने मुरादाबाद के प्रतिष्ठित निर्यातक अरशू ढल से 5 करोड़ की रंगदारी मांगी थी। रंगदारी न देने पर उसने न केवल जान से मारने की धमकी दी, बल्कि निर्यातक की फर्म के बाहर फायरिंग कर सनसनी फैला दी थी। इसी दुस्साहसिक वारदात के बाद एसएसपी सतपाल अंतिल ने मोंटी पर 50 हजार का इनाम घोषित किया था, जिसके बाद एसटीएफ और पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी।
रामगंगा विहार स्थित शुभम ग्रीन विला निवासी अरशू ढल की कांठ रोड पर प्रेमनगर में 'वजीरचंद एक्सपोर्ट' नाम से फर्म है। पुलिस को दी गई रिपोर्ट के अनुसार, 12 मार्च की रात मोंटी ने निर्यातक को व्हाट्सएप कॉल कर गाली-गलौज की। कॉल कटने के बाद उसने मैसेज भेजकर '5 खोखे' (5 करोड़ रुपये) का इंतजाम करने की मांग की। 14 मार्च को उसने दोबारा मैसेज भेजकर धमकाया... तुम आशु उधम को नहीं जानते हो। इसके साथ ही उसने जान से मारने की सीधी धमकी दी थी।
रंगदारी के मैसेज से बात नहीं बनी तो अगले ही दिन बाइक सवार बदमाशों ने खौफ पैदा करने के लिए वजीरचंद एक्सपोर्ट फर्म के गेट पर पहुंचकर ताबड़तोड़ फायरिंग की। इस हमले के बाद गार्ड उमेश की ओर से सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। एसएसपी ने बताया कि रंगदारी और हत्या के प्रयास के इस मामले में मोंटी मुख्य आरोपी के रूप में वांछित चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए सिविल लाइंस पुलिस के साथ एसटीएफ की टीमें लगातार दबिश दे रही थीं, जिसका अंत बुधवार रात मुठभेड़ में उसके खात्मे के साथ हुआ।
मोंटी के पास मिला असलहों का जखीरा
मुरादाबाद, संवाददाता। बुधवार रात मुठभेड़ में मारे गए कुख्यात बदमाश आशु चड्ढा उर्फ मोंटी के पास से पुलिस ने भारी मात्रा में असलहा और अन्य सामान बरामद किया है। बरामदगी से उसके खतरनाक इरादों का अंदाजा लगाया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, मोंटी के पास से एक स्विफ्ट कार, .32 बोर की फैक्ट्री मेड ऑर्डिनेंस पिस्टल, .32 बोर की फैक्ट्री मेड रिवॉल्वर और 12 बोर की फैक्ट्री मेड बंदूक बरामद हुई है। इसके अलावा मौके से भारी मात्रा में खोखा और जिंदा कारतूस भी मिले हैं। पुलिस का कहना है कि बरामद हथियारों की जांच कराई जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनका इस्तेमाल किन-किन घटनाओं में किया गया था।
शार्पशूटर के इशारे पर वजीरचंद फर्म के बाहर फायरिंग करने वाले आखिर कौन!
मुरादाबाद के प्रतिष्ठित निर्यातक फर्म के स्वामी से रंगदारी मांगने वाले शार्प शूटर आशू उर्फ मोंटी का भले ही अंत पुलिस ने कर दिया पर अभी कई सवाल छोड़ दिए। जिन लोगों ने निर्यात फर्म वजीर चंद के बाहर फायरिंग की वह मोंटी के गुर्गे कौन थे। पुलिस इन सभी का कच्चा चिट्ठा निकाल रही है। इससे पूर्व जिन लोगों ने निर्यातक को धमकियां दीं उनसे भी कनेक्शन तलाशा जा रहा है।
मुरादाबाद में बाहर के गैंग ने आकर रंगदारी मांग कर मुरादाबाद पुलिस को चुनौती दी। इस पर पुलिस कप्तान ने गंभीरता से लेकर मामले फील्डिंग सजाई और रंगदारी मांगने वाले ऊधम सिंह गैंग के शार्प शूटर को मुठभेड़ में मार गिराया। इस केस में सिर्फ इस शार्प शूटर के इनकाउंटर से कहानी खत्म नहीं होती। निर्यातक की प्रेम नगर स्थित फर्म पर रंगदारी मांगने और व्हाट्सएप कॉल पर गाली गलौज करने के बाद अलगे दिन कुछ बाइक सवारों को भेज कर फायरिंग कर दहशत भी फैलाई।
पुलिस का मानना है कि इस पूरे प्रकरण में स्थानीय स्तर से कुछ छुटभैये अपराधी भी शामिल हैं। पुलिस उनकी तलाश में भी जुटी है। पूर्व में वजीरचंद के स्वामी को स्थानीय स्तर से भी कुछ छुटभैये बदमाश धमकाते रहे हैं। इस एंगल से भी पुलिस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है। जिन लोगों ने पूर्व में दुस्साहस किया उनके बारे में छानबीन की जा रही है। ऊधम सिंह गैंग के माध्यम से हो सकता स्थानीय स्तर से अपराधियों ने ही संपर्क साध कर रंगदारी तो नहीं मांगी इस पर भी जानकारी जुटाई जा रही है। उन अपराधियों का भी हश्र मोंटी जैसा हो सकता है इसमें कोई अतिशियोक्ति नहीं होगी।
26 मार्च को ही जेल से छूटा गैंग का सरगना
जिस ऊधम सिंह गैंग का मोंटी शार्प शूटर था उसी गैंग का सरगना ऊधम 26 मार्च को उन्नाव जेल से रिहा हुआ है। मेरठ का कुख्यात माफिया और गैंगस्टर उधम सिंह, सरूरपुर थाना क्षेत्र के करनावल गांव का निवासी है। यह योगी सरकार द्वारा जारी माफियाओं की शीर्ष 25 सूची में शामिल है और डी-50 गैंग का सरगना है, जिस पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।




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