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यूपी को मिले 21 नए IAS अधिकारी, अलग-अलग जिलों में तैनाती; देखें लिस्ट

सालों की कड़ी मेहनत, रातों की नींद की कुर्बानी और किताबों के बीच गुजारे अनगिनत घंटों के बाद जब UPSC के फाइनल रिजल्ट में नाम चमकता है तब जिंदगी में अचानक एक नया मोड़ आता है। इसके साथ ही एस्पिरेंट कहे जाने वाले युवा अचानक रातों रात ऑफिसर ट्रेनी बन जाते हैं।

Tue, 7 April 2026 07:06 PMAjay Singh संवाददाता, लखनऊ
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यूपी को मिले 21 नए IAS अधिकारी, अलग-अलग जिलों में तैनाती; देखें लिस्ट

उत्तर प्रदेश को 21 नए आईएएस (प्रशिक्षु) अधिकारी मिले हैं। 2025 बैच के यूपी कैडर के इन प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों को प्रोफेशनल कोर्स फेज-1 की समाप्ति पर जनपद प्रशिक्षण के लिए सहायक मजिस्ट्रेट और सहायक कलेक्टर के रूप में अलग-अलग जिलों में तैनाती दे दी गई है। मंगलवार को उत्तर प्रदेश शासन के संयुक्त सचिव अरुणेश कुमार द्विवेदी द्वारा जारी एक पत्र से इसकी जानकारी मिली। पत्र के अनुसार 17 अप्रैल 2026 को वर्ष 2025 बैच के प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों के प्रोफेशनल कोर्स फेज-1 की समाप्ति पर उन्हें जनपदों में तैनात किया जाएगा।

इसमें शक्ति दुबे को मुरादाबाद, कोमल पुनिया इटावा, आदित्य विक्रम अग्रवाल अयोध्या, मयंक त्रिपाठी कुशीनगर, हेमंत आगरा, संस्कृति द्विवेदी को हरदोई में तैनाती दी गई है। रिया सैनी को वाराणसी, शिवांस सुभाष जगाड़े को बलरामपुर, शिवम सिंह को प्रयागराज, सलोनी गौतम को मथुरा, सिद्धार्थ सिंह को आजमगढ़ में तैनाती मिली है। वहीं श्वेता को लखनऊ, रेखा सियाक को बांदा, आयुष जायसवाल को अलीगढ़, अपूर्वा सिंह को बस्ती, आयुष सैनी को झांसी, मुकुल खंडेलवाल को गोरखपुर, थनीगैयारासन टी को अंबेडकरनगर भेजा गया है। संदीप कुमार को कानपुर नगर, रामभोश सरन को सहारनपुर और विद्यांशु शेखर झा को बाराबंकी में तैनाती दी गई है।

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प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों को राज्य सरकार में योगदान देने के लिए आवश्यक यात्रा, व्यवस्था/ मदद करने के लिए उत्तर प्रदेश शासन कार्मिक विभाग के विशेष सचिव विजय कुमार को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। पत्र के अनुसार 17 अप्रैल 2026 को लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी मसूरी से कार्यमुक्त होने के बाद ये सभी प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी जनपद प्रशिक्षण के लिए आवंटित जनपदों में जिलाधिकारी के सामने अपनी योगदान आख्या प्रस्तुत करेंगे।

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कड़ी मेहनत के बाद पूरा होता है सपना

हर साल लाखों युवा अपनी आंखों में यूपीएससी क्लियर करके देश का अफसर बनने का सपना संजोते हैं। सालों की कड़ी मेहनत, रातों की नींद की कुर्बानी और किताबों के बीच गुजारे अनगिनत घंटों के बाद जब फाइनल रिजल्ट में नाम चमकता है तब जिंदगी में अचानक एक नया मोड़ आता है। इसके साथ ही एस्पिरेंट कहे जाने वाले युवा अचानक रातों रात ऑफिसर ट्रेनी बन जाते हैं लेकिन असली सफर तो इसके बाद शुरू होता है। यह सफर पहाड़ों की रानी मसूरी की ठंडी वदियों में शुरू होता है जहां लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) है। हैप्पी वैली की सर्द हवाओं के बीच, यह सिर्फ एक ट्रेनिंग सेंटर नहीं बल्कि एक ऐसी प्रयोगशाला है जहां देश का भविष्य गढ़ा जाता है। यहां ट्रेनिंग का एक चरण पूरा करने के बाद प्रशिक्षु अधिकारियों की फील्ड में ट्रेनिंग के लिए तैनाती की जाती है।

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