LPG सिलेंडर की बुकिंग के नियम बदले फिर भी बढ़ी परेशानी, बिगड़ा मांग-आपूर्ति का संतुलन
बुकिंग की अवधि जब 21 दिन थी, तब प्रदेश में रोज करीब 10 लाख सिलेंडर बुक हो रहे थे। इसके मुकाबले 9.86 लाख सिलेंडरों की रोजाना सप्लाई हो रही थी। यानी गैस बुक होने से लेकर अगले दिन तक पहुंच जा रही थी। बुकिंग की मियाद 25 दिन होने के बाद 7.69 लाख सिलेंडर बुक हुए हैं।
UP News: एलपीजी गैस सिलेंडर के लिए जगह-जगह मारामारी मची है। जिनके यहां गैस खत्म हो गई या होने जा रही है उनके अलावा वे भी बुकिंग करा रहे हैं जिनको डर है कि आने वाले समय में दिक्कत न हो जाए। ऐसे में लगभग सभी जिलों में गैस एजेंसियों पर लोग पहुंच रहे हैं। बुकिंग के नियम बदलने और सॉफ्टवेयर में दिक्कत के कारण समस्या और बढ़ गई है।
तेल कंपनियों की राज्य समन्वयक इंडियन ऑयल (आईओसी) के अनुसार इस संबंध में सरकार से लगातार सम्पर्क बना हुआ है। आईओसी के डीजीएम मनोज सिरोही ने बताया, शासन स्तर पर इस संबंध में बैठक भी हो चुकी है। वहीं, तेल कंपनी के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि बुकिंग की अवधि जब 21 दिन थी, तब रोजाना प्रदेश में 10 लाख सिलेंडर बुक हो रहे थे। इसके मुकाबले 9.86 लाख सिलेंडरों की रोजाना सप्लाई हो रही थी। यानी गैस बुक होने से लेकर अगले दिन तक पहुंच जा रही थी। बुकिंग की अवधि 25 दिन होने के बाद 7.69 लाख सिलेंडर बुक हुए हैं। इनके मुकाबले 6.8 लाख सिलेंडर आपूर्ति किए गए हैं। बुकिंग से लेकर घर पहुंचने के बीच का फासला 24 घंटे से बढ़कर तीन से पांच दिन हो गया है।
वहीं, सूबे की राजधानी लखनऊ में ज्यादातर गैस एजेंसियों में उपभोक्ताओं की भीड़ उमड़ रही है। इंडेन के उपभोक्ताओं की शिकायत है कि गैस बुकिंग सॉफ्टवेयर में दिक्कत है। इसकी वजह से गैस बुक नहीं हो पा रही है। वहीं, बड़ी संख्या में ऐसे उपभोक्ता जिनको जरूरत नहीं, वे भी बुकिंग करा रहे हैं। ऐसे में मांग और आपूर्ति का संतुलन बिगड़ गया है। दूसरी ओर कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई बंद होने की वजह से कई होटलों ने अपने मेन्यु से कुछ आइटम घटा दिए हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय समेत अन्य शिक्षण संस्थानों को होस्टलों में वैकल्पिक इंतजाम किए जा रहे हैं।
यूपी में अधिकतर जिलों में गैस एजेंसियों और गोदामों पर सुबह से भीड़ लगी रही। बुकिंग के नियम बदलने और समय पर सिलेंडर न मिलने से ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कॉमर्शियल सिलेंडर न मिलने से होटल-रेस्टोरेंट और स्ट्रीट फूड कारोबारी परेशान हैं। प्रशासन का दावा है कि घेरेलू गैस सिलेंडरों की कमी नहीं है लेकिन, ऑनलाइन बुकिंग नहीं होने और केवाईसी कराने के लिए गैस एजेंसियों पर भारी भीड़ पहुंच रही है।
मेरठ में एशिया की प्रमुख सर्राफा मंडी में सिलेंडर के संकट से लौ धीमी पड़ने लगी है। कारोबारियों का कहना है कि यदि जल्द ही कॉमर्शियल गैस की आपू्र्ति सामान्य नहीं हुई तो अगले एक सप्ताह में रेस्टोरेंटों, फास्टफूड-स्ट्रीट फूड का व्यापार 50 फीसदी से कम रह जाएगा। कानपुर में कालाबाजारी के खिलाफ आपूर्ति विभाग ने छापेमारी कर 49 एलपीजी सिलेंडर, रिफिलिंग उपकरण और इलेक्ट्रॉनिक कांटा बरामद किया। ग्वालटोली के इकबाल और फेथफुलगंज के इमरान पर कार्रवाई की गई। मुरादाबाद में कुछ एजेंसियों पर भीड़ मिली तो कुछ पर सामान्य स्थिति रही। प्रयागराज में अत्यधिक बुकिंग के कारण सर्वर डाउन की समस्या रही। जमाखोरों ने इसका फायदा उठाया। जिससे घरेलू गैस सिलेंडर 966 रुपये के बजाए 1350 रुपये में बिके।
गोरखपुर में रसोई गैस की किल्लत की आशंका में गोरखपुर और बस्ती मंडल के जिलों में गैस एजेंसियों पर लंबी लाइन लग रही है। गोरखपुर में बुधवार को रसोई गैस की कालाबाजारी पकड़े जाने पर आशीष गैस इंडेन एजेंसी पीपीगंज और नौसढ़ स्थित कन्हैया इंडेन गैस सर्विस के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। प्रशासन ने दोनों एजेंसी का गोदाम सील कर दिया है। आगरा समेत पूरे ब्रज में रसोई गैस के लिए सुबह से लाइन लग रही है। शाहगंज स्थित विक्रमआदित्य गैस एजेंसी पर शटर गिरने के बाद लोगों ने हंगामा किया। कई एजेंसियों पर बताया गया कि सर्वर फेल होने से बुकिंग में दिक्कत आ रही है। इसी के साथ कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कालाबाजारी शुरू हो गई है। सिलेंडर ढाई-ढाई हजार रुपये तक में बेचा जा रहा है।




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