रसोई गैस सिलेंडर के लिए लंबी लाइन में अचानक होने लगी मारपीट, जीजा-साले की एजेंसी पर पड़ गया छापा
अधिकारियों ने बताया कि पेट्रोलियम पदार्थों का पर्याप्त स्टॉक है। गोरखपुर में पहले की तरह मंगलवार को भी 85 गैस एजेंसियों से 23000 सिलेंडर की डिलीवरी हुई। डीएसओ ने पेट्रोलियम कंपनी के प्रतिनिधियों को प्रतिदिन की सप्लाई और बैकलाग की रिपोर्ट देने को निर्देशित किया। आपूर्ति में कोई दिक्कत नहीं है।

UP News: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष से उपजे पश्चिम एशिया संकट के बीच केंद्र सरकार ने घरेलू रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम (एस्मा) लागू कर दिया है। इसके साथ ही घरेलू एलपीजी उत्पादन में दस फीसदी की वृद्धि का आदेश भी दिया है। सरकार ने दावा किया है देश में कच्चे तेल और गैस की कोई किल्लत नहीं है। इसके बाद भी यूपी के विभिन्न जिलों में बुधवार की सुबह से ही प्रमुख गैस गोदाम और एजेंसियों पर ग्राहकों की लंबी कतार देखने को मिली। इस बीच गोरखपुर के पीपीगंज में एक गैस गोदाम पर सुबह से लगी लंबी लाइन में अचानक मारपीट शुरू हो गई। गैस सिलेंडर लेने के लिए लोग आपस में भिड़ गए। मारपीट होते देख आसपास ही मौजूद पुलिस दौड़ते हुए मौके पर पहुंची और झगड़ा शांत कराया। पुलिस ने मारपीट कर रहे लोगों को पकड़कर सख्त हिदायत भी दी।
वहीं, जिस एजेंसी के गोदाम पर यह मारपीट हुई वहां सिलेंडर ब्लैक करने को लेकर छापा भी पड़ गया। जिला आपूर्ति विभाग की टीम ने पीपीगंज स्थित गैस एजेंसी पर छापा मारा। एक ट्रक को पकड़कर उसे थाने को सुपुर्द किया गया। टीम एजेंसी के स्टॉक का मिलान कर रही है। गोरखपुर के नौसढ़ स्थित एक एजेंसी पर भी सिलेंडर ब्लैक करने के आरोप में ऐक्शन हुआ है। बताया जा रहा है कि पीपीगंज और नौसढ़ गैस एजेंसी के मालिक आपस में जीजा साला हैं।
मंगलवार को भी गोरखपुर के टाउनहाल, बशारतपुर, गोला और सिकरीगंज में गैस एजेंसियों पर ग्राहकों से नोकझोंक हुई थी। गोरखपुर में विभिन्न कंपनियों की 85 एजेंसियों पर घरेलू सिलेंडर के लिए अफरातफरी की स्थिति दिख रही है। पादरी बाजार में फातिमा अस्पताल के पास एक एजेंसी के बाहर मंगलवार को सुबह 6 बजे ही लंबी कतार दिखी। मोहनापुर में संजय कुमार ने बताया कि पांच दिन पहले बुकिंग हुई थी। अभी तक सिलेंडर नहीं पहुंचा। एजेंसी पर कोई कुछ बताने की स्थिति में नहीं है। वहीं, टाउन हाल और बशारतपुर में गैस एजेंसियों पर ग्राहकों और संचालकों में नोकझोंक हो गई। ग्राहक संगीता पांडेय का कहना है कि ऑनलाइन एप से बुकिंग नहीं हो रही है। टोल फ्री नंबर पर भी बुकिंग नहीं हुई। अब एजेंसी पर आए तो बोल रहे हैं कि कंपनी के अधिकारी से बात करें। एजेंसी से कोई बुकिंग नहीं होगी।
ट्रांसपोर्टनगर स्थित एक एजेंसी के गोदाम पर भोर में तीन बजे से ही लोगों की लाइन लगनी शुरू हो गई। करीब 150 मीटर लंबी लाइन में लगे लोग गोदाम खुलने का इंतजार कर रहे थे। महेवा के रहने वाले रवीन्द्र ने बताया कि पांच दिन पहले बुकिंग हुई थी। सिलेंडर नहीं मिला। बताया गया कि गोदाम से मिल जाएगा। इसलिए लाइन में सिलेंडर लेकर इंतजार कर रहे हैं। बिछिया निवासी विजय यादव का कनेक्शन मोहद्दीपुर में है। पूरे दिन ऑनलाइन बुकिंग के लिए परेशान रहे। दोपहर बाद एजेंसी पर पहुंचे तो बताया गया कि तीन मोबाइल नंबर हैं। ट्राई करते रहिए, कभी भी बुकिंग हो सकती है।
रेस्टोरेंट-होटल को कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिलने से संकट
वहीं गोरखपुर में कमर्शियल सिलेंडर की डिलीवरी पर पूरी तरह रोक लगने से होटल, रेस्टोरेंट से लेकर मैरिज हॉल में संकट गहरा गया है। होटल और मैरिज हॉल मालिकों को बुकिंग को लेकर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रमुख होटलों में ऑर्डर रद्द हो रहे हैं। वहीं, कई प्रमुख रेस्टोरेंट आधी क्षमता से चल रहे हैं। बड़े फूड चेन वाले रेस्टोरेंट भी सिलेंडर के संकट से जूझ रहे हैं। वहीं, जहां पीएनजी की सप्लाई है, उन्हें राहत है।
शहर के विजय चौक स्थित शहर के प्रमुख दो रेस्टोरेंट आधी क्षमता से संचालित हो रहे हैं। पुराने ऑर्डर को जहां रद्द किया जा रहा है। वहीं नए ऑर्डर नहीं लिए जा रहे हैं। विजय चौक पर रेस्टोरेंट कारोबारी भीषम चौधरी का कहना है कि जब तक कमर्शियल सिलेंडर बचे हैं, आधी क्षमता से रेस्टोरेंट को संचालित किया जा रहा है। तारामंडल क्षेत्र में रेस्टोरेंट संचालित करने वाले राहुल सिंह का कहना है कि दो से तीन कमर्शियल सिलेंडर की खपत है। अब सिलेंडर खत्म हो गया है। 14 को कैटरिंग का काम है। कैसे सिलेंडर का इंतजाम करें समझ में नहीं आ रहा है।




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