पुराने हाईकोर्ट बिल्डिंग में ठगी का चेंबर खोलकर LLB छात्र ऐसे फंसाता था जाल में, अरेस्ट
यूपी की राजधानी लखनऊ में पुराने हाईकोर्ट बिल्डिंग में ठगी का चेंबर खोलकर LLB छात्र लोगों को जाल में फंसाता था। मेराज और गिरोह के सदस्य खुद को जिला कोर्ट और सचिवालय का अफसर बताकर बेरोजगारों को फंसाते थे।

यूपी की राजधानी लखनऊ में जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर स्थित पुराने हाईकोर्ट की सीएससी बिल्डिंग में विधि द्वितीय वर्ष का छात्र मो. मेराज साथियों संग मिलकर ठगी का चैंबर चला रहा था। मेराज और गिरोह के सदस्य खुद को जिला कोर्ट और सचिवालय का अफसर बताकर बेरोजगारों को फंसाते थे। उन्हें कोर्ट में अर्दली, बाबू बनाने के अलावा पोस्टल विभाग में पोस्टमैन की नौकरी लगवाने का प्रशिक्षण और फर्जी नियुक्तिपत्र देता था। इस तरह उसने नौ बेरोजगारों से 35 लाख से अधिक रुपये ठग लिए। जानकारी होने पर बुधवार को बेरोजागरों ने विरोध किया तो उन्हें स्वास्थ्य भवन चौराहे पर जमकर पीटा। पुलिस पहुंची तो आरोपी भाग निकले, जबकि मेराज को पीड़ितों ने धर दबोचा। वजीरगंज पुलिस जालसाज को पकड़कर थाने ले गई। कड़ाई से हुई पूछताछ और पीड़ियों के बयान से गिरोह का खुलासा हुआ। जालसाजों के पास से फर्जी नियुक्तपत्र, सर्विस बुक और अर्दली व पोस्टमैन की नियुक्तिपत्र बरामद किए गए हैं।
पुलिस उपायुक्त पश्चिमी कमलेश दीक्षित के मुताबिक गिरफ्तार जालसाज मो. मेराज मूल रूप से सुल्तानपुर अमेठी के बल्दीराय का रहने वाला है। वह यहां निरालानगर मछलीमंडी में रहता था। शिया पीजी कॉलेज से एलएलबी द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। उसने साथी प्रदीप चौहान (गिरोह का सरगना), अभिषेक कुमार सिंह, अजय सिंह के साथ जिला एवं सत्र न्यायालय में सीएससी बिल्डिंग में कमरा नंबर 307 में चेंबर बना रखा था। कचहरी में आने वाले क्लाइंट और अन्य लोगों की मदद से बेरोजगारों को फंसाते थे। उन्हें सचिवालय, कोर्ट में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगते थे। प्रशिक्षण देते थे। यहां तक फर्जी दस्तावेज तैयार कर नियुक्तिपत्र भी दे देते थे।
जालसाजों ने इस तरह शिवम गौड़, रंजीत गौड़, अमित कुमार, रजनी, सूरज, राधिका, राहुल कुमार समेत कई अन्य लोगों से 35 लाख रुपये से अधिक की ठगी की। उन्हें चेंबर में ही प्रशिक्षण दिया। कई को नियुक्तिपत्र दे दिया। जब वह ज्वानिंग के लिए कोर्ट और जीपीओ पहुंचे तो पता चला कि फर्जी है। यह सुनते ही दंग रह गए। शिवम गौड़ और इस पर बुधवार देर शाम आक्रोशित होकर चेंबर लौट रहे थे। इस बीच स्वास्थ्य भवन चौराहे पर जालसाज मेराज और उसके साथी मिले।
पीड़ितों ने विरोध किया तो मेराज ने 150-20 साथियों के साथ मिलकर सभी को जमकर पीट दिया। शिवम ने किसी तरह भागकर खुद को बचाया। उसने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दे दी। पुलिस जबतक पहुंची मेराज के अन्य साथी फरार हो चुके थे। पीड़ितों ने मेराज को धर दबोचा। मेराज को लेकर पुलिस टीम वजीरगंज थाने पहुंची। जांच में इंस्पेक्टर राजेश त्रिपाठी को दी गई। पुलिस टीम की पूछताछ में मेराज से कई अहम जानकारियां मिली। शिवम की तहरीर पर मेराज और उसके गिरोह के खिलाफ मुकदमा दर्ज उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। सरगना समेत अन्य की तलाश में पुलिस टीम दबिश दे रही है। पीड़ितों में पांच बलिया और चार बिजनौर जनपद के हैं।
दो हफ्ते की ट्रेनिंग देकर वसूलते थे रुपये :
इंस्पेक्टर वजीरगंज राजेश त्रिपाठी के मुताबिक जालसाज मेराज और उसके साथी बेरोजगारों को दो हफ्ते की ट्रेनिंग देते थे। ट्रेनिंग उसी चेंबर में दी जाती थी। कभी कभार बाहर भी कई स्थानों में ले जाते थे। कोर्ट में काम करने के तौर तरीके बताते थे। इसके बाद उनसे रुपये वसूलकर फर्जी नियुक्तिपत्र थमा देते थे।
पोस्टमैन बनाने के नाम पर वसूले थे पांच लाख :
शिवम गौड़ को जालसाजों ने पोस्टआफिस में पोस्ट मैन बनाने के नाम पर ठगा था। उससे पांच लाख रुपये वसूले थे। शिवम को नियुक्तिपत्र भी दे दिया था। जब वह नियुक्तिपत्र लेकर पोस्ट आफिस पहुंचा तो उसे पता चला कि वह फर्जी है। इसके बाद उसके पैरों तले जमीन खिसक गई।




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