ग्राम पंचायतों में कार्यकाल पूरा हो जाने के बाद प्रधान प्रशासक तो बन गए लेकिन...
UP Panchayat Election: ग्राम पंचायतों में कार्यकाल पूरा हो जाने के बाद प्रधान प्रशासक तो बन गए लेकिन समस्या यह है अभी वर्ष 2026-27 की कार्य योजना अपलोड नहीं हो रही है। कार्ययोजना अपलोड ना होने से कामकाज भी नहीं हो पाएगा।

UP Panchayat Election: यूपी में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल पूरा हो जाने के बाद अभी उन्हें प्रशासक बना दिया गया है और कामकाज करने के लिए कहा गया है लेकिन समस्या यह है अभी वर्ष 2026-27 की कार्य योजना अपलोड नहीं हो रही है। कार्ययोजना अपलोड ना होने से कामकाज भी नहीं हो पाएगा। ऐसी स्थिति में पिछली कार्य योजना के अधूरे काम ही पूरे हो पाएंगे। ऐसे में प्रशासक विकास कार्य किस तरह करेंगे, यह एक बड़ा सवाल है।
पंचायती राज विभाग की ओर से यह व्यवस्था की गई है कि कार्य योजना बनाए जाने के बाद उसको अपलोड किया जाएगा। उसके बाद फिर उस पर कामकाज होगा। वर्तमान वित्तीय वर्ष की कार्य योजना तो मार्च में ही ऑफलाइन तैयार की गई थी लेकिन उसके बाद पोर्टल पर काम न होने के कारण इसको अपलोड नहीं किया जा सका। जब तक यह कार्य योजना अपलोड नहीं होती तब तक नए कामकाज नहीं हो पाएंगे।
इस हिसाब से प्रशासक बने प्रधान जी पुरानी कार्य योजना के जो काम अभी तक नहीं हो पाए हैं उन कामों को ही करेंगे। इसे लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। प्रधान जी प्रशासक तो बन गए हैं लेकिन नई वित्तीय वर्ष में कार्य योजना अपलोड हुए बिना काम कैसे कर पाएंगे। 26 मई को कार्यकाल पूरा हो जाने के बाद प्रधानों को ही प्रशासन बना दिया गया है ताकि कामकाज चलता रहे लेकिन अब कार्ययोजना का मामला सामने आया है। अब प्रधानों को इस बात का इंतजार है कि शासन की ओर से इस समस्या का कोई हल निकाला जाए। बताया जा रहा है कि बैठक में इसके अतिरिक्त कुछ अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विचार किया जाएगा। इसको लेकर चर्चा है।
ग्राम प्रधान संगठन प्रदेश महामंत्री रवीन्द्र दीक्षित ने बताया कि प्रधानों को प्रशासक बना दिया गया है और वे अपना काम करेंगे। इसके लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष की कार्य योजना को अपलोड किए जाने की व्यवस्था की जानी चाहिए । शासन को इस पर गंभीरता से विचार करके ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए जिससे जल्द से जल्द कार्य योजना को अपलोड हो सके, और पंचायतों के कामकाज रुक ना सकें।
पंचायत प्रतिनिधियों से की जाएगी वार्ता
पंचायतों में प्रधानों को प्रशासक बना देने के बाद पंचायती राज विभाग ने छठे वित्त आयोग के संबंध में पंचायत प्रतिनिधियों से वार्ता का निर्णय लिया है । इसमें जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और प्रधानों से बातचीत की जाएगी। शासन की ओर से जो कार्यक्रम घोषित किया गया है उसके अनुसार कानपुर मंडल के जनप्रतिनिधियों को 10 जून को बुलाया गया है । पंचायती राज विभाग के निदेशक की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि इसमें समस्याओं के साथ ही सुधारात्मक सुझावों पर विचार किया जाएगा । पंचायत में नए कर और शुल्क के संबंध में सुझाव लिए जाएंगे। नियमों में संशोधन पर विचार होगा और आय के नए स्रोत के चिन्हीकरण पर भी विचार होगा।
कार्य योजना अभी अपलोड नहीं हुई
जिला पंचायत राज अधिकारी रोहित कुमार ने बताया कि कार्य योजना अभी अपलोड नहीं हुई है। शासन के निर्देशों का इंतजार है और शासन की ओर से जो भी निर्देश आएंगे। उसके अनुरूप कार्यवाही की जाएगी।




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