लायन सफारी टू ताज साइकिल ट्रैक बनाया; लेकिन भाजपा को साइकिल से नफरत, अखिलेश ऐसा क्यों बोले?
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर सपा शासन की विकास परियोजनाओं की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि साइकिल ट्रैक, साइकिल हाईवे और वेलोड्रोम जैसी योजनाएं पर्यावरण व जनस्वास्थ्य के लिए बनाई गई थीं, लेकिन भाजपा सरकार ने उन्हें आगे बढ़ाने के बजाय ठप कर दिया। बीजेपी को साइकिल से इफरत है

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर विकास कार्यों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि सपा की सरकार द्वारा शुरू की गई कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को बर्बाद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार ने पर्यावरण संरक्षण, जनस्वास्थ्य और ईंधन की खपत कम करने के उद्देश्य से प्रदेश में साइकिल ट्रैक और साइकिल हाईवे जैसी महत्वाकांक्षी योजनाएं शुरू की थीं, लेकिन वर्तमान सरकार ने इन योजनाओं को आगे बढ़ाने के बजाय उपेक्षित छोड़ दिया। अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार के दौरान लखनऊ समेत कई शहरों में साइकिल ट्रैक बनाए गए थे ताकि लोगों को पर्यावरण अनुकूल परिवहन के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।
सपा का सिंबल साइकिल, इसलिए बीजेपी को नफरत
इसके अलावा आगरा से इटावा के बीच 207 किलोमीटर लंबा साइकिल हाईवे बनाया गया, जो ताजमहल और इटावा लॉयन सफारी को जोड़ता है। उनका कहना था कि यह परियोजना केवल परिवहन का साधन नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने की एक दूरदर्शी पहल थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार का विकास से "छत्तीस का आंकड़ा" है। उन्होंने कहा कि जिस वेलोड्रोम में साइकिल दौड़नी चाहिए थी, वह पिछले नौ वर्षों से ठहरा हुआ है। भाजपा सरकार ने साइकिलिंग संस्कृति और उससे जुड़ी योजनाओं को बढ़ावा देने के बजाय उन्हें उपेक्षित कर दिया। समाजवादी पार्टी का चुनाव चिह्न साइकिल है। साइकिल को लेकर समाजवादियों का विशेष लगाव है। इसीलिए भाजपा साइकिल से नफरत करती है।
पार्टी के गठन के समय साइकिल को चुनाव चिन्ह अपनाया था
सपा अध्यक्ष ने कहा कि साइकिल केवल उनकी पार्टी का चुनाव चिह्न नहीं है, बल्कि आम आदमी, किसान, मजदूर और पिछड़े वर्गों के संघर्ष और मेहनत का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि समाजवादी पार्टी ने अपने गठन के समय से ही साइकिल को चुनाव चिह्न के रूप में अपनाया था। पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने समाजवादी विचारधारा को आम जनता के जीवन और संघर्ष से जोड़कर देखा था, इसलिए साइकिल इस विचारधारा का सबसे उपयुक्त प्रतीक बनी।
साइकिल समाजवादी आंदोलन की पहचान
अखिलेश यादव ने कहा कि उन्होंने स्वयं भी कई बार साइकिल यात्राओं के माध्यम से जनता से संवाद स्थापित किया और युवाओं के बीच इस प्रतीक को लोकप्रिय बनाया। उन्होंने कहा कि साइकिल और समाजवादी पार्टी का रिश्ता केवल चुनावी पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जनसरोकार, सामाजिक न्याय और आम लोगों की उम्मीदों से जुड़ा हुआ है। यही कारण है कि साइकिल आज भी समाजवादी आंदोलन और पार्टी की सबसे मजबूत पहचान बनी हुई है।




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