LDA वीसी का मोबाइल, सचिव का फेसबुक आईडी हैक, आईएएस-पीसीएस अफसरों को भेजे मैसेज
लखनऊ विकास प्राधिकरण में बड़ा साइबर अटैक हुआ है। वीसी प्रथमेश कुमार का मोबाइल और अपर सचिव का फेसबुक आईडी हैक कर लिया गया। वीसी के नंबर से कई आईएएस और पीसीएस अफसरों से पैसों की मांग की गई।

लखनऊ विकास प्राधिकरण में साइबर अपराधियों ने गजब हमला किया है। वीसी का मोबाइल और अपर सचिव का फेसबुक आईडी हैक कर लिया। उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के मोबाइल नंबर से तमाम आईएएस और पीसीएस अधिकारियों को मैसेज और क्यूआर कोड भेजकर पैसों की मांग शुरू कर दी। किसी से 40 हजार रुपये तो किसी से 20 हजार और 48 हजार रुपये मांग की गई। इसी तरह अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा के नाम का फेसबुक हैक कर परिचियों से रुपये मांगे गए।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि प्राधिकरण के वित्त नियंत्रक दीपक सिंह से वीसी के नाम पर 40 हजार रुपये मांगे गए। मैसेज का लहजा ऐसा था, मानो खुद उपाध्यक्ष किसी तत्काल आवश्यकता के लिए रकम मांग रहे हों। मैसेज में हैकर ने दो दिन बाद रुपए वापस कर देने की भी बात लिखी। हालांकि, जिन अधिकारियों को यह संदेश मिला, वे उपाध्यक्ष की कार्यशैली और व्यवहार से परिचित थे। उन्हें तुरंत शक हुआ कि यह फर्जीवाड़ा है। सतर्कता दिखाते हुए किसी ने भी रकम ट्रांसफर नहीं की और तुरंत इसकी सूचना दी गई।
पुलिस को दी गई सूचना, साइबर टीम सक्रिय
मामले की जानकारी मिलते ही उपाध्यक्ष ने संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार को सूचित किया। सूचना मिलते ही पुलिस की साइबर टीम एलडीए कार्यालय पहुंच गई। देर रात तक मोबाइल नंबर को हैकर के नियंत्रण से मुक्त कराने और डिजिटल ट्रेल खंगालने का काम चलता रहा।
एलडीए सूत्रों के अनुसार, हैकर ने कम समय में कई अधिकारियों को मैसेज भेज दिए थे। हालांकि, समय रहते सतर्कता बरती गई, जिससे आर्थिक नुकसान टल गया। साइबर टीम ने तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी की लोकेशन ट्रेस कर ली है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हैकर छत्तीसगढ़ के जमशेदपुर क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस उसे पकड़ने की कार्रवाई में जुटी है।
एलडीए ने जारी की चेतावनी
प्राधिकरण की ओर से स्पष्ट किया गया है कि उपाध्यक्ष का निजी मोबाइल नंबर (99×××××××6) हैक हो गया है। सभी संबंधित व्यक्तियों से अपील की गई है कि उक्त नंबर से प्राप्त किसी भी कॉल, मैसेज या अन्य संचार पर अगली सूचना तक कोई प्रतिक्रिया न दें। यह घटना बताती है कि साइबर अपराधी अब उच्च पदस्थ अधिकारियों के नाम का इस्तेमाल कर ठगी की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में प्रशासनिक महकमे से लेकर आम जनता तक को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। लखनऊ पुलिस की साइबर सेल मामले की जांच में जुटी है।
परिचितों के फोन से खुली पोल
वहीं अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा को लगातार फोन आने लगे। कॉल करने वालों ने बताया कि फेसबुक पर उनके नाम से मैसेज भेजकर कहा जा रहा है कि “आपका नंबर डिलीट हो गया है, दोबारा भेज दें”। कुछ लोगों से पैसों की भी मांग की गई। शक होने पर लोगों ने फेसबुक पर जवाब देने के बजाय सीधे अपर सचिव को फोन किया। तभी यह स्पष्ट हुआ कि उनके नाम से फर्जी आईडी बनाकर साइबर ठगी की कोशिश की जा रही है।
साइबर जालसाजों की नई चाल
जांच में सामने आया कि किसी हैकर या साइबर ठग ने उनकी प्रोफाइल फोटो और नाम का उपयोग कर डुप्लीकेट फेसबुक अकाउंट तैयार किया। इसी फर्जी आईडी के जरिए परिचितों को मैसेज भेजे जा रहे थे। यह तरीका इन दिनों साइबर अपराधियों द्वारा अपनाई जा रही नई चालों में शामिल है, जिसमें प्रभावशाली पदों पर बैठे लोगों के नाम का दुरुपयोग किया जाता है।
समय रहते दी चेतावनी
मामले की जानकारी मिलते ही अपर सचिव ने अपने सभी परिचितों, एलडीए से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों और आम नागरिकों को सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी आधिकारिक और मूल फेसबुक आईडी सही तरीके से संचालित हो रही है। यदि उनके नाम से किसी भी प्रकार की धनराशि या व्यक्तिगत जानकारी मांगी जाए तो उसे नजरअंदाज करें और तत्काल सूचित करें।




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