यूपी की शिक्षिका ने विदेश में रहकर ली दो महीने की सैलरी, रजिस्टर ने खुल गई पोल; मचा हड़कंप
रजिस्टर में सहायक अध्यापिका के नाम के सामने 25 मार्च से 27 मार्च और 30 मार्च के बीच आकस्मिक अवकाश दर्ज पाया गया। अवकाश दर्ज होने के सम्बन्ध में संस्था के प्रधानाचार्य और लिपिक से पूछे जाने पर उनके द्वारा लिखित रूप से बताया गया कि आकस्मिक अवकाश प्रबंधक ने स्वयं दर्ज किया है।

UP Teacher News: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के एक मदरसे में तैनात एक शिक्षिका विदेश भ्रमण कर रही है। शिक्षिका ने प्रबंधक पिता की मिलीभगत से उसने दो महीना का भी वेतन उठा लिया है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कुशीनगर की जांच में यह मामला उजागर हुआ है। खेल खुलने के बाद से मदरसे में हड़कंप मचा हुआ है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने कुशीनगर के रवींद्रनगरधूस थाने में प्रबंधक और शिक्षिका के तहरीर सौंप केस दर्ज करने को कहा है। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है। माना जा रहा है कि जल्द ही इस मामले में दोनों के खिलाफ केस दर्ज हो जाएगा।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कुशीनगर भरत लाल गोंड ने बीते 13 अप्रैल को तमकुही राज तहसील के एक मदरसे का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के समय उन्होंने शिक्षक और शिक्षणेतर कर्मचारियों की उपस्थिति रजिस्टर का अवलोकन किया। रजिस्टर में एक सहायक अध्यापिका के नाम के सामने 25 मार्च से 27 मार्च और 30 मार्च के बीच आकस्मिक अवकाश दर्ज पाया गया। अवकाश दर्ज होने के सम्बन्ध में संस्था के प्रधानाचार्य और लिपिक से पूछे जाने पर उनके द्वारा लिखित रूप से बताया कि आकस्मिक अवकाश प्रबंधक द्वारा स्वयं दर्ज किया गया है। पता चला कि शिक्षिका विदेश में हैं। अभिलेखों के अवलोकन में सामने आया कि शिक्षिका के पिता ही मदरसे के प्रबंधक हैं।
प्रबंधक ने शिक्षिका का फरवरी और मार्च का वेतन भुगतान के लिए बिल हस्ताक्षर करके भेजने के साथ दो महीने का वेतन भुगतान करा दिया है। जबकि शिक्षिका इस अवधि में विदेश में थी। फर्जीवाड़े की पुष्टि होने पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने रवींद्रनगरधूस थाने में तहरीर सौंप प्रबंधक और उनकी शिक्षिका बेटी के खिलाफ केस दर्ज करते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक रवींद्रनगरधूस सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि तहरीर मिली है। पुलिस जांच कर रही है। शीघ्र इस मामले में केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जायेगी।
मदरसे में तैनात हैं 15 शिक्षक
कुशीनगर के इस मदरसे में कुल 15 शिक्षक तैनात हैं। इसमें करीब साढे पांच सौ बच्चों का नामांकन है। यह मदरसा वर्ष 2015 से एड में आया है तथा शिक्षिका की तैनात वर्ष 2016 में हुई थी। बताया जाता है कि पिता ने बेटी की तैनाती के लिए कुछ समय के लिए किसी दूसरे को प्रबंधक नियुक्त कर दिया था। आरोप है कि तैनाती के कुछ साल बाद खुद प्रबंधक बन गया। मदरसा विनियमावली 2016 के तहत मदरसा प्रबंधक या प्रबंध समिति के किसी भी मेंबर के पुत्र और पुत्री का नियुक्ति उस मदरसे में नहीं हो सकती है। ऐसे में यह पूरी तरह असंवैधानिक है।




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