कानपुर के महफूज ने 3200 करोड़ का फर्जीवाड़ा किया; 6 अरब का टैक्स भी हड़पा, नेटवर्क में और भी नाम
पुलिस की नजर उन बैंककर्मियों पर भी है जो महज 10 मिनट में करोड़ों की रकम निकालकर महफूज और उसके गुर्गों को थमा देते थे। पुलिस इन सबको नोटिस जारी कर तलब करने की तैयारी कर रही है। पुलिस के मुताबिक महफूज और उसके रैकेट में शामिल लोगों ने करीब 3200 करोड़ का गोलमाल किया। यह सब काला धन था।

कानपुर के जाजमऊ के महफूज अली उर्फ पप्पू छुरी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कई बड़े खुलासे किए हैं। पुलिस के मुताबिक महफूज और उसके रैकेट में शामिल लोगों ने करीब 3200 करोड़ का गोलमाल किया। यह सब काला धन था, जो अलग-अलग तरीकों से सफेद किया गया। यही नहीं अलग-अलग व्यवसाय दिखा कर करीब छह अरब रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट भी हड़पा गया। इस पूरे धंधे में कई बड़ी कंपनियां, बैंक अफसर और रसूखदार लोग शामिल हैं। महफूज इस पूरे नेटवर्क की बीच की कड़ी है। इसका मास्टरमाइंड जीएसटी का एक वकील है जो कूटरचित तरीके से फर्जी जीएसटी फर्में तैयार करता था। पुलिस का कहना है कि महफूज ने कई टेनरी, स्लॉटर और स्क्रैप कारोबारियों के नाम
बैंककर्मियों पर भी पुलिस की नजर
जिन्होंने महफूज के खातों में रकम भेजी और नकद रुपये ले लिए। पुलिस की नजर उन बैंककर्मियों पर भी है जो महज 10 मिनट में करोड़ों की रकम निकालकर महफूज और उसके गुर्गों को थमा देते थे। पुलिस इन सबको नोटिस जारी कर तलब करने की तैयारी कर रही है। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि महफूज मूलरूप से गाजीपुर का रहने वाला है। महफूज ने शुरुआत में परचून दुकान खोली। इसके बाद मोबाइल दुकान खोली फिर कोलकाता से शेविंग ब्लेड्स और छुरी लाकर कानपुर में बेचने लगा। यहीं से उसका नाम पप्पू छुरी पड़ा।
घोटाले में जीएसटी वकील का भी नाम
कुछ साल पहले वह जीएसटी के वकील फिरोज खान के संपर्क में आया और गरीबों व अनपढ़ लोगों को सरकारी योजनाओं की मदद दिलाने के नाम पर उनके दस्तावेज ले लेता था। वकील फिरोज इन दस्तावेजों की मदद से फर्जी जीएसटी फर्में और खाते खुलवाता था। शुरुआत में 12 बैंकों के 68 खातों में 1600 करोड़ का लेनदेन पुलिस को मिला था जो बढ़कर अब करीब 3200 करोड़ तक पहुंच गया है। शुरुआती जांच में पुलिस महफूज को ही सरगना मान रही थी लेकिन उसकी गिरफ्तारी के बाद जीएसटी वकील फिरोज खान, टेनरी, स्लॉटर हाउस और स्क्रैप कारोबारियों के नाम सामने आए हैं।
महफूज के 12 बैंकों में 68 खाते मिले
महफूज के जिन 12 बैंकों में 68 खाते मिले हैं, उनसे हर दिन दो से पांच करोड़ रुपये की नियमित नगद निकासी होती थी। पुलिस आयुक्त ने बताया कि इतना पैसा बिना एसटीआर (सस्पीशियस ट्रांजेक्शन रिपोर्ट) के बैंक कैसे देते थे यह जांच का विषय है। पुलिस को इस मामले में बैंकों की भूमिका भी संदिग्ध मिली है।
बेटे के साथ महफूज गया था नेपाल
पुलिस की जांच में सामने आया है कि महफूज हवाला कारोबार से भी जुड़ा रहा है। वह बेटे फैज के साथ एक करोड़ रुपये लेकर नेपाल देने गया था। नेपाल में उसकी रिश्तेदारी है।
पंजाब, बिहार, दिल्ली, यूपी हिमाचल में नेटवर्क
महफूज अवैध लेनदेन के साथ ही फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने के साथ ही हवाला से जुड़ा रहा है। उसका नेटवर्क यूपी के साथ ही पंजाब, बिहार, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश में मिला है। पुलिस आयुक्त ने बताया कि फरारी के दौरान वह कोलकाता के तोशिया में छिपा था। यहां उसकी पत्नी की रिश्तेदारी है।




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