यूपी का नटवरलाल! एक ही पेपर पर दो बैंकों से लोन लिया, फिर मकान किसी और को बेच दिया
गोरखपुर पुलिस जालसाजी के एक अनोखे मामले से हैरान है। यहां एक आदमी ने मकान के एक ही पेपर पर दो बैंक से लोन उठाया और बिना कर्ज चुकाए उसे एक आदमी को बेच दिया। बैंक वाले रिकवरी करने पहुंचे तो हेराफेरी का राज खुला।

गोरखपुर जिला अंतर्गत गीडा क्षेत्र में एक ही मकान पर दो अलग-अलग बैंक दावा कर रहे हैं। दोनों के पास अपने-अपने दस्तावेज भी हैं। एक ही मकान पर दो बैंकों के दावे का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और पूरे प्रकरण की पड़ताल क्षेत्राधिकारी (सीओ) को सौंप दी गई है। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि मकान मालिक ने कथित रूप से एक ही संपत्ति पर दो बार लोन लेकर बाद में उसे बेच भी दिया, जिससे विवाद और गहरा गया है।
जानकारी के मुताबिक, दोनों बैंकों का कहना है कि संबंधित मकान को गिरवी रखकर उनके यहां से ऋण लिया गया था। हैरानी की बात यह है कि दोनों के पास अलग-अलग समय के वैध प्रतीत हो रहे दस्तावेज मौजूद हैं, जिससे यह मामला और उलझ गया है। बताया जा रहा है कि मकान मालिक ने पहले एक बैंक से लोन लिया और उस संपत्ति को गिरवी रखा। इसके बाद कथित रूप से उसी भवन के दस्तावेजों के आधार पर दूसरे बैंक से भी लोन कर्ज ले लिया। इतना ही नहीं, बाद में उस मकान को किसी तीसरे व्यक्ति को बेच भी दिया गया। अब जब दोनों बैंक अपने-अपने बकाये की वसूली के लिए आगे आए, तो एक ही संपत्ति पर दोहरे दावे का खुलासा हुआ, जिसका मालिक कोई तीसरा बन बैठा है।
एक दस्तावेज पर कैसे स्वीकृत हो गया दो बैंकों से ऋण?
इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद दोनों बैंकों के प्रबंधन ने पुलिस से शिकायत की है। पुलिस ने दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। मकान के वर्तमान मालिक ने भी अपना दावा पेश करते हुए कहा है कि उसने वैध तरीके से संपत्ति खरीदी है और उसे इस विवाद की जानकारी नहीं थी। सीओ को सौंपी गई जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर कैसे एक ही मकान के दस्तावेजों के आधार पर दो अलग-अलग बैंकों से ऋण स्वीकृत हो गया। साथ ही यह भी जांच हो रही है कि कहीं इसमें बैंक के कर्मचारियों की लापरवाही या मिलीभगत तो नहीं है। फिलहाल इस मामले ने बैंकिंग प्रक्रिया और संपत्ति के सत्यापन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
जांच के आधार पर कार्रवाई होगी
सीओ गीडा योगेंद्र सिंह का कहना है कि सभी संबंधित पक्षों के दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है। उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




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