युवक की मौत पर बवाल, चौकी इंचार्ज और महिला दरोगाओं समेत कई पुलिस वालों को पीटा, फाड़ी वर्दी
कानपुर में इलाज के दौरान युवक की मौत के बाद 15 घंटे तक चले हाई वोल्टेज हंगामे ने देर रात हिंसक रूप ले लिया। अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाकर शव उठाने से इनकार कर रहे परिजनों को जब पुलिस समझाने पहुंची, तो आक्रोशित महिलाओं और तीमारदारों ने पुलिस टीम पर ही हमला कर दिया।

कानपुर में कल्याणपुर के कैलाश विहार के एक अस्पताल में सोमवार देर शाम बवाल हो गया। अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगा 15 घंटे से शव नहीं उठाने पर समझाने पहुंची पुलिस पर ही महिला के परिजनों ने हमला कर दिया। चौकी इंचार्ज, दो महिला दरोगा और चार सिपाहियों को पीटा। कुछ की वर्दी भी फाड़ दी। ग्लूकोज की बोतल टांगने वाले स्टैंड जैसे मेडिकल उपकरणों से न केवल हमला किया, अस्पताल में तोड़फोड़ की। दो महिला दरोगाओं के उंगलियों में चोट आई है। सूचना पर भारी फोर्स पहुंचा तब हमला करने वाली महिलाओं को खींचकर अस्पताल से बाहर निकाला गया। महिलाओं समेत 10 तीमारदारों को हिरासत में लिया गया है। बवाल की आशंका के चलते पीएसी भी तैनात की गई है।
निजामपुर जिला कन्नौज निवासी विजय बहादुर ने 36 वर्षीय बेटे गौरव सिंह को बवासीर के ऑपरेशन के लिए आवास-विकास एक के कैलाश विहार स्थित जीवन ज्योति हॉस्पिटल में शनिवार को भर्ती कराया था। अस्पताल प्रबंधन ने युवक को एनीमिया का शिकार बताते हुए खून चढ़ाने की बात कही थी। गौरव को अस्पताल में दो यूनिट ब्लड भी चढ़ाया गया था, लेकिन सोमवार तड़के करीब तीन बजे इलाज के दौरान गौरव की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने शव उठाने से इन्कार कर दिया।
देर शाम शव से दुर्गंध उठने पर अस्पताल प्रबंधन ने शाम करीब सात बजे पुलिस को सूचना दी। इस पर पनकी रोड चौकी इंचार्ज विजय मोरल, दरोगा शुचि अग्रवाल, रुचि कुशवाहा समेत चार महिला सिपाहियों के साथ मौके पर पहुंचे। इस बीच पुलिस ने शव उठवाने का प्रयास किया तो भड़की महिलाओं ने चौकी इंचार्ज और दोनों दरोगाओं से मारपीट कर वर्दी फाड़ दी।
इस दौरान महिला सिपाहियों के साथ भी मारपीट की गई। मारपीट में चौकी इंचार्ज और अन्य पुलिसकर्मी घायल हो गए। कल्याणपुर एसीपी आशुतोष कुमार ने बताया कि सुबह से परिजनों को समझने का प्रयास किया जा रहा था लेकिन न तो शव उठने दे रहे थे और न ही किसी कार्रवाई की बात कर रहे थे। शाम को परिजनों ने आक्रोशित होकर पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता कर दी। मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। 10 तीमारदारों को हिरासत में लिया गया है।
दो बार पुलिस गई समझाने पर नहीं माने परिजन
मृतक गौरव सिंह की मौत पर आक्रोशित परिजन 15 घंटे तक शव को अस्पताल में रखे रहे। कंट्रोल रूम की सूचना पर सुबह पहुंची पुलिस परिजनों को समझा नहीं पाई। इस पर वहां पर फोर्स तैनात कर दरोगा लौट आए। शाम को मौके पर पहुंचे एसीपी कल्याणपुर ने भी परिजनों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे। देर शाम अस्पताल प्रबंधन के शव से दुर्गंध आने की सूचना पर चौकी इंचार्ज विपिन मोरल फोर्स के साथ पहुंचे थे।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस हास्पिटल प्रबंधन का पक्ष ले रही थी। आरोप है कि अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे बंद करवाकर पुलिस जबरन शव को उठवाने लगी। इसी बात पर विवाद हुआ। हालांकि कल्याणपुर एसीपी आशुतोष कुमार ने आरोपों को निराधार बताया है।
पैरवी के लिए मंत्रियों के आने लगे फोन
चर्चा है कि कैबिनेट मंत्री, राज्यमंत्री ने हमला करने वाले तीमारदारों की पैरवी में थाने में फोन भी किए। साथ ही उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर भी सख्त कार्रवाई करने की बात कही है। कहा जा रहा कि पुलिस ने थाने में हिरासत में ली गई एक महिला से अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ तहरीर लिखवाई है।




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