डिलीवरी ब्वॉय और ड्राइवर के खाते में मिला 125 करोड़ का ट्रांजेक्शन, 4 बैंक अधिकारी समेत 8 गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस ने एक बड़े साइबर ठगी रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसमें एक डिलीवरी ब्वॉय और ड्राइवर के बैंक खातों से महज 4 महीनों में 125 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेनदेन पाया गया। इस मामले में पुलिस ने 4 बैंक अधिकारियों और 4 अन्य ठगों को गिरफ्तार किया है।

UP News: यूपी के कानपुर में गेमिंग एप से ठगी करने वालों की तलाश में जुटी पुलिस के हत्थे एक बड़ा गिरोह चढ़ गया है। पुलिस ने गुरुवार को साइबर ठगी की सेकेंड लेयर पर काम करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए निजी बैंक के चार अधिकारियों के साथ ही आठ साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक एजेंट और म्यूल एकाउंट मुहैया कराने वाले भी हैं। पकड़े गए आरोपी डिलीवरी ब्वॉय और एक ड्राइवर के खाते से तीन से चार माह में 125 करोड़ रुपये का लेनदेन मिला है।
यह गिरोह डिजिटल अरेस्ट कर लोगों को ऑनलाइन लूटते थे। बैंक अधिकारियों की भूमिका यह थी कि जब भी साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले खातों को फ्रीज करने का मेल आता था तो साइबर ठगों को इसकी सूचना दे देते थे। इसके बाद ठग सारी रकम निकाल लेते थे। इसी जांच के दौरान नवी मुंबई के एक कारोबारी से डिजिटल अरेस्ट कर ठगी की भी पुलिस को पता चला है।
बर्रा पुलिस के पास एनसीआरपी पोर्टल से गुजैनी निवासी शुभम गौड़ के खाते का अलर्ट पहुंचा था। अक्तूबर 2025 में नवीं मुंबई में डिजिटल अरेस्ट कर 58 करोड़ की ठगी का 2.5 करोड़ रुपये उसके खाते में आया था। इसी तरह देश में 17 अन्य जगहों पर हुई साइबर ठगी के रुपये भी शुभम के खाते में आए थे। पुलिस के मुताबिक शुभम से पूछताछ हुई तो पता चला कि उसे खाते की जानकारी ही नहीं है। उसने बताया कि बर्रा सात निवासी राजवीर सिंह यादव उर्फ ओमकार ने 25 लाख रुपये का लोन दिलाने के नाम पर नौबस्ता स्थित फिनो मर्चेंट बैंक में खाता खुलवाया था लेकिन रुपये आने जाने का उसे कोई मैसेज नहीं मिला।
पुलिस ने फिनो बैंक से जानकारी मांगी लेकिन कोई मदद नहीं मिली। शुभम का खाता फ्रीज करने का मेल भेजा लेकिन वह भी नहीं हुआ। इसके बाद बैंककर्मियों की भूमिका पर शक हुआ। सीडीआर निकाली गई तो पता चला कि जिन खातों को फ्रीज करने का मेल भेजा गया है, उन खाताधारकों को बैंककर्मियों ने सूचना दे दी। इसके बाद खातों से लाखों रुपये निकल गए।
इसके बाद पुलिस ने सीएसबी बैंक स्वरूपनगर के ब्रांच मैनेजर गुजैनी निवासी अमित कुमार, यूनिटी स्मॉल बैंक फाइनेंस स्वरूपनगर के रिलेशनशिप मैनेजर कल्याणपुर निवासी आशीष कुमार, एक्सिस बैंक कन्नौज के ऑपरेशनल हेड बहराइच जरबल रोड निवासी धर्मेंद्र सिंह, एक्सिस बैंक कन्नौज के डिप्टी मैनेजर रसूलाबाद निवासी अमित सिंह, बर्रा वरुण विहार निवासी एजेंट तनिष गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया।
इनके साथ ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी में डिलीवरी ब्वॉय गुजैनी निवासी सोनू शर्मा और ड्राइवर सतीश पांडेय, गोविंदनगर के टैटू मास्टर साहिल विश्वकर्मा को भी पकड़ा गया। इनके नाम पर खाते मिले हैं। सोनू के खाते से 67 करोड़ और सतीश के खाते से 53 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन तीन से चार माह में मिला है।
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल के अनुसार गेमिंग एप से साइबर ठगी करने वालों की तलाश करते हुए इस गिरोह का खुलासा किया गया है। यह गिरोह फर्जी खाते खुलवाने का काम करता है। पहली बार इसमें बैंकों की मिलीभगत सामने आई है। चार बैंक अधिकारियों समेत आठ लोगों को जेल भेजा गया है। जांच अभी चल रही है।




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