पीएम की अपील का असर, लग्जरी कार छोड़ ई-रिक्शा से ब्लॉक पहुंचे प्रमुख
Kannauj News - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जा संरक्षण के आह्वान का असर कन्नौज में देखने को मिला। ब्लॉक प्रमुख रामू कठेरिया ने ई-रिक्शा से कार्यालय पहुंचकर ग्रामीणों को ईंधन संरक्षण के लिए जागरूक किया। उन्होंने छोटे प्रयासों के महत्व पर जोर दिया। पुलिस प्रशासन ने भी डिजिटल तकनीक अपनाकर संसाधन बचाने की पहल की।
कन्नौज, संवाददाता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जा संरक्षण और ई-मोबिलिटी के आह्वान का असर अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। गुरुवार को सदर ब्लॉक प्रमुख रामू कठेरिया अपनी लग्जरी कार को घर छोड़कर ई-रिक्शा पर सवार होकर ब्लॉक कार्यालय पहुंचे। यही नहीं ब्लॉक प्रमुख ई-रिक्शा के बाद बाइक से ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर जन-समस्याएं सुनीं। खजुआं और सहिल्लापुर जैसे गांवों में लगी चौपालों में ग्रामीणों ने न केवल अपनी शिकायतें रखीं, बल्कि ईंधन संरक्षण के प्रति संकल्प भी लिया। प्रमुख ने ग्रामीणों को समझाया कि छोटे-छोटे प्रयासों, जैसे कम दूरी के लिए पैदल चलना या ई-साइकिल का प्रयोग करना, से हम देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना सकते हैं।
जिला प्रशासन की इस सक्रियता से स्थानीय स्तर पर ई-वाहनों की मांग बढ़ने की उम्मीद है।
ई-वाहनों को बढ़ावा
खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसी संकट को भांपते हुए केंद्र सरकार डीजल-पेट्रोल की खपत कम करने और ई-वाहनों को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। ब्लॉक प्रमुख ने न केवल खुद ई-रिक्शा का चुनाव किया, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों महमूदापुर गोवा, सतौरा, लोहमढ़, और भिदासिन में चौपाल लगाकर ग्रामीणों को भी जागरूक किया। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि आने वाला समय ई-वाहनों का है और अपनी जेब के साथ-साथ देश की अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए हमें ईंधन की निर्भरता घटानी होगी। वहीं अधिकरियों ने भी लोगों से ई-वाहनों को प्राथमिकता देने की अपील की है। यह पहल दिखाती है कि अगर जन प्रतिनिधि बदलाव की शुरुआत करें, तो वह जन आंदोलन बन जाता है।
अपराध नियंत्रण पर डिजिटल प्रहार
ईंधन बचाने की मुहिम के साथ-साथ पुलिस प्रशासन भी आधुनिक तकनीक को अपनाकर संसाधन बचा रहा है। पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले की अपराध समीक्षा बैठक की। इस डिजिटल पहल का दोहरा लाभ हुआ: एक ओर फील्ड अधिकारियों को मुख्यालय आने-जाने की जरूरत नहीं पड़ी, जिससे सरकारी वाहनों के डीजल की बचत हुई, तो दूसरी ओर समय की भी बचत हुई। एसपी ने निर्देशित किया कि अपराधी और अपराध पर नकेल कसने के लिए तकनीक का अधिकतम प्रयोग करें।
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