पीएम की अपील के बाद नालंदा में घटी पेट्रोल-डीजल की खपत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद नालंदा जिले में पेट्रोल और डीजल की खपत में कमी आई है। निजी वाहनों के उपयोग में कमी और अनावश्यक यात्राओं से बचने के कारण पेट्रोल की मांग में 2-3% की गिरावट आई है। सीएनजी वाहनों की संख्या में भी वृद्धि हुई है।

पीएम की अपील के बाद नालंदा में घटी पेट्रोल-डीजल की खपत अनावश्यक वाहन उपयोग कम होने से तेल बिक्री पर दिखने लगा असर पेट्रोल पंप संचालकों ने कहा- पिछले दिनों की तुलना में मांग में आई कमी सीएनजी वाहनों की बढ़ती जा रही संख्या फोटो: सीएनजी: बिहारशरीफ बायपास स्थित पेट्रोल पंप पर सीएनजी भरवाने के लिए कतार में खड़े वाहन। बिहारशरीफ, निज संवाददाता। पेट्रोल और डीजल की बचत को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का असर अब नालंदा जिले में भी दिखाई देने लगा है।
पेट्रोल और डीजल की खपत में कमी
तेल कंपनियों और पेट्रोल पंप संचालकों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में जिले में ईंधन की खपत में हल्की गिरावट दर्ज की गयी है। खासकर निजी वाहनों के उपयोग में कमी और अनावश्यक यात्राओं से बचने के कारण पेट्रोल की मांग पहले की तुलना में दो से तीन फीसदी की कमी आयी है। इक्का दुक्का को छोड़कर जिले में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कंपनियों के डिपो से जुड़े पेट्रोल पंपों पर रोजाना मांग के अनुसार ईंधन की आपूर्ति हो रही है। पहले सामान्य दिनों में जिले में प्रतिदिन औसतन 3.00 से 3.25 लाख लीटर पेट्रोल और करीब 4.25 लाख लीटर डीजल की खपत होती थी। अब इसमें दो से तीन फीसद तक की कमी देखी जा रही है। पेट्रोल पंप संचालक अतुल कुमार, विकास कुमार व अन्य ने बताया कि वर्तमान में प्रतिदिन पेट्रोल की बिक्री घटकर लगभग पौने तीन लाख लीटर के आसपास पहुंच गयी है, जबकि डीजल की खपत भी घटकर करीब 4.10 लाख लीटर प्रतिदिन रह गयी है। हालांकि कृषि कार्य और मालवाहक वाहनों की आवाजाही के कारण डीजल की मांग में बहुत अधिक गिरावट नहीं आयी है। बिहारशरीफ, राजगीर, हिलसा और हरनौत क्षेत्र के कई पेट्रोल पंप संचालकों ने बताया कि आम लोगों ने अब छोटी दूरी के लिए निजी वाहनों के बजाय साझा साधनों और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बढ़ाया है।
सरकारी विभागों के निर्देश
वहीं कई सरकारी विभागों में भी अनावश्यक वाहन उपयोग कम करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका सीधा असर ईंधन बिक्री पर पड़ा है। तेल कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि पहले सुबह और शाम के समय पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें दिखाई देती थीं, लेकिन अब भीड़ कुछ कम हुई है। खासकर बाइक और निजी कारों की रिफिलिंग में गिरावट दर्ज की गयी है। सड़कों व सीएनजी वाहनों की संख्या में भी हाल के छह माह में काफी इजाफा हुआ है। इस कारण अब सीएनजी वाले पेट्रोल पंपों पर गैस भराने वाले वाहनों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। बिहारशरीफ बायपास स्थित पेट्रोल पंप पर सीएनजी के चार नोजल रहने के बावजूद वाहनों को संध्या में गैस भरवाने में 30 से 40 मिनट तक लग रहे हैं। इसका सीधा असर पेट्रोल व डीजल की खपत पर पड़ रहा है। हिन्दुस्तान पेट्रोलियम के एरिया मैनेजर रोहित कुमार ने बताया कि फिलहाल आपूर्ति सामान्य है, लेकिन मांग में हल्की कमी जरूर आयी है। उन्होंने लोगों से अनावश्यक वाहनों को न चलाने की अपील की है। ताकि, अधिक से अधिक पेट्रोलियम पदार्थों को बचाया जा सके। कहा कि इससे चालकों को भी फायदा होगा।
पर्यावरण को होगा लाभ
ईंधन बचाने से पर्यावरण को भी होगा लाभ: परिवहन विशेषज्ञ संजय कुमार व अन्य का मानना है कि यदि लोग नियमित रूप से ईंधन बचत के उपाय अपनाते हैं, तो इससे आर्थिक बचत के साथ पर्यावरण को भी लाभ होगा। कम ईंधन खपत से प्रदूषण और ट्रैफिक दबाव में भी कमी आएगी। जिले में फिलहाल तेल कंपनियां खपत के आंकड़ों पर लगातार नजर रखे हुए हैं। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि ईंधन बचत का यह असर अस्थायी है या फिर लोगों की आदतों में स्थायी बदलाव की शुरुआत। (बिहारशरीफ से कुमार कौशलेंद्र)
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