पीएम की अपील पर बांका जिला जज व अन्य न्यायिक पदाधिकारी साईकिल चलाकर पहुंचे न्यायालय
पेज तीन की लीडपेज तीन की लीड आम लोगों को ईंधन बचत का दिया संदेश पदाधिकारियों के बॉडीगार्ड भी साइकिल से ही पहुंचे कार्यालय बांका,

बांका, निज संवाददाता। बढ़ते वैश्विक तनाव और संभावित फ्यूल क्राइसिस को लेकर देशभर में ऊर्जा संरक्षण की चर्चा तेज हो गई है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील से प्रेरित होकर बांका जिला न्यायालय में एक अनोखी पहल देखने को मिली।
साइकिल यात्रा का आयोजन
गुरूवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सत्यभूषण आर्य के नेतृत्व में न्यायिक पदाधिकारियों का पूरा दल अपने आवास से साइकिल पर सवार होकर अपने कार्यालय पहुंचे और आम लोगों को ईंधन बचत का संदेश दिया। इस अवसर पर प्रधान जिला जज सत्यभूषण आर्य ने कहा कि वर्तमान समय में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फ्यूल संकट की आशंका बढ़ गई है। ऐसे में प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी बनती है कि वह अपने स्तर से ईंधन की बचत करे और देशहित में योगदान दे।
स्वावलंबन की दिशा में कदम
उन्होंने कहा कि यदि भारत आज से ही स्वावलंबन की दिशा में ठोस कदम बढ़ाता है, तो भविष्य में किसी भी वैश्विक संकट का सामना मजबूती से कर सकेगा। साइकिल यात्रा के माध्यम से न्यायिक पदाधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा बचत और स्वस्थ जीवनशैली का भी संदेश दिया। प्रधान जिला जज सत्यभूषण आर्य ने अपने विजयनगर मुहल्ले स्थित आवास से सिविल कोर्ट परिसर तक की दूरी साइकिल से तय की, इस दौरान उनके साथ प्रिंसिपल जज फैमिली कोर्ट धर्मेंद्र झा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश अतुल्वीर सिंह, माधवेंद्र कुमार, एसीजेएम शाहनवाज आलम, जेएम नवनीत कुमार, भावेश कुमार समेत कई अन्य कोर्ट कर्मी जीआर क्लर्क नीरज कुमार, संतोष कुमार, कृष्णा पांडे सहित सभी जजों के बॉडीगार्ड ने भी साइकिल से ही कोर्ट तक की दूरी तय की।
आदतों में बदलाव की अपील
साइक्लिंग कर कोर्ट पहुंचे पीडीजे सत्यभूषण आर्य ने आमलोगों से अपील करते हुए कहा कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव कर ईंधन की खपत कम की जा सकती है। अनावश्यक वाहन उपयोग से बचें, छोटी दूरी के लिए साइकिल या पैदल चलने की आदत अपनाएं तथा ऊर्जा संरक्षण को जनआंदोलन बनाएं। साइकिल चलाने की आदत से ऊर्जा और इंधन संरक्षण के साथ साथ शारीरिक तंदुरुस्ती भी बनी रहेगी। साथ ही देश के विकास में भी अपना योगदान सुनिश्चित कर सकेंगे। शाम 5 बजे कोर्ट का काम खत्म करने के बाद भी सभी न्यायिक पदाधिकारियों ने वापस साइकिल से ही एकसाथ अपने अपने आवास का सफर तय किया।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से विचार
इस दौरान सबों ने यह पूछे जाने पर कि कबतक यह सिलसिला चलेगा, कहा कि प्रधान जिला जज अपने सभी साथी न्यायिक पदाधिकारियों से बातचीत करेंगे क्योंकि सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी कई मायनों में परहेज और लापरवाही बरतनी नहीं चाहिए, इसलिए फिलहाल यह तय नहीं किया गया है कि आगे कितने दिनों तक वे सभी साइकिल से कोर्ट रूम के कार्यालय तक सुनवाई करने पहुंचेंगे।
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