jo is paap ke bhagidar hain cm yogi lashed out at the opposition over the women s reservation bill जो इस पाप के भागीदार हैं...महिला आरक्षण बिल न पास होने देने को लेकर विपक्ष पर गरजे सीएम योगी, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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जो इस पाप के भागीदार हैं...महिला आरक्षण बिल न पास होने देने को लेकर विपक्ष पर गरजे सीएम योगी

रविवार को सीएम योगी लखनऊ में विपक्ष पर जमकर गरजे। प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद रहीं केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने भी विपक्ष पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। सीएम ने कहा कि विपक्ष के नारी विरोधी मानसिकता से समाज में भारी आक्रोश है। वे प्रधानमंत्री के कदम को रोकने के लिए षडयंत्र करते हैं।

Sun, 19 April 2026 01:01 PMAjay Singh संवाददाता, लखनऊ
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जो इस पाप के भागीदार हैं...महिला आरक्षण बिल न पास होने देने को लेकर विपक्ष पर गरजे सीएम योगी

UP News: महिला आरक्षण बिल के संसद में पारित न होने देने के लिए रविवार को सीएम योगी आदित्यनाथ लखनऊ में विपक्ष पर जमकर गरजे। प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद रहीं केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने भी विपक्ष पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। सीएम योगी ने कहा कि विपक्ष के नारी विरोधी मानसिकता से समाज में भारी आक्रोश है। पीएम मोदी ने 2014 में जब देश की सत्ता अपने हाथों में ली थी तब ही स्पष्ट किया था कि चार ही जातियां हैं- नारी, गरीब, युवा और किसान। यह भारत को कमजोर करने की नीयत से जातिवाद ने नाम पर अपने परिवार का पोषण करने और जनता को लूटने वालों के लिए चुनौती और चेतावनी थी। इसलिए कांग्रेस और उनके पार्टनर हमेशा प्रगतिवादी कदम का विरोध करते रहे। सपा, आरजेडी, कांग्रेस, टीएमसी और डीएमके और जो अन्य दल इस पाप के भागीदार थे, उन्हें लोगों ने देखा कि प्रधानमंत्री के कदम को रोकने के लिए किस हद तक षडयंत्र करते हैं।

सीएम योगी ने कहा कि महिला संगठनों ने 2034 के बजाय 2029 में महिला आरक्षण लागू करने की मांग की। सरकार विशेष अधिवेशन भी लेकर आई। कुछ राज्यों ने उनके हक को कम करने की चिंता जताई थी। प्रधानमंत्री के तय लिया था किसी का हक न मारा जाए इसलिए आरक्षण की सीटें बढ़ाने का तय किया था। 2011 की जनगणना के मुताबिक उत्तर और दक्षिण के राज्यों में सीटें बढ़नी थीं। लेकिन जो दृश्य सदन के अंदर इंडी गठबंधन का रहा है, वह पूरी तरीके से उस दृश्य की तरह था, जैसे द्रौपदी के चीरहरण का था। अगर यह काम सर्वसम्मति से होता तो पूरे सदन को श्रेय मिलता। नारी को उसका स्वाभाविक अधिकार मिलता। लोगों ने न जाने क्या क्या बात कही। सपा ने मुस्लिम आरक्षण की बात कही। ये संविधान की दुहाई देते हैं लेकिन आचरण बाबा साहब की भावनाओं के प्रतिकूल रहा। संविधान में इस पर (मुस्लिम आरक्षण पर) चर्चा हुई थी। सर्वसम्मति से इसे खारिज किया गया था। बाबा साहब ने कहा था कि देश ने एक बार विभाजन देखा, दूसरा नहीं देखेगा। जब मुस्लिम महिलाओं की बात करते हैं। तब कहां थे जब शाहबानो प्रकरण में कांग्रेस वह कृत्य किया था। प्रधानमंत्री ने ट्रिपल तलाक पर प्रतिबंध लगाया। उस कानून का भी कांग्रेस और इंडी गठबंधन के सहयोगियों ने विरोध किया था। सबसे ज्यादा समय के लिए कांग्रेस को सबसे ज्यादा शासन करने का अवसर मिला। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा बताई गई चार जातियों के लिए उन्होंने कुछ नहीं किया।

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प्रधानमंत्री मोदी ने नारी शक्ति के लिए कई प्रयास किए। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का प्रस्ताव पास किया और इसे लागू किया। मातृ शक्ति वंदना कार्यक्रम शुरू किया गया। हमने कन्या सुमंगला योजना चलाई। बेटी के पैदा होते ही निश्चित राशि उसके खाते में भेजी जाती है। एक साल, पांचवीं क्लास, छठी क्लास में दाखिला, आठवीं पास होने पर राशि उसके खाते में भेजी जाती है। 26 लाख बेटियां लाभान्वित हो रही हैं। आवास न होने पर सबसे ज्यादा पीड़ित होती है महिला, उज्ज्वला कनेक्शन नहीं था तो केरोसिन और लकड़ी से भोजन बनाने को महिलाएं मजबूर थीं। आंखें खराब होती थीं, फेफड़े भी खराब होते थे। शौचालय न होने से महिलाएं बीमार होती थीं। स्वच्छ भारत मिशन से इंसेफलाइटिस होता था। प्रधानमंत्री आवास से 65 लाख को लाभ मिला। उज्ज्वला कनेक्शन से 11 करोड़ परिवार लाभान्वित हुए हैं। घरौनी योजना के तहत एक करोड़ परिवारों को मकान के अभिलेख दिए गए। यूपी में 10 करोड़ लोग आयुष्मान योजना का लाभ पा रहे हैं। घर में कोई भी बीमार होता था, परेशान महिला होती थी। अपने जेवर गिरवी करके इलाज करवाती थी। अब वह 5 लाख के बीमा से कवर है।

सीएम योगी ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना चल रही है। इसके तहत एक लाख की आर्थिक सहायता दी जाती है। 1.06 करोड़ सामाजिक पेंशन दी जा रही है। यूपी में नौ लाख भर्तियां हुईं जिनमें पौने दो लाख बेटियां थीं। पहले यूपी पुलिस में केवल 10 हजार महिला पुलिस थीं। अब 44 हजार हैं। एक करोड़ से ज्यादा महिलाएं आर्थिक स्वावलंबन का लाभ ले रही हैं। दुग्ध उत्पादन के अनुकरणीय उदाहरण सामने आ रहे हैं। 96 लाख एमएसएमई इकाई काम कर रहीं। आधी महिलाओं की हैं। आधे स्टार्टअप नारी शक्ति के हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, डिफेंस, टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में महिलाओं की संख्या बढ़ी है। सीएम योगी ने कहा कि संसद में अब सबसे ज्यादा महिलाएं- 15% हैं। प्रधानमंत्री मोदी इस संख्या को 50% तक ले जाना चाहते हैं। कांग्रेस, सपा, टीएमसी, डीएमके इसमें बाधक हुए। विपक्ष के पास अपने पाप को धोने का अवसर था। ये चाहते हैं कि सब कुछ इन्हें मिले, इनके परिवार को मिले, किसी नारी को नहीं, किसी बेटी को नहीं। इसी लिए ये संसद में बाधक बनते हैं।

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सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों के लिए उत्तर प्रदेश उनका अभिनंदन करता है। पूरा यूपी आधी आबादी के साथ खड़ा है। धरना प्रदर्शन आदि के कार्यक्रम लोकतांत्रिक तरह से चल रहे हैं। इंडी गठबंधन को नारी शक्ति से माफी मांगनी चाहिए। उनका आचरण महिला विरोधी और महिलाओं की प्रगति को अवरुद्ध करने का है।

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