मानो एक युग का अंत हो गया हो... मिट्टी का पुराना घर देख राजा भैया को याद आए पुराने दिन, फोटो शेयर किया
कुंड़ा से बाहुबली विधायक और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया पर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया। जिसमें उन्होने अपने पुराने मिट्टी वाले घर की फोटो शेयर की। और लिखा मानो एक युग का अंत हो गया है। मेरा सबसे प्यारा घर।

यूपी के प्रतापगढ़ की कुंडा विधानसभा सीट से बाहुबली विधायक और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए अपने गांव के एक पुराने मिट्टी के घर को लेकर यादें ताजा कीं। उन्होंने लिखा कि यह घर पूरे इलाके में सबसे प्रिय था और हर बार वहां से गुजरते हुए वे रुककर उसे निहारते थे। राजा भैया ने बताया कि अब उस पुराने कच्चे घर को तोड़कर उसकी जगह पक्की इमारत बनाई जा रही है, जिसे देखकर उन्हें गहरा दुख हुआ। उन्होंने इसे एक युग के अंत जैसा बताया।
राजा भैया ने पुराने घर की फोटो शेयर की
पोस्ट में उन्होंने कहा कि भले ही मिट्टी के घर धीरे-धीरे इतिहास बनते जा रहे हैं, लेकिन उनसे जुड़ी यादें हमेशा दिलों में जिंदा रहेंगी। साथ ही उन्होंने उस पुराने घर की फोटो भी साझा की, जिसने लोगों को अपने गांव और बचपन की यादों से जोड़ दिया। राजा भैया ने पोस्ट में लिखा कि गांव में वो घर हमें बहुत प्रिय लगता था, पूरे इलाके का सबसे प्यारा घर। जब भी हम वहां से गुज़रते, गाड़ी रोककर उसे निहारते थे। आज मैंने उस घर को ढहाते हुए देखा, ताकि उसकी जगह एक पक्की इमारत बनाई जा सके। यह देखकर बहुत दुख हुआ, मानो एक युग का अंत हो गया हो, हमेशा के लिए...मिट्टी के घर भले ही इतिहास में गुम हो रहे हों और उनकी जगह पक्की इमारतें बन रही हों, लेकिन वे हम सबकी मीठी यादों में हमेशा ज़िंदा रहेंगे।
आपको बता दें राजा भैया ने 1993 में पहली बार कुंडा विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव जीतकर राजनीति में कदम रखा। इसके बाद से वे लगातार कई बार इसी सीट से विधायक चुने जाते रहे, जो उनकी मजबूत जनाधार का प्रमाण है। खास बात यह रही कि उन्होंने ज्यादातर चुनाव निर्दलीय ही लड़े और जीते, जो उन्हें अन्य नेताओं से अलग पहचान दिलाता है।
कई सरकारों में मंत्री रहे राजा भैया
वे उत्तर प्रदेश की कई सरकारों में मंत्री भी रहे। कल्याण सिंह, मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव की सरकारों में उन्होंने कैबिनेट मंत्री के रूप में काम किया। वे खाद्य एवं रसद, कारागार और ग्राम्य विकास जैसे महत्वपूर्ण विभाग संभाल चुके हैं। 2018 में उन्होंने अपनी राजनीतिक पार्टी जनसत्ता दल लोकतांत्रिक का गठन किया, जिससे उन्होंने अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान को और मजबूत किया।
हालांकि उनके राजनीतिक जीवन में कई विवाद भी रहे, लेकिन इसके बावजूद कुंडा क्षेत्र में उनकी पकड़ मजबूत बनी रही। समर्थकों के बीच उनकी छवि एक प्रभावशाली और मददगार नेता की रही है। कुल मिलाकर, राजा भैया का सियासी सफर स्वतंत्र राजनीति, क्षेत्रीय प्रभाव और निरंतर जनसमर्थन का अनोखा उदाहरण माना जाता है।




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