SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से राजा भैया की पत्नी-दो बेटियों के नाम गायब, CM योगी से शिकायत
यूपी की कुंडा विधानसभा के विधायक राजा भैया की पत्नी और बेटियों के नाम एसआईआर की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से गायब हैं। इसी जानकारी उनकी बेटी और पत्नी दोनों ने ही सोशल मीडिया पर पोस्ट करके दी। राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सीएम योगी और चुनाव आयोग से इसको लेकर शिकायत की है।

यूपी की कुंडा विधानसभा के विधायक राजा भैया की पत्नी और बेटियों के नाम एसआईआर की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से गायब हैं। इसी जानकारी उनकी बेटी और पत्नी दोनों ने ही सोशल मीडिया पर पोस्ट करके दी। राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सीएम योगी और चुनाव आयोग से इसको लेकर शिकायत की है।
बताया जा रहा है कि भानवी सिंह और उनकी दोनों बेटियों, राघवी कुमारी व विजय राजेश्वरी कुमारी के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए हैं। भानवी सिंह ने आरोप लगाए हैं कि उनके परिवार के पुरुषों के नाम वोटर लिस्ट में हैं लेकिन महिलाओं के नाम काटे गए हैं।
भानवी सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम वोटर लिस्ट से नहीं कटेगा- इस कथन के बावजूद मेरा तथा मेरी दो बेटियों, राघवी कुमारी एवं विजयराजेश्वरी कुमारी का नाम दबाव में अधिकारियों द्वारा जानबूझकर मतदाता सूची से काट दिया गया है। यह ऐसा निर्णय है जो खुली आँखों से दिखने वाला पक्षपात प्रतीत होता है। यह सर्वविदित है कि मैं भदरी, बेंती परिवार की बहू हूँ। श्री रघुराज प्रताप सिंह मेरे पति हैं और पारिवारिक विवाद के बावजूद मेरा और मेरी बेटियों का परिवार और घर सामाजिक, कानूनी हर दृष्टि से, बेंती कुंडा प्रतापगढ़ ही है। मैं और मेरी बेटियाँ यहाँ की स्थायी निवासी और मतदाता रही हैं। इसके बावजूद हमारे लोकतांत्रिक अधिकार को छीनने का यह प्रयास न केवल पीड़ादायक है, बल्कि चिंताजनक भी है।
क्या एक ही परिवार में पुरुषों का नाम सुरक्षित रखते हुए महिलाओं का नाम काटा जाना न्यायसंगत है? यदि इसी प्रकार मतदाता सूची बनाई जाएगी, तो क्या हम एक निष्पक्ष लोकतांत्रिक व्यवस्था की उम्मीद कर सकते हैं? क्या लोकतंत्र उन अधिकारियों के भरोसे छोड़ा जा सकता है जो ज़मीनी सच्चाई के बजाय पक्षपात, दबाव या मनमाने निर्णय के आधार पर यह तय करें कि कौन मतदाता है और कौन नहीं?
माननीय मुख्यमंत्री जी और माननीय चुनाव आयुक्त आपसे विनम्र आग्रह है कि राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल मेरे लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन के लिए न किया जाये मेरा एवं मेरी बेटियों का नाम तत्काल प्रभाव से मतदाता सूची में पुनः जोड़ा जाए।
भानवी से पहले राजा भैया की बेटी राघवी कुमारी ने भी पोस्ट करके कहा कि मैं कुंडा की दो बार की पंजीकृत मतदाता हूं और मेरी मा 1995 से यहां मतदान कर रही हैं। इसके बावजूद स्थानीय चुनाव अधिकारियों से संपर्क करने पर भी न तो कोई अपडेट मिला, न ही नाम बहाल किए गए। यदि BLO मेरे द्वारा की गई गलती दिखाने के बाद अपनी प्रोफ़ाइल अपडेट कर सकते हैं, तो मेरे आवेदन पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? और आपके अनुसार किस “परिवार के सदस्य” ने सत्यापन लेने से मना किया? कृपया उस व्यक्ति का नाम और सत्यापन की तारीख बताएं, ताकि मैं इस मामले को चुनाव आयोग (New Delhi) तक ले जा सकूं।




साइन इन