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शंकराचार्य के समर्थन में उतरीं राजा भैया की बेटी राघवी, बोलीं- सनातन और आस्था पर चोट स्वीकार नहीं

कुंडा विधायक राजा भैया की बेटी राघवी कुमारी ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में ट्वीट कर इसे सनातन धर्म को बदनाम करने की साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य का पद वेदों की सर्वोच्च आध्यात्मिक परंपरा है और इस पर आघात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Fri, 27 Feb 2026 08:17 AMYogesh Yadav लाइव हिन्दुस्तान
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शंकराचार्य के समर्थन में उतरीं राजा भैया की बेटी राघवी, बोलीं- सनातन और आस्था पर चोट स्वीकार नहीं

उत्तर प्रदेश के बाहुबली नेता और प्रतापगढ़ की कुंडा सीट से विधायक राजा भैया की बेटी राघवी कुमारी भी शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को लेकर चल रहे विवादों पर कूद गई हैं। राघवी ने न केवल शंकराचार्य का पुरजोर समर्थन किया, बल्कि इस विवाद को सनातन परंपरा को कमजोर करने की एक गहरी साजिश करार दिया। राघवी कुमारी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में आज होने वाली सुनवाई से ठीक पहले अपनी बात रखते हुए कहा कि "शंकराचार्य का पद किसी व्यक्ति विशेष तक सीमित नहीं होता। यह चार वेदों की जीवित परंपरा का सबसे उच्च आध्यात्मिक स्थान है।"

शंकराचार्य पर आशुतोष ब्रह्मचारी ने दो किशोरों का यौन शोषण करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। कोर्ट के निर्देश पर पिछले रविवार शंकराचार्य के खिलाफ प्रयागराज में एफआईआर भी दर्ज की गई थी। इसके बाद से मामला सुर्खियों में छाया हुआ है। इसे लेकर शंकराचार्य इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचे हैं। शुक्रवार को शंकराचार्य की अग्रिम जमानत याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है।

राघवी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि शंकराचार्य पद की मर्यादा केवल एक मठ या पीठ की प्रतिष्ठा नहीं है, बल्कि यह पूरे सनातन समाज की पहचान का प्रतीक है। राघवी के अनुसार, जिस तरह से इस पद को विवादों में घसीटने का प्रयास किया जा रहा है, वह करोड़ों हिंदुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ है।

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धार्मिक भावनाओं के सम्मान पर सरकार को घेरा

माघ मेले के दौरान उपजे तनाव और शंकराचार्य से पुलिस की पूछताछ पर चिंता व्यक्त करते हुए राघवी ने राज्य सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने ट्वीट में स्पष्ट किया कि "राज्य की जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं होती, बल्कि धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना और सामाजिक संतुलन बनाना भी सरकार का अनिवार्य कर्तव्य है।" उन्होंने इसे केवल एक व्यक्ति पर लगाया गया 'तथाकथित आरोप' नहीं, बल्कि आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित सनातन आध्यात्मिक परंपरा को कमजोर करने की कोशिश बताया।

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महान परंपरा को बदनाम करने की कोशिश

राघवी ने अपने पोस्ट में कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए लिखा कि सदियों से वेदों की ज्योति जलाने वाली इस महान परंपरा को बदनाम करने की हर कोशिश पहले भी असफल रही है और आगे भी होगी। उन्होंने कहा कि "आस्था पर आघात स्वीकार नहीं किया जा सकता और अंततः सत्य की ही विजय होगी।" उन्होंने न्यायपालिका के प्रति अपना पूर्ण विश्वास जताते हुए अपने संदेश का अंत 'हर हर महादेव' के उद्घोष के साथ किया।

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क्यों चर्चा में है राघवी का यह स्टैंड?

जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की बेटी राघवी सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं। कई मामलों में वह मुखर रही हैं। राजा भैया और उनकी पत्नी भानवी सिंह के साथ चल रहे विवादों में भी अक्सर मां की तरफ से सोशल मीडिया पर मोर्चा भी संभाला है। राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में उन्हें एक प्रखर युवा आवाज के रूप में देखा जा रहा है। राघवी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब शंकराचार्य के खिलाफ हिंदू समाज में तीव्र ध्रुवीकरण देखने को मिल रहा है। राघवी के इस समर्थन ने साफ कर दिया है कि यह मामला अब केवल कानूनी नहीं, बल्कि एक बड़े सामाजिक और राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन रहा है।

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