ISI Handlers Operating WhatsApp from Pakistan Using Indian Phone Numbers NIA to Investigate Matter पाकिस्तान में बैठकर भारत के नंबर से व्हाट्सएप चला रहे आईएसआई हैंडलर, NIA करेगी मामले की जांच, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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पाकिस्तान में बैठकर भारत के नंबर से व्हाट्सएप चला रहे आईएसआई हैंडलर, NIA करेगी मामले की जांच

यूपी एटीएस ने जिस समीर खान को गिरफ्तार किया है, उसने फर्जी आईडी पर कुछ सिम कार्ड एक्टिव किए और इनका कोड पाकिस्तान में शहजाद भट्टी को दिया था। इसके बाद से इन नंबरों का इस्तेमाल पाकिस्तान में किया जा रहा है।

Sat, 25 April 2026 04:19 PMDinesh Rathour मेरठ, प्रमुख संवाददाता
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पाकिस्तान में बैठकर भारत के नंबर से व्हाट्सएप चला रहे आईएसआई हैंडलर, NIA करेगी मामले की जांच

Meerut News: आतंकी घटनाओं को अंजाम देने और बाकी देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए भारत के नंबर पर व्हाट्सएप एक्टिव कर इन्हें पाकिस्तान में आईएसआई के जासूस और हैंडलर चला रहे हैं। यूपी एटीएस ने जिस समीर खान को गिरफ्तार किया है, उसने फर्जी आईडी पर कुछ सिम कार्ड एक्टिव किए और इनका कोड पाकिस्तान में शहजाद भट्टी को दिया था। इसके बाद से इन नंबरों का इस्तेमाल पाकिस्तान में किया जा रहा है। पूर्व में गाजियाबाद में पकड़े गए मॉड्यूल ने भी इरम ने इसी तरह से कुछ नंबर को व्हाट्सएप पर एक्टिव कराकर पाकिस्तान में शहजाद भट्टी और सरदार को कोड दिए थे।

आईएसआई और गैंगस्टर शहजाद भट्टी के लिए काम करने वाले आरोपी समीर खान और तुषार उर्फ हिजबुल्लाह अली से पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है। आरोप है कि समीर ने शहजाद भट्टी और आईएसआई के मेजर के कहने पर दो मोबाइल सिम लिए थे। इन्हें एक्टिव कराया था। इन मोबाइल नंबर से पाकिस्तान में बैठे आईएसआई एजेंट ने अपने यहां व्हाट्सएप शुरू किया। व्हाट्सएप एक्टिव करने के लिए कोड समीर के पास मौजूद मोबाइल नंबर पर आये, जो पाकिस्तान में बैठे साथियों को दे दिए थे। इसके बाद से इन मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप का इस्तेमाल पाकिस्तान में ही किया जा रहा है। यह पहला मामला नहीं है, जब ये काम किया गया है।

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शहजाद भट्टी ने रची थी पूरी साजिश

पूर्व में गाजियाबाद में जिस टेरर मॉड्यूल का खुलासा एटीएस और आईबी ने किया था, उनके साथ मिलकर भी शहजाद भट्टी ने इसी तरह से साजिश की थी। दरअसल, इरम उर्फ महक निवासी संभल को आरोपी शहजाद ने अपने साथ मिलाया था। इसके बाद इरम से कुछ युवतियों के नंबर मांगे थे, ताकि इनकी मदद से हनीट्रैप और जासूसी का नेटवर्क बनाया जा सके। दूसरी ओर, इरम से उनके ही कुछ परिचित के ऐसे नंबर पता किए, जो की-पैड फोन इस्तेमाल करते हैं। इन नंबरों पर पाकिस्तान में व्हाट्सएप शुरू किया गया, जिसे चलाने के लिए कोड इन्हीं नंबर पर आया। इसी कोड को इरम ने शहजाद भट्टी को बताया था। इसके बाद से इन मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप पाकिस्तान में चलाया जा रहा है।

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इसलिए चलाते हैं भारत के नंबर पर व्हाट्सएप

पाकिस्तान के मोबाइल नंबरों को कंट्री कोड +92 है। ऐसे में पाकिस्तान के नंबर से आने वाली कॉल का पता चल जाता है। भारत में एक्टिव नंबर पर पाकिस्तान में व्हाट्सएप चलाकर वहां से कॉल की जाती है तो पता चला नहीं चलता कि नंबर पाकिस्तान में चलाया जा रहा है। इन नंबरों का इस्तेमाल खुफिया एजेंसी से बचने के लिए भी किया जाता है। यह पहला मामला नहीं, जब इस तरह से भारत के नंबरों पर पाकिस्तान में व्हाट्सएप चलाए जा रहे हैं। पूर्व में शामली में गिरफ्तार आतंकी ने भी दो मोबाइल फोन पर पाकिस्तान में व्हाट्सएप एक्टिव कराया था।

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