दादा रहे आजाद हिंद फौज में सिपाही, एटीएस ने तुषार को आतंकी कनेक्शन में पकड़ा
यूपी एटीएस के हत्थे चढ़ा तुषार उर्फ हिजबुल्लाह अली मूलरूप से बागपत के रमाला गांव का रहने वाला है। उसके दादा गोवर्धन सिंह आजाद हिंद फौज में सिपाही रहे थे।

Baghpat News: यूपी एटीएस के हत्थे चढ़ा तुषार उर्फ हिजबुल्लाह अली मूलरूप से बागपत के रमाला गांव का रहने वाला है। उसके दादा गोवर्धन सिंह आजाद हिंद फौज में सिपाही रहे थे। तुषार के पिता शैलेंद्र चौहान प्रॉपर्टी डीलर हैं और परिवार को लेकर दो दशक पहले देहरादून चले गए थे। इसके बाद परिवार मेरठ के कंकरखेड़ा में आकर बस गया। तुषार के ताऊ रविंद्र ने बताया कि शैलेंद्र और तुषार गांव में तीज-त्योहार पर आते-जाते रहते हैं।
बीती 20 फरवरी को उनकी बेटी के निधन पर तुषार आया था। मानसिक असंतुलन के चलते तुषार उलूल-जलूल हरकतें करता रहता है, लेकिन उन्हें ये अहसास बिल्कुल भी नहीं था कि तुषार देश-विरोधी गतिविधियों में शामिल हो सकता है। तुषार ने ओपन बोर्ड से दो बार दसवीं की परीक्षा भी दी। पढ़ाई में ध्यान न होने के कारण उसका नजफगढ़ की क्रिकेट एकेडमी में भी दाखिला कराया था। वहां भी वह अधिक समय नहीं टिक पाया।
ठेके पर दे रखी है खेत की जमीन
रमाला में तुषार के पिता शैलेंद्र चौहान का पैतृक मकान का हिस्सा टूटा फूटा पड़ा है। गांव में उनकी 10 बीघा कृषि भूमि ठेके पर दी हुई हैं। परिजनों के अनुसार कुछ समय पहले तुषार मेरठ में आपत्तिजनक पोस्ट करने के चलते जेल भी गया था। इसके बाद उसने कैसे धर्म परिवर्तन कर लिया, कोई नहीं जानता। ताऊ रविंद्र चौहान ने बताया कि वह मानसिक रूप से बीमार है। वह परिवार के सदस्यों के अलावा गांव के लोगों को भी दांतों से काट चुका है। इतना ही नहीं गली में घूमने वाले कुत्तों तक को वह काट लेता था।
देश सेवा में पूरा परिवार
यदि परिवार की बात करें तुषार के पिता शैलेंद्र चौहान छह भाई हैं। इनमे शैलेंद्र सबसे छोटे हैं। तुषार के बाबा गोवर्धन सिंह आजाद हिंद फौज के सिपाही रहे हैं। तुषार के ताऊ हरेंद्र सिंह, तहेरे भाई विजय, विक्रांत आर्मी में सेवाएं दे चुके हैं। दूसरे ताऊ रविंद्र भी फौज में रह चुके हैं। वहीं तहेरे भाई शरद फौज से सेवानिवृत्त होकर अब पुलिस में हैं। पूरा परिवार सेना में रहकर देश सेवा में लगा हुआ है।
लखनऊ व दिल्ली में संघ कार्यालयों पर होना था हमला
यूपी एटीएस द्वारा नोएडा में गुरुवार को गिरफ्तार किए गए दो संदिग्ध आतंकियों से पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है। दोनों संदिग्ध आतंकियों ने कुबूला है कि उनकी तैयारी लखनऊ व दिल्ली में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के दफ्तरों पर हमला करने की थी। इसके लिए एके-47 व हैंड ग्रेनेड से हमला किया जाना था। एटीएस के सूत्रों ने बताया कि नोएडा में गिरफ्तार किए गए दोनों संदिग्ध आतंकियों तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्ला अली खान और समीर खान पाकिस्तानी गैंगेस्टर शहजाद भट्टी व आबिद जट के संपर्क में थे।
शहजाद भट्टी ने उनको कई टारगेट दिए थे। उनसे बड़े सरकारी भवनों में हमला करने को कहा गया था। साथ ही भाजपा व संघ के बड़े नेताओं और कार्यालयों को निशाने पर लेने का टारगेट था। इसके लिए दोनों को दिल्ली व लखनऊ के नक्शे मुहैया कराए गए थे। उन्हें दिल्ली में संघ कार्यालय और लखनऊ में संघ कार्यालय के रेकी करने की हिदायत दी गई थी। दोनों में संघ कार्यालय की रेकी भी की थी। दोनों को ही जल्द हमला करने का दिन और समय बताया जाना था। फिलहाल यूपी एटीएस दोनों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।




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