if electricity employees indulge in corruption it is difficult to escape a new order has been issued in up बिजली कर्मचारियों ने भ्रष्टाचार किया तो बचना मुश्किल, यूपी में नया आदेश जारी, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
More

बिजली कर्मचारियों ने भ्रष्टाचार किया तो बचना मुश्किल, यूपी में नया आदेश जारी

मुख्य सचिव ने पुरानी व्यवस्था में फेरबदल कर दिया है। आंतरिक जांच की व्यवस्था को समाप्त कर दी गई है। बिजली कर्मचारियों की आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार के मामलों में अब स्टेट विजिलेंस से ही जांच करवाई जाएगी। ये आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।

Wed, 6 May 2026 04:44 PMAjay Singh विशेष संवाददाता, लखनऊ
share
बिजली कर्मचारियों ने भ्रष्टाचार किया तो बचना मुश्किल, यूपी में नया आदेश जारी

UP News : उत्तर प्रदेश में यदि बिजली विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों का अब भ्रष्टाचार में नाम आया और वाकई उनकी इसमें संलिप्तता पाई गई तो उनका बच पाना मुश्किल होगा। भ्रष्टाचार में लिप्त बिजली कर्मचारियों की अब विजिलेंस जांच होगी। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने आदेश जारी करते हुए बिजली कर्मियों के आय से अधिक संपत्ति के मामलों की जांच आंतरिक विजिलेंस से करवाने की व्यवस्था समाप्त कर दी है। बिजली कर्मचारियों के भ्रष्टाचार और उनकी आय से अधिक संपत्ति के मामलों की जांच के लिए पहले आंतरिक विजिलेंस या स्टेट विजिलेंस से जांच करवाने की व्यवस्था थी। पावर कॉरपोरेशन की आंतरिक विजिलेंस भी पुलिस से ही डेप्युटेशन पर आए पुलिस कर्मी ही तैनात होते हैं।

मंगलवार को एसपी गोयल ने पुरानी व्यवस्था में फेरबदल कर दिया है। आंतरिक जांच की व्यवस्था को समाप्त कर दी गई है। बिजली कर्मचारियों की आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार के मामलों में अब स्टेट विजिलेंस से ही जांच करवाई जाएगी। आंतरिक विजिलेंस जांच की व्यवस्था खत्म कर दी गई है। ये आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। पावर कॉरपोरेशन सूत्रों के मुताबिक तकरीबन सौ से ज्यादा बिजली कर्मचारियों के भ्रष्टाचार की जांच आंतरिक विजिलेंस से हो रही है। सूत्रों का यह भी दावा है कि इस आदेश के बाद हो सकता है कि आंतरिक विजिलेंस के पास से मामले स्टेट विजिलेंस को हस्तांतरित कर दिए जाएं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:अखिलेश ने ममता से मिलने जाने से पहले चढ़ाया UP का सियासी पारा, कहा-2022 में भी..

आती रहती हैं शिकायतें

बिजली विभाग में भ्रष्टाचार की शिकायतें आती रहती हैं। छोटे कर्मचारियों से लेकर बड़े अधिकारियों तक की संलिप्तता की शिकायतें आती हैं। नया कनेक्शन लगवाने, कटा हुआ कनेक्शन जुड़वाने, बिजली मीटर ठीक कराने और इस जैसे तमाम कामों के लिए रिश्वत मांगे जाने की शिकायतें आती हैं। कई बार ऐसे मामलों में ऐक्शन भी होता है। पिछले अप्रैल महीने में ही वाराणसी में एंटी करप्शन विभाग ने बिजली विभाग के एक अवर अभियंता और लाइनमैन को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था। जेई ने शिकायतकर्ता शुभम श्रीवास्तव को बिजली चोरी के मामले में मुकदमा दर्ज करने की धमकी देकर 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:यूपी के इस जिले में दूध पर बात करते-करते अचानक हुआ बवाल, मंच पर जमकर जूतमपैजार
ये भी पढ़ें:यूपी: मां-बेटे की अचानक मौत से हड़कंप, एक बच्चे की हालत गंभीर; पति हिरासत में
ये भी पढ़ें:UP के प्राइमरी स्कूलों की ये बड़ी समस्या हो जाएगी खत्म, प्रपोजल भेजने की तैयारी

अप्रैल में ही औरैया में भी एंटी करप्शन टीम ने एक अवर अभियंता और एक लाइनमैन को 20 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। दोनों पर एक उपभोक्ता से काम के बदले रिश्वत मांगने का आरोप लगा था। अन्य जिलों से भी भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आती रहती हैं। अब भ्रष्टाचार के मामलों में स्टेट विजिलेंस से जांच होगी तो अफसरों-कर्मचारियों को बच पाना मुश्किल होगा। जांच में यदि वाकई भ्रष्टाचार में उनकी संलिप्पता मिली तो सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News , Pareet Yadav Death Live और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।