यूपी के इस जिले में दूध पर बात करते-करते अचानक हुआ बवाल, मंच पर जमकर जूतमपैजार; फट गए कुर्ते
पशुधन विभाग की ओर से मेरठ और सहारनपुर के दुग्ध उत्पादकों, निर्यातकों, निवेशकों को लेकर दुग्ध संवाद का आयोजन चौ.चरण सिंह विश्वविद्यालय के अटल सभागार में किया गया। कार्यक्रम उस समय अखाड़े में तब्दील हो गया, जब भुगतान की मांग को लेकर दो गुट आपस में भिड़ गए।

UP News : उत्तर प्रदेश के मेरठ में मंगलवार को मेरठ के अटल सभागार में आयोजित 'दुग्ध संवाद' कार्यक्रम उस समय अखाड़े में तब्दील हो गया, जब भुगतान की मांग को लेकर दो गुट आपस में भिड़ गए। दुग्ध विकास विभाग के बड़े अधिकारियों की मौजूदगी में पराग डेयरी चेयरमैन और पूर्व चेयरमैन प्रतिनिधियों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस हंगामे में न केवल मर्यादाएं तार-तार हुईं, बल्कि बीच-बचाव के दौरान कई लोगों के कुर्ते तक फट गए। इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। हालांकि ‘लाइव हिन्दुस्तान’ वायरल हो रहे वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
मंगलवार को पशुधन विभाग की ओर से मेरठ और सहारनपुर के दुग्ध उत्पादकों, निर्यातकों, निवेशकों को लेकर दुग्ध संवाद का आयोजन चौ.चरण सिंह विश्वविद्यालय के अटल सभागार में किया गया। आयोजन के दौरान अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम, दुग्ध आयुक्त के.धनलक्ष्मी, कमिश्नर भानु चंद्र गोस्वामी, डीएम डॉ. वीके सिंह समेत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।
दोपहर बाद के सत्र की समाप्ति पर दुग्ध आयुक्त ने कहा कि किसी को कोई समस्या हो तो वे बताएं। पराग डेयरी के पूर्व चेयरमैन पति वेदप्रकाश बेदी और कुछ और प्रतिनिधियों ने कहा कि डेयरी से करीब छह महीने से भुगतान नहीं हो रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद पराग डेयरी के वर्तमान चेयरमैन और पूर्व चेयरमैन के समर्थकों के बीच हुआ। देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि मंच पर ही गाली-गलौज और जूतमपैजार शुरू हो गई।
किसान और दुग्ध समितियों के प्रतिनिधि पिछले काफी समय से दूध के भुगतान न होने से नाराज हैं। अधिकारियों के सामने ही दोनों गुटों के समर्थक आमने-सामने आ गए। मारपीट में समर्थकों ने एक-दूसरे के कपड़े तक फाड़ दिए। जिस समय यह हंगामा हो रहा था, शासन के अपर मुख्य सचिव और दुग्ध आयुक्त वहीं मौजूद थे।
अधिकारियों के सामने इस तरह की हरकत ने विभाग और स्थानीय प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने बमुश्किल मामला शांत कराया और अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस मामले में अब संगठन स्तर पर भी कार्रवाई की गाज गिर सकती है। हालांकि अधिकारियों ने इस पर चुप्पी साध ली है।




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