जिस घर में छह महीने तक बेटी की लाश के साथ रहा पिता, वहां दो साल से नहीं लगी थी झाड़ू
मेरठ में एक पिता अपनी बेटी की लाश के साथ छह महीने तक रहा। उस घर का नजारा अंदर से किसी भूत बंगले से कम नहीं था। चारों ओर कूड़ा, सड़ा-गला सामान और तेज बदबू। कमरे में युवती का कंकाल पड़ा मिला। बाद में पिता ने बतायाा कि दो साल से घर में झाड़ू तक नहीं लगी थी।

UP News: उत्तर प्रदेश के मेरठ के सदर बाजार के तेली मोहल्ले में सामने आई दिल दहला देने वाली घटना ने तंत्र-मंत्र, अंधविश्वास और शक के खतरनाक असर को उजागर कर दिया। यहां एक पिता और बेटी कथित रूप से तांत्रिक से झाड़-फूंक के चलते मानसिक रूप से इस कदर प्रभावित हो गए कि बेटी की मौत के बाद भी पिता ने उसका अंतिम संस्कार नहीं किया और महीनों तक शव को घर में ही सड़ने के लिए छोड़ दिया। पुलिस पूछताछ में पिता ने कबूला घर में दो साल से झाड़ू तक नहीं लगी थी और दोनों गंदगी में रहने के आदी हो चुके थे।
मामले का खुलासा तब हुआ जब छह माह से बंद पड़े मकान का दरवाजा परिजनों ने खुलवाया। अंदर का नजारा किसी भूत बंगले से कम नहीं था चारों ओर कूड़ा, सड़ा-गला सामान और तेज बदबू। कमरे में युवती का कंकाल पड़ा मिला, जिसे देखकर सभी के होश उड़ गए। पुलिस ने अवशेष कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजे और आरोपी पिता को हिरासत में लिया। आरोपी पिता ने कबूला की अक्तूबर 2025 के बाद प्रियंका घर से बाहर नहीं निकली और नवंबर में उसकी मौत हो गई। पिता शव पर परफ्यूम छिड़ककर दुर्गंध छिपाने की कोशिश करता रहा। इसके बाद मकान बंद कर हरिद्वार और देहरादून चला गया और परिजनों को बेटी के इलाज का झूठा बहाना देता रहा।
पत्नी की मौत के बाद परिवार से दूर हुआ, दिमाग में बैठा शक
जांच में सामने आया कि आरोपी उदय भानू विश्वास, जो शिक्षा विभाग से रिटायर्ड है, वर्ष 2013 में पत्नी की आत्महत्या के बाद से ही शक और तंत्र-मंत्र के प्रभाव में आ गया था। उसके दिमाग में यह भी शक हुआ की परिवार के रिश्तेदारों में तंत्र क्रिया कर उसकी पत्नी की उससे छीन लिया, जिसके बाद से पिता और बेटी सभी रिश्तेदारों में दूरी बनाने लगे। इसके बाद वह अपनी बेटी प्रियंका के साथ अलग-थलग जीवन जीने लगा। जुलाई 2025 में बेटी की तबीयत बिगड़ने पर इलाज कराने के बजाय वह तांत्रिक क्रियाओं में उलझ गया और किसी की परिजन और रिश्तेदार से मदद नहीं मांगी।
हरिद्वार में अंतिम संस्कार की जानकारी ली
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी हरिद्वार पहुंचा और कई पुजारियों से अंतिम संस्कार की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। पुजारियों ने करीब आठ हजार रुपये में अंतिम संस्कार की बात बताई, लेकिन इतने दिन बाद घर लौटने की हिम्मत वह नहीं जुटा सका।
पुलिस को है पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
युवती की मौत कैसे और कब हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। बीमारी से मौत हुई या किसी अन्य कारण से, इस पर स्थिति साफ नहीं है। आरोपी पिता भी पुलिस को कोई ठोस जवाब नहीं दे सका है। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।




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