गुड न्यूज: यूपी के इस शहर में आदर्श कास्टिंग गाइडलाइन लागू, प्लॉट खरीदारों को बड़ी राहत
जीडीए बोर्ड की बैठक में आदर्श कास्टिंग गाइड लाइंस (मूलभूत सिद्धांत) 2025 को अंगीकार कर लिया गया। गुरुकुल सिटी और तीन निजी परियोजनाओं में इन नई नीति का लाभ मिलेगा। जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्धन ने कहा कि नई गाइडलाइन से संपत्ति आवंटन प्रणाली पारदर्शी, व्यावहारिक और जनहितकारी बनेगी।

विकास की राह में तेजी से बढ़ते गोरखपुर में प्लॉट खरीदना चाह रह लोगों के लिए गुड न्यूज है। गोरखपुर विकास प्राधिकरण में आदर्श कास्टिंग गाइडलाइन (मूलभूत सिद्धांत) 2025 का अनुपालन शुरू हो गया है। नई गाइडलाइन में पार्क के सामने, कोने के प्लॉट पर अतिरिक्त शुल्क कम हो गए हैं। पहले पार्क के सामने, कोने के प्लाट और 18 मीटर या उससे अधिक चौड़ी सड़क वाले प्लॉट पर 20 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता था। अब प्लॉट में तीनों सुविधाएं होने पर भी केवल 12 प्रतिशत ही देना होगा। इसके अलावा अलग-अलग सुविधाएं होने पर अलग-अलग सिर्फ 5 फीसदी शुल्क देना होगा। हालांकि यह राहत केवल नई योजनाओं तक ही सीमित रहेगी, पुरानी योजनाओं की दरों में बदलाव नहीं होगा।
पिछले दिनों बोर्ड की बैठक में आदर्श कास्टिंग गाइड लाइंस (मूलभूत सिद्धांत) 2025 को अंगीकार कर लिया गया। जीडीए की गुरुकुल सिटी और तीन निजी परियोजनाओं में इन नई नीति का लाभ मिलेगा। जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्धन ने कहा कि नई गाइडलाइन से संपत्ति आवंटन प्रणाली पारदर्शी, व्यावहारिक और जनहितकारी बनेगी।
आवंटी को सम्पत्ति न लेने का मिला अधिकार
शासनादेश के अनुसार, अब किसी भी संपत्ति की अंतिम लागत आवंटन की तिथि पर वास्तविक लागत के आधार पर तय की जाएगी। यदि आवंटन अनुमानित मूल्य पर किया गया है, तो निर्माण पूर्ण होने के बाद वास्तविक लागत का अंतर आवंटी से लिया जाएगा। हालांकि यदि वास्तविक लागत, सूचित मूल्य से 10 प्रतिशत से अधिक बढ़ती है, तो आवंटी को संपत्ति न लेने का अधिकार होगा। उसे सम्पत्ति के लिए जमा धनराशि भारतीय स्टेट बैंक की एमसीएलआर दर पर साधारण ब्याज सहित वापस लेने का विकल्प भी मिलेगा।
जहां विकास कार्य अपूर्ण, भूमि की दर में हर साल होगी बढ़ोतरी
गाइडलाइन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जहां विकास कार्य अपूर्ण हैं, वहां भूमि की दर में प्रतिवर्ष वृद्धि की जाएगी। वह पूर्ण विकसित या नगर निगम को हस्तांतरित योजनाओं में भूमि की दर सर्किल रेट के बराबर रखी जाएगी। विशेष परिस्थितियों में बोर्ड को दरें तय करने का अधिकार होगा।
अधिकतम 16 प्रतिशत अतिरिक्त चार्ज
अब तक किसी भी नई आवासीय योजना की लागत तय करते समय कंटीन्जेंसीज और ओवरहेड चार्ज के नाम पर कुल 30 प्रतिशत तक अतिरिक्त राशि जोड़ी जाती थी। नई व्यवस्था में इस अतिरिक्त चार्ज को घटा कर अधिकतम 16 % कर दिया गया है।
कमजोर और कम आय वर्ग को राहत
गाइडलाइन में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और कम आय वर्ग को विशेष राहत दी गई है। पहले इन श्रेणियों के मकानों पर 27 प्रतिशत तक अतिरिक्त चार्ज लिया जाता था। अब ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए यह 14 प्रतिशत और एलआईजी के लिए 15 प्रतिशत प्रीमियम तय है। मकान या प्लॉट की किस्त समय पर न चुका पाने पर लगने वाला पीनल इंटरेस्ट भी घटा कर 3 की जगह 2 प्रतिशत हो गया है। किस्तों पर ब्याज दर भी कम की गई है।
सशस्त्र सेनाओं के जवानों को 20 फीसदी छूट
सशस्त्र सेनाओं के जवानों को फ्लैटों पर 20 फीसदी की छूट मिलेगी, शर्त है कि 60 दिन में सम्पूर्ण धनराशि का भुगतान कर दें। 61 से 90 दिन में भुगतान करने पर 15 फीसदी, 91 से 120 दिन में भुगतान पर 10 फीसदी की छूट मिलेगी।




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