High Court takes strong view of torture in police custody and missing CCTV footage; Mahoba SP and SHO summoned पुलिस कस्टडी में प्रताड़ना व सीसीटीवी फुटेज गायब होने पर हाईकोर्ट सख्त; एसपी और एसएचओ तलब, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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पुलिस कस्टडी में प्रताड़ना व सीसीटीवी फुटेज गायब होने पर हाईकोर्ट सख्त; एसपी और एसएचओ तलब

पुलिस कस्टडी में प्रताड़ना व सीसीटीवी फुटेज गायब होने पर हाईकोर्ट सख्त हो गया । कोर्ट ने पुलिस अधीक्षक, कोतवाली महोबा के प्रभारी निरीक्षक और महिला थाना की एसएचओ को 25 मई को सीसीटीवी फुटेज के साथ व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने का आदेश दिया है।

Wed, 20 May 2026 07:24 PMDeep Pandey ​प्रयागराज, विधि संवाददाता
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पुलिस कस्टडी में प्रताड़ना व सीसीटीवी फुटेज गायब होने पर हाईकोर्ट सख्त; एसपी और एसएचओ तलब

Allahabad High Court News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आरोपी की अवैध हिरासत, पुलिस प्रताड़ना और थाने के सीसीटीवी फुटेज गायब होने को बेहद गंभीरता से लिया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट नेे महोबा के पुलिस अधीक्षक, कोतवाली महोबा के प्रभारी निरीक्षक और महिला थाना की एसएचओ को 25 मई को सीसीटीवी फुटेज के साथ व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल ने महोबा की आशा रैकवार की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। अब कोर्ट के इस आदेश पर तीनों पुलिस अफसरों को पेश होना है।

​महोबा कोतवाली थाने में दर्ज हत्या के मामले के तथ्यों के अनुसार याची आशा रैकवार मृतक के घर पर काम करने वाली बाई है। उसे इस मामले में सह अभियुक्त बनाया गया है। ​सुनवाई के दौरान याची के अधिवक्ता भास्कर भद्र ने कोर्ट को बताया कि याची प्राथमिकी में नामजद नहीं थी। ​पुलिस ने उसे और उसके बेटे को 25 फरवरी की रात हिरासत में ले लिया था और गिरफ्तारी एक मार्च को दिखाई गई। ​इस अवैध हिरासत के दौरान दोनों को पुलिस ने बुरी तरह प्रताड़ित किया। ​अवैध हिरासत की शिकायत मिलने पर सीजेएम महोबा ने 13 मार्च को पुलिस थानों के सीसीटीवी फुटेज पेश करने के आदेश दिए थे लेकिन पुलिस अधिकारियों ने फुटेज उपलब्ध न होने का बहाना बनाकर इसे पेश नहीं किया।

हाईकोर्ट के फैसलों का सीधा उल्लंघन है

​हाईकोर्ट ने थानों के सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं कराने पर नाराजगी जताई और कहा कि अगर यह तथ्य सही है तो यह परमवीर सिंह सैनी बनाम बलजीत सिंह व अन्य में सुप्रीम कोर्ट और सानू उर्फ राशिद बनाम उत्तर प्रदेश राज्य में हाईकोर्ट के फैसलों का सीधा उल्लंघन है। इन फैसलों में सीसीटीवी कैमरों के सुचारू संचालन और मजिस्ट्रेट के सामने फुटेज पेश करने की व्यक्तिगत जिम्मेदारी जिले के पुलिस कप्तान की तय की गई है क्योंकि यह मामला संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिलने वाले जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार से जुड़ा है।

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सीसीटीवी फुटेज के साथ 25 मई को हाजिर होने का निर्देश

कोर्ट ने यह भी कहा कि सर्वोच्च न्यायालय की व्यवस्था के अनुसार यदि किसी आरोपी की गिरफ्तारी अवैध पाई जाती है तो वह जमानत पर रिहा होने का हकदार है। ​कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए महोबा के एसपी, कोतवाली एसएचओ और महिला थाना एसएचओ को 25 फरवरी 2026 से 16 मार्च 2026 तक के सीसीटीवी फुटेज के साथ 25 मई को हाजिर होने का निर्देश दिया।

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