डिजिटल उद्यमियों को इंसेंटिव उपलब्ध कराए जाएं, टेनिंग भी दें, सीएम योगी के निर्देश
सीएम योगी ने कहा कि शुरुआत से ही डिजिटल उद्यमियों को उचित इंसेंटिव उपलब्ध कराए जाएं। समीक्षा में निर्देश दिए कि जिन युवाओं को डिजिटल उद्यमी के रूप में चुना जाए, उन्हें गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण दिया जाए।

CM Yogi News: मुख्यमंत्री योगी ने ‘प्रोजेक्ट गंगा’ यानी गवर्नेंट असिस्टेड नेटवर्क फॉर ग्रोथ एंड एडवांसमेंट की भी समीक्षा में निर्देश दिए कि जिन युवाओं को डिजिटल उद्यमी के रूप में चुना जाए, उन्हें गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण दिया जाए। सर्वेक्षण कार्य करने वाली कंपनियां भी इन युवाओं का उपयोग कर सकें, ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए। मुख्यमंत्री योगी ने ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क के तेजी से विस्तार और कामों में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआत से ही डिजिटल उद्यमियों को उचित इंसेंटिव उपलब्ध कराए जाएं।
मुख्यमंत्री योगी को बैठक में बताया गया कि प्रोजेक्ट गंगा ग्रामीण उत्तर प्रदेश में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड नेटवर्क पहुंचाने की महत्वाकांक्षी पहल है। इसका उद्देश्य केवल इंटरनेट उपलब्ध कराना नहीं बल्कि टेलीमेडिसिन, डिजिटल शिक्षा, स्किल डवलपमेंट, ई-गवर्नेंस, डिजिटल रोजगार और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देना है। परियोजना में 10 हजार से अधिक युवाओं को डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर (डीएसपी) के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है, जिससे लगभग 50 हजार प्रत्यक्ष और 1 लाख से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है।
50 प्रतिशत महिला उद्यमियों को जोड़ने का लक्ष्य तय
योजना में 20 लाख से अधिक घरों को फाइबर आधारित हाई-स्पीड इंटरनेट नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। प्रत्येक डीएसपी अपने क्षेत्र में 200 से 300 घरों को कनेक्ट कर सकेगा। महिला उद्यमिता को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है और लगभग 50 प्रतिशत महिला उद्यमियों को जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया है। बैठक में बताया गया कि केवल मोबाइल इंटरनेट के जरिए सीमित सेवाएं संभव हैं, जबकि वास्तविक डिजिटल परिवर्तन के लिए हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड आवश्यक है। एआई आधारित कृषि, ड्रोन मॉनिटरिंग, स्मार्ट विलेज, वर्चुअल लैब, टेलीमेडिसिन और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसी सेवाओं के लिए मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरी बताया गया।
डीएसपी को 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा
प्रोजेक्ट गंगा के तहत डीएसपी केवल इंटरनेट सेवा प्रदाता नहीं होंगे, बल्कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं का संपूर्ण नेटवर्क विकसित करेंगे। वे हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड, आईपीटीवी, ओटीटी एक्सेस, सीसीटीवी समाधान, पब्लिक वाई-फाई, साइबर सिक्योरिटी और एंटरप्राइज कनेक्टिविटी जैसी सेवाएं प्रदान करेंगे। योजना के तहत प्रत्येक डीएसपी को 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। परियोजना फिलहाल 21 प्राथमिक जिलों में ‘प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट’ के रूप में शुरू करने की तैयारी में है और इसके बाद इसे पूरे प्रदेश में विस्तार दिया जाएगा।
यूपी डाटा सेंटर क्लस्टर से 1.5 लाख को नौकरी, पांच लाख करोड़ होगी अर्थव्यवस्था
वहीे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी डाटा सेंटर क्लस्टर (यूपीडीसीसी) की समीक्षा करते हुए कहा कि यह परियोजना यूपी के एआई मिशन की बुनियादी संरचना तैयार करेगी। डाटा सेंटर क्लस्टर केवल एनसीआर क्षेत्र तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि प्रदेश के अन्य हिस्सों को भी इससे जोड़ा जाए। इसकी शुरुआत बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) क्षेत्र से की जा सकती है। यहां बड़े पैमाने पर भूमि उपलब्ध है। टाटा समूह सहित बड़ी टेक कंपनियों से संवाद स्थापित कर लखनऊ को ‘एआई सिटी’ के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जाए। इससे वर्ष 2040 तक 5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था, 1.5 लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार और 5 गीगावॉट एआई कंप्यूट कॉरिडोर विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।




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