यूपी में 22 भर्तियों में 11514 आरक्षित पदों की लूट, अखिलेश का योगी सरकार पर बड़ा हमला
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर बड़ा हमला किया है। अखिलेश ने दावा किया कि 22 भर्तियों में 11514 पदों की “लूट” हुई है। आरक्षण के नियमों में गड़बड़ी की गई है।

Akhilesh yadav news: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरक्षण लेकर योगी सरकार पर आरोप लगाए हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि यदि भाजपा को आरक्षण से जुड़े किसी भी आंकड़े में गलती लगती है तो सरकार उसे ठीक कर दे। अखिलेश ने दावा किया कि 22 भर्तियों में 11514 पदों की “लूट” हुई है। आरक्षण के नियमों में गड़बड़ी की गई है। उन्होंने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि 69000 शिक्षक भर्ती में ओबीसी वर्ग के 23.14 प्रतिशत और अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग के 4.8 प्रतिशत आरक्षण का हक लूटा गया।
अख्रिलेश ने यहां पार्टी मुख्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए,'आरक्षण की लूट' से संबंधित 'पीडीए ऑडिट' नामक एक दस्तावेज जारी किया और कहा कि रिपोर्ट को अधिक डेटा और तथ्यों के साथ अद्यतन किया जाता रहेगा। उन्होंने कहा कि पीडीए ऑडिट और आरक्षण की लूट पर इस दस्तावेज में सुधार जारी रहेगा और इसमें अधिक डेटा शामिल किया जाएगा। अख्रिलेश ने जून 2023 में 'पीडीए' शब्द गढ़ा था जिसका उनके अनुसार अभिप्राय है ''पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक''।
सपा प्रमुख अखिलेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर छात्रों और अभ्यर्थियों को संवैधानिक प्रावधानों को लागू करने के लिए अदालतों का दरवाजा खटखटाना पड़ता है, तो “यह समझा जाना चाहिए कि सरकार पक्षपाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर हमें संवैधानिक अधिकारों के लिए अदालतों का दरवाजा खटखटाना पड़ता है, तो इसका अभिप्राय है कि सरकार पक्षपाती है। पूर्वाग्रह अपने आप में अन्याय है क्योंकि यह अधिकार छीन लेता है।
भाजपा सरकार की बुलडोजर कार्रवाई पर भी बोले
सपा अध्यक्ष अखिलेश ने आरक्षण को सामाजिक न्याय और समानता का जरिया बताया। उन्होंने कहा कि आरक्षण सुरक्षा है। आरक्षण सामाजिक समन्वय का एक उपकरण और माध्यम भी है।' भाजपा सरकार की बुलडोजर कार्रवाई का जिक्र करते हुए अखिलेश ने कहा कि 'अगर भाजपा सरकार बुलडोजर चलाना चाहती है, तो उन्हें असमानता की असमान जमीन को समतल करने और सभी को उनका उचित आरक्षण प्रदान करने के लिए उपयोग करना चाहिए।
लेटरल एंट्री के जरिए अपने लोगों को समायोजित करने का आरोप
सपा अध्यक्ष अखिलेश ने आरोप लगाया कि पार्श्व प्रवेश' (लेटरल एंट्री) नियुक्तियों जैसे तंत्रों के माध्यम से आरक्षण को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि लेटरल एंट्री के जरिए अपनी पसंद के लोगों को पिछले दरवाजे से समायोजित किया जा रहा है ताकि आरक्षण की मांग धीरे-धीरे कमजोर हो जाए। 'लेटरल एंट्री' से तात्पर्य सरकार के बाहर से व्यक्तियों को सीधे मध्य-स्तर और वरिष्ठ स्तर के पदों पर नियुक्त करने की प्रक्रिया से है।अखिलेश ने भाजपा पर संवैधानिक आरक्षण को लेकर ''बेईमानी'' में शामिल होने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ दल समाज के वंचित वर्गों के लिए समान अवसर नहीं चाहता है। सपा प्रमुख ने कहा कि आरक्षण दान नहीं है, यह एक अधिकार है। उन्होंने कहा कि सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने और लोकतंत्र की रक्षा के लिए आरक्षण आवश्यक है।




साइन इन