High Court sought detail of 19 leaders including Raja Bhaiya Brijbhushan Dhananjay asking how they obtained arms license राजा भैया, बृजभूषण का हाईकोर्ट ने ब्यौरा मांगा, बाकी 17 कौन? कहा- कैसे मिले आर्म्स लाइसेंस, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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राजा भैया, बृजभूषण का हाईकोर्ट ने ब्यौरा मांगा, बाकी 17 कौन? कहा- कैसे मिले आर्म्स लाइसेंस

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राजा भैया, बृजभूषण, धनंजय सिंह समेत 19 लोगों का ब्यौरा राज्य सरकार से मांगा है। कोर्ट ने इन सभी की शस्त्र लाइसेंस की जानकारी भी तलब की है। इस मामले में अगली सुनवाई  26 मई को होगी

Fri, 22 May 2026 04:16 PMsandeep हिन्दुस्तान, विधि संवाददाता, प्रयागराज
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राजा भैया, बृजभूषण का हाईकोर्ट ने ब्यौरा मांगा, बाकी 17 कौन? कहा- कैसे मिले आर्म्स लाइसेंस

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश में शस्त्र लाइसेंसों के दुरुपयोग, आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को लाइसेंस जारी किए जाने और हथियारों के सार्वजनिक प्रदर्शन पर कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य सरकार तथा सभी जिलों के पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों से विस्तृत जवाब तलब किया है। साथ ही कोर्ट ने रघुराज प्रताप सिंह (राजा भैया), धनंजय सिंह समेत 19 लोगों के शस्त्र लाइसेंस की जानकारी भी तलब की है। सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर ने कहा कि हथियारों का सार्वजनिक प्रदर्शन समाज में भय और असुरक्षा का वातावरण पैदा करता है तथा यह कानून के शासन और सामाजिक शांति के विपरीत है।

इन 19 लोगों का हाईकोर्ट ने मांगा ब्यौरा

जिसमें रघुराज प्रताप सिंह (राजा भैया), धनंजय सिंह, बृजभूषण सिंह, सुशील सिंह, विनीत सिंह, अजय मरहद, सुजीत सिंह बेलवा, उपेन्द्र सिंह (गुड्डू),पप्पू भौकाली, इन्द्रदेव सिंह, सुनील यादव, फरार अजीम, बादशाह सिंह, संग्राम सिंह, सुल्लू सिंह, चुलबुल सिंह, सनी सिंह, छुन्नू सिंह, तथा डॉ. उदय भान सिंह शामिल हैं । कोर्ट ने कहा कि संबंधित अधिकारी इन व्यक्तियों के सही पते, आपराधिक मामलों, हथियार लाइसेंस और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराएं।

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नियमों का पालन नहीं कर रहे अधिकारी- हाईकोर्ट

अदालत ने कहा कि गृह विभाग के संयुक्त सचिव द्वारा 20 मई 2026 को दाखिल हलफनामे से स्पष्ट हुआ है कि प्रदेश के सभी 75 जिलों के डीएम, पुलिस आयुक्त और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक समय-समय पर जारी सरकारी आदेशों तथा आर्म्स एक्ट, 1959 एवं उसके नियमों का सही ढंग से पालन नहीं कर रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि 23 मार्च 2026 के आदेश में लाइसेंस जारी करने, नवीनीकरण और हस्तांतरण के मामलों में अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए थे।

दस लाख से ज्यादा जारी हुए लाइसेंस

कोर्ट के समक्ष रखे गए आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक 10,08,953 शस्त्र लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं। विभिन्न श्रेणियों में 23,407 आवेदन लंबित हैं, जबकि डीएम के आदेशों के खिलाफ 1,738 अपीलें मंडलायुक्तों के समक्ष लंबित हैं। इसके अलावा 20,960 परिवारों के पास एक से अधिक शस्त्र लाइसेंस हैं तथा 6,062 मामलों में ऐसे लोगों को लाइसेंस दिए गए हैं जिनके खिलाफ दो या अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

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हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को दिया निर्देश

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लाइसेंस धारकों का जिला, थाना और नामवार विवरण प्रस्तुत किया जाए। यह भी बताया जाए कि ऐसे लोगों के परिवार के अन्य सदस्यों के पास भी हथियार लाइसेंस हैं या नहीं। कोर्ट ने कहा कि स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों, जो व्यापक सामाजिक एवं राजनीतिक प्रभाव रखते हैं, के संबंध में विवरण उपलब्ध नहीं कराया है। ऐसे व्यक्तियों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाई गई हैं। स्थिति को स्पष्ट करने और किसी प्रकार की अस्पष्टता दूर करने के लिए आवश्यक है कि इनकी जानकारी भी दी जाए।

अफसरों से मांगा हलफनामा

कोर्ट ने आदेश की प्रति अपर मुख्य सचिव (गृह), डीएम, पुलिस आयुक्तों,एसएसपी को भेजने का निर्देश दिया है। अफसरों को व्यक्तिगत शपथपत्र देकर बताने को कहा गया है कि कोर्ट से कोई जानकारी नहीं छिपाई है। अगली सुनवाई 26 मई को होगी।

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