राजा भैया के घर में सियासी घमासान! पत्नी भानवी सिंह ने MLC अक्षय प्रताप पर दर्ज कराया धोखाधड़ी का केस
उत्तर प्रदेश के चर्चित कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की पत्नी भानवी कुमारी सिंह ने एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह सहित चार लोगों के खिलाफ लखनऊ में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। भानवी ने अक्षय पर उनकी कंपनी हड़पने समेत कई आरोप लगाए हैं।

UP News: यूपी के प्रतापगढ़ में कुंडा सीट से विधायक बाहुबली रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की पत्नी भानवी कुमारी सिंह की तहरीर पर गुरुवार को हजरतगंज कोतवाली में एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह समेत चार नामजद और कुछ अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। भानवी सिंह ने एमएलसी और उनके साथियों पर धोखाधड़ी, जालसाजी और कंपनी हड़पने का आरोप लगाया है। भानवी ने कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
भानवी सिंह की तहरीर के मुताबिक उन्होंने व अक्षय प्रताप सिंह, रोहित सिंह, अनिल सिंह, रामदेव यादव व अन्य ने मिलकर 10 फरवरी 2014 को एक साझेदारी फर्म का पंजीकरण कराया गया। फर्म पंजीकरण निबंधक कार्यालय में मेसर्स सारंग इंटरप्राइजेज फ्लैट सिल्वर ओक अपार्टमेंट गोखले मार्ग के नाम से कराया गया। फर्म में उन्होंने और पाट्नर्स द्वारा करोड़ों रुपए का निवेश किया था। फर्म के नाम से कई कीमती चल एवं अचल संपत्तियां अर्जित की गई थी। संपत्तियों का मूल्य करीब पांच करोड़ रुपए से अधिक है। यह संपत्तियां उनके कब्जे में हैं।
कहा कि कुछ साल पहले जानकारी हुई कि अक्षय प्रताप एवं उनके अन्य सहयोगियों ने फार्म की मूल्यवान संपत्तियों को हड़पने के लिए पंजीकरण के अभिलेखों में हेरा फेरी कर फर्जी दस्तावेज तैयार कर रहे हैं। जानकारी करने पर पता चला कि अक्षय प्रताप व उनके साथियों ने पांच नवंबर 2020 से 25 जुलाई 2020 के मध्य फर्जी दस्तावेजों के जरिए फर्म का पता विशालखंड गोमतीनगर स्थित अपने आवास का दर्ज करा दिया।
इसके साथ ही अभिलेखों में कूटरचना करना तथा कूटरचना से तैयार अन्य अभिलेखों के जरिए मूल्यवान हड़प ली। इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है। तफ्तीश की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। भानवी सिंह पत्नी रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भइया। यहां हजरतगंज में शालीमार ग्रैंड अपार्टमेंट में तीसरे तल पर रहती हैं।
राजनैतिक प्रभाव के चलते अक्षय के खिलाफ नहीं हुई थी कार्रवाई
भानवी सिंह ने अपनी तहरीर में लिखा कि अक्षय प्रताप सिंह प्रतागढ़ स्थानीय क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य हैं। उनका राजनैतिक प्रभाव है और अपराधिक प्रवृत्ति के हैं। इस कारण उनके विरुद्ध कोई कानूनी कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पता है।
फोरेंसिक स्टैंडर्ड एंड रिसर्च सेंटर की जांच में फर्जी हस्ताक्षर का खुलासा
भानवी के मुताबिक वह फर्जीवाड़े का पता चलने पर उन्होंने दस्तावेजों की कॉफी पंजीकरण कार्यालय से निकलवाई। उसमें उनके फर्जी हस्ताक्षर थे। इस पर हजरतगंज कोतवाली में आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी पर सुनवाई नहीं हुई। डीसीपी सेंट्रल से मिले फिर भी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। इसके बाद दस्तावेज की जांच आईएफओ फोरेंसिक स्टैंडर्ड एंड रिसर्च सेंटर दिल्ली से कराई। जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि अक्षय प्रताप सिंह और साथियों ने उनके फर्जी दस्ताक्षर बनाए थे।
इनके खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
- अक्षय प्रताप सिंह , सदस्य विधान परिषद निवासी जनपद अमेठी ग्राम जामों
- रोहित कुमार सिंह निवासी जनपद प्रतापगढ़ मनगढ़ कुंडा
- अनिल कुमार सिंह निवासी जनपद अमेठी अचलपुर
- रामदेव यादव निवासी प्रतापगढ़, कुंडा गांव चैनी का पुरवा पुरनेमऊ




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