बाहुबली धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला ने सीएम योगी से की मुलाकात, सियासी हलके में क्या चर्चाएं?
जौनपुर के पूर्व सांसद बाहुबली धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला रेड्डी ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की है। इस मुलाकात ने जौनपुर से लखनऊ तक की सियासी हलचल तेज कर दी है।

जौनपुर के पूर्व सांसद बाहुबली धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला रेड्डी ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की है। मुख्यमंत्री आवास पर हुई इस शिष्टाचार भेंट के बाद उत्तर प्रदेश और खासकर जौनपुर की राजनीति में कयासों का नया दौर शुरू हो गया है। श्रीकला इस समय जौनपुर की जिला पंचायत अध्यक्ष हैं। मुलाकात के दौरान धनंजय सिंह के बेहद करीबी एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंसू भी साथ रहे। पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान बसपा ने श्रीकला को टिकट दिया था। नामांकन से ठीक पहले श्रीकला ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था और टिकट वापस कर दिया था। इस टिकट वापसी के पीछे भी भाजपा की रणनीति ही मानी गई थी। हालांकि इसके बाद भी जौनपुर की दोनों सीटों पर भाजपा हार गई और सपा के प्रत्याशियों को जीत मिली थी।
मुलाकात के पीछे के मायने
आधिकारिक तौर पर इस मुलाकात को क्षेत्र के विकास कार्यों से जुड़ी एक शिष्टाचार भेंट बताया जा रहा है, लेकिन सियासी जानकार इसे भविष्य के गठजोड़ या समन्वय से जोड़कर देख रहे हैं। धनंजय सिंह की पत्नी होने के नाते श्रीकला की राजनीति भी काफी उतार-चढ़ाव भरी रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री से श्रीकला की यह सीधी मुलाकात कई बड़े संकेत दे रही है।
जौनपुर के विकास पर हुई चर्चा
फिलहाल कहा जा रहा है कि श्रीकला ने जौनपुर जिले में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं और जिला पंचायत के कार्यों को लेकर मुख्यमंत्री से चर्चा की। उन्होंने जिले की कुछ प्रमुख समस्याओं के समाधान के लिए शासन के सहयोग की मांग भी रखी। मुख्यमंत्री ने भी विकास कार्यों में तेजी लाने और जनहित के मुद्दों पर सकारात्मक आश्वासन दिया है।
सियासी भविष्य पर सबकी नजर
श्रीकला का टिकट वापस होने के बाद से ही धनंजय सिंह का झुकाव भाजपा की ओर माना जा रहा है। वह लगातार जनता के बीच सक्रिय हैं। श्रीकला भी जिला पंचायत अध्यक्ष होने के नाते जनता के बीच ही रहती हैं। ऐसे में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ उनकी बढ़ती नजदीकी किसी नए राजनीतिक समीकरण की शुरुआत है, यह चर्चा अब जौनपुर से लेकर लखनऊ तक फैली हुई है। विपक्षी दल भी इस मुलाकात पर पैनी नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि धनंजय सिंह का पूर्वांचल की कई सीटों पर मजबूत प्रभाव माना जाता है।
पुरानी तल्खी कम होने के संकेत
बसपा से टिकट मिलने के बाद लोकसभा चुनाव के दौरान जिस तरह की स्थितियां भाजपा से बनी थीं, उसके बाद यह मुलाकात 'बर्फ पिघलने' जैसा अहसास करा रही हैं। भाजपा आने वाले चुनावों या संगठन की मजबूती के लिए श्रीकला का साथ लेगी यह तो आने वाले समय में पता चलेगा। फिलहाल मुलाकात की तस्वीर ने राजनीतिक हल्कों में कई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।




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