High Court orders immediate removal of illegal encroachments by lawyers near the district court जिला कोर्ट के पास वकीलों के अवैध कब्जे तत्काल हटवाएं, हाईकोर्ट का आदेश, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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जिला कोर्ट के पास वकीलों के अवैध कब्जे तत्काल हटवाएं, हाईकोर्ट का आदेश

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने आदेश दिया है कि जिला कोर्ट के पास वकीलों के अवैध कब्जे तत्काल हटवाएं। न्यायालय ने कहा है कि आवश्यकता पड़ने पर नगर निगम पुलिस की भी मदद ले सकता है। 

Wed, 25 March 2026 06:41 PMDeep Pandey लखनऊ, विधि संवाददाता
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जिला कोर्ट के पास वकीलों के अवैध कब्जे तत्काल हटवाएं, हाईकोर्ट का आदेश

High court News: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने कैसरबाग स्थित जनपद न्यायालय के आसपास वकीलों द्वारा किए गए अवैध कब्जों को तत्काल हटाने के आदेश नगर निगम, लखनऊ को दिए हैं। न्यायालय ने कहा है कि आवश्यकता पड़ने पर नगर निगम पुलिस की भी मदद ले सकता है। नगर निगम द्वारा यह कहने पर कि उसे कथित अवैध कब्जेदारों को पहले नोटिस देने की आवश्यकता पड़ेगी, न्यायालय ने स्पष्ट किया कि नोटिस की आवश्यकता अधिकृत निर्माण या कब्जे को हटाने के लिए होती है लेकिन सार्वजनिक स्थानों, फुटपाथों और सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को तत्काल हटाया जा सकता है। न्यायालय ने मामले में अगली सुनवायी के लिए 7 अप्रैल की तिथि नियत करते हुए, कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।

यह आदेश न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजीव भारती की खंडपीठ ने अनुराधा सिंह व अन्य की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। मामले में नगर निगम द्वारा दाखिल रिपोर्ट के अनुसार संबंधित क्षेत्र में करीब 72 अतिक्रमण पाए गए हैं, जिनमें अधिकांश अधिवक्ताओं के चैंबर और कुछ दुकानों का अवैध निर्माण शामिल है। नगर निगम की ओर से बताया गया कि अतिक्रमण हटाने के लिए पहले नोटिस देना आवश्यक होगा और इसके बाद पुलिस व जिला प्रशासन की मदद से कार्रवाई की जाएगी।

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इस पर कोर्ट ने कहा कि सामान्यतः अधिकृत निर्माणों के मामले में नोटिस जरूरी होता है, लेकिन अवैध अतिक्रमण के मामलों में तत्काल कार्रवाई की जा सकती है और कानून का सख्ती से पालन होना चाहिए। न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया है कि यदि अतिक्रमणकारी नोटिस प्राप्त नहीं करते हैं तो उसे संबंधित स्थल पर चस्पा किया जाए और समाचार पत्रों में प्रकाशित कराया जाए।

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एक ही मामले में सरकार पर तीसरी बार हर्जाना

हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार पर तीसरी बार हर्जाना लगाया है। इसके पूर्व दो बार हर्जाना लगाने के बाद प्रमुख सचिव, लघु सिंचाई व भूगर्भ जल विभाग ने मामले में अपना शपथ पत्र दाखिल किया था। इस बार न्यायालय के आदेश के बावजूद पंचायती राज विभाग ने हलफनामा नहीं दाखिल किया। इस पर कोर्ट ने 11 हजार का हर्जाना लगाया। मामले की अगली सुनवाई 6 अप्रैल को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय व न्यायमूर्ति एके राय की खंडपीठ ने अंजनी कुमार द्विवेदी की जनहित याचिका पर दिया। याचिका में भूगर्भ जल के दिन-प्रतिदिन दूषित होते जाने का मुद्दा उठाया गया है।

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