High Court grants major relief to Anuj Chaudhary and other police officers in Sambhal violence case; stays FIR order संभल हिंसा में अनुज चौधरी समेत सभी पुलिस वालों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, FIR के आदेश पर रोक, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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संभल हिंसा में अनुज चौधरी समेत सभी पुलिस वालों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, FIR के आदेश पर रोक

संभल हिंसा के मामले में पुलिस अधिकारी अनुज चौधरी समेत सभी पुलिस वालों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। हाईकोर्ट ने पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने के संभल सीजेएम के आदेश पर रोक लगा दी है।

Tue, 10 Feb 2026 10:09 PMYogesh Yadav लाइव हिन्दुस्तान, प्रयागराज, विधि संवाददाता
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संभल हिंसा में अनुज चौधरी समेत सभी पुलिस वालों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, FIR के आदेश पर रोक

संभल हिंसा के मामले में पुलिस अधिकारी अनुज चौधरी समेत सभी पुलिस वालों को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। हाइकोर्ट ने पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज करने के सीजेएम संभल के आदेश पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने विपक्षी शिकायतकर्ता को जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है। राज्य सरकार और संभल के पूर्व सीओ अनुज चौधरी सहित अन्य पुलिस कर्मियों ने सीजेएम के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका पर न्यायमूर्ति समित गोपाल सुनवाई कर रहे हैं।

कोर्ट ने कहा है कि याचिका की पोषणीयता का प्रश्न शिकायतकर्ता द्वारा जवाब दाखिल किए जाने के बाद विचार किया जाएगा। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल और अधिवक्ता एके संड ने दलील दी कि सीजेएम ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत तय अनिवार्य प्रक्रियाओं की अनदेखी करते हुए आदेश पारित किया। उनका कहना था कि मजिस्ट्रेट ने पुलिस अधिकारियों को आरोपों के संबंध में अपनी बात रखने का कोई अवसर नहीं दिया, जो कानूनन आवश्यक है। राज्य की ओर से यह भी कहा गया कि मजिस्ट्रेट ने कानून द्वारा निर्धारित सुरक्षा उपायों को नजरअंदाज करते हुए अपने अधिकार क्षेत्र की सीमाओं का अतिक्रमण किया।

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वहीं, शिकायतकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट एसएफए नक़वी ने याचिका की पोषणीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य सरकार अपने ही अधिकारियों को बचाने के लिए आगे आ रही है, जो न्याय के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। उन्होंने दलील दी कि गृह सचिव को नागरिकों के संरक्षक की भूमिका निभानी चाहिए थी। कोर्ट ने जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है।

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क्या था सीजेएम कोर्ट का वह आदेश?

संभल हिंसा में पुलिस की गोली से घायल आलम के पिता ने संभल की अदालत में याचिका दायर कर पुलिस पर उसके निर्दोष बेटे को गोली मारने का आरोप लगाया था। उनकी याचिका पर संभल के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत ने अनुज चौधरी समेत 11 पुलिस वालों पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। हालांकि संभल पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की और मामले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

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जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के दौरान भड़की थी हिंसा

संभल में हिंसा की शुरुआत 24 नवंबर, 2024 को हुई थी, जब शाही जामा मस्जिद के अदालती सर्वे के दौरान भारी बवाल हो गया। सर्वे टीम का विरोध कर रही भीड़ और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई, जिसने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। उपद्रवियों ने जमकर पथराव और आगजनी की, जिसके जवाब में पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। इस हिंसा में 4 लोगों की मौत हो गई थी। दर्जनों पुलिसकर्मी और अन्य लोग घायल हुए थे। इस घटना के बाद संभल कई दिनों तक छावनी में तब्दील रहा। पुलिस ने इस मामले में सैकड़ों अज्ञात और कई नामजद लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए थे।

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