Anuj Chaudhary case hearing in High Court Additional Advocate General says Sambhal CJM ignored rules संभल सीजेएम ने नियमों की अनदेखी की, अनुज चौधरी के मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
More

संभल सीजेएम ने नियमों की अनदेखी की, अनुज चौधरी के मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई

संभल में हिंसा के मामले सीजेएम ने नियमों की अनदेखी की है। यह कहना है कि यूपी के अपर महाधिवक्ता का। संभल हिंसा के मामले में पुलिस अधिकारी अनुज चौधरी समेत अन्य पुलिस वालों पर केस के आदेश के मामले में हाईकोर्ट में हुई सुनवाई में अपर अधिवक्ता ने यह बात कही।

Tue, 10 Feb 2026 10:26 AMYogesh Yadav प्रयागराज, विधि संवाददाता
share
संभल सीजेएम ने नियमों की अनदेखी की, अनुज चौधरी के मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई

संभल हिंसा में पुलिस अधिकारी अनुज चौधरी समेत कई पुलिस वालों पर केस दर्ज करने के सीजेएम के आदेश पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई। राज्य सरकार और पुलिस अधिकारी की ओर से एडिशनल एडवोकेट जरनल मनीष गोयल और अधिवक्ता एके संड ने पक्ष रखा। मनीष गोयल का कहना था कि मजिस्ट्रेट ने बीएनएसएस की सीमाओं का उल्लंघन किया है और कानून में निहित अनिवार्य सुरक्षा प्रावधानों की अनदेखी की। प्रदेश सरकार और संभल के अपर पुलिस अधीक्षक अनुज चौधरी की तरफ से याचिका दायर की गई है। इन याचिकाओं में अनुज चौधरी एवं अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज करने तत्कालीन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश को चुनौती दी गई है। याचिकाओं पर न्यायमूर्ति समित गोपाल सुनवाई कर रहे हैं।

मामला नवंबर 2024 की संभल हिंसा से संबंधित है। जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के दौरान हिंसा फैल गई थी। इस दौरान फायरिंग में चार युवकों की मौत हो गई थी। गोली से घायल एक युवक के पिता यामीन ने पुलिस पर बेटे को गोली मारने का आरोप लगाते हुए संभल की अदालत में याचिका दायर की थी। हिंसा में घायल युवक के पिता यामीन ने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारियों ने उसके बेटे को जान से मारने की नीयत से गोली चलाई थी। यामीन की अर्जी पर संभल के तत्कालीन सीजेएम ने पुलिस वालों पर केस का आदेश दिया था। इसी आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:अनुज चौधरी पर केस का आदेश कराने वाले आलम को अब HC से राहत, अग्रिम जमानत

हाईकोर्ट में राज्य सरकार और पुलिस अधिकारी की ओर से एडिशनल एडवोकेट जनरल मनीष गोयल और अधिवक्ता एके संड की तरफ से पक्ष रखा गया। मनीष गोयल ने तर्क दिया कि संभल के मजिस्ट्रेट ने बीएनएसएस की सीमाओं का उल्लंघन किया है और कानून में निहित अनिवार्य सुरक्षा प्रावधानों की अनदेखी की है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:अनुज चौधरी पर नहीं दर्ज होगा केस, संभल SSP खुलकर साथ आए, बोले- HC में होगी अपील

उन्होंने बीएनएसएस की धारा 175 के तहत एफआईआर दर्ज करने का आदेश तो किया लेकिन धारा 175(4) में निर्धारित कठोर और अनिवार्य प्रक्रिया का पालन नहीं किया जो अपने आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान कार्य करने वाले लोक सेवकों को निरर्थक और दुर्भावनापूर्ण आपराधिक कार्यवाहियों से संरक्षण प्रदान करती है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:हम दो-हमारे दो दर्जन, AIMIM यूपी अध्यक्ष बोले- ज्यादा जनसंख्या देश की ताकत

अपर महाधिवक्ता ने कहा कि बीएनएसएस धारा 175(4) के तहत किसी लोक सेवक के विरुद्ध जांच का आदेश देने से पहले मजिस्ट्रेट को दो चरणों की प्रक्रिया अपनानी होती है-(क) किसी उच्च अधिकारी से रिपोर्ट प्राप्त करना। (ख) उस घटना के संबंध में लोक सेवक के स्पष्टीकरण और परिस्थितियों पर विचार करना। मनीष गोयल ने कहा कि इस मामले में उपधारा (4) के खंड (क) का तो पालन किया गया लेकिन खंड (ख) को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया।

लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News , Pareet Yadav Death Live और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।