UP Weather: मई में यूपी को झुलसाएगी गर्मी; तराई को करेगी बेहाल, कई हिस्सों में बारिश का अनुमान
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में प्रशांत महासागर में बनी तटस्थ निनो परिस्थितियों और हिंद महासागर के प्रभाव से मई में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक वर्षा होने का अनुमान है।
UP Weather Update: यूपी के लिए मई भीषण गर्मी और लू के लिहाज से परेशान करने वाला हो सकता है। मौसम विभाग की ओर से जारी मई के मासिक अपडेट के अनुसार, प्रदेश के उत्तरी तराई क्षेत्रों में इस महीने लू के दिनों की संख्या सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में लू के दिन सामान्य रहेंगे।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में प्रशांत महासागर में बनी तटस्थ निनो परिस्थितियों और हिंद महासागर के प्रभाव से मई में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक वर्षा होने का अनुमान है। हालांकि, बारिश के बावजूद राहत पूरी तरह नहीं मिलेगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों को छोड़कर प्रदेश के अन्य भागों में मासिक अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य या उससे अधिक रहने के संकेत हैं।
रातें भी करेंगी बेचैन
मौसम अपडेट के मुताबिक, मई में प्रदेश के पूर्वी, मध्यवर्ती, तराई और दक्षिणी भागों में केवल दिन ही नहीं, बल्कि रातें भी गर्म रहने वाली हैं। यहां औसत मासिक न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। तराई के जिलों में रहने वाले लोगों को इस महीने लू के थपेड़ों का सामना अधिक दिनों तक करना पड़ सकता है।
अप्रैल में ओलावृष्टि ने किया था प्रभावित
गौरतलब है कि अप्रैल के शुरुआती और अंतिम सप्ताह में तीन सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों के कारण प्रदेश में चार-चार दिन ओलावृष्टि हुई थी, जिससे मासिक वर्षा का औसत सामान्य से अधिक रहा था। इसी अस्थिरता के कारण तापमान में बीच-बीच में उतार-चढ़ाव देखा गया था।
अप्रैल में बांदा रहा देश में सबसे गर्म
बीते महीने यानी अप्रैल में बुंदेलखंड का बांदा जिला गर्मी के केंद्र में रहा। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में बांदा का तापमान ऐतिहासिक सर्वोच्च स्तर 47.6 डिग्री तक जा पहुंचा। अप्रैल में कुल 6 दिन बांदा देश का सर्वाधिक गर्म स्थान दर्ज किया गया। सक्रिय मौसम तंत्र न होने के कारण अप्रैल के मध्य में तापमान में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई, जिससे पूर्वी उत्तर प्रदेश में 4 और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 2 दिन लू की स्थिति रही।
कन्नौज के तिरवा और बलरामपुर में हुई ज्यादा बारिश
प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान तराई और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में ज्यादा वर्षा दर्ज की गई। बारिश के मामले में कन्नौज का तिरवा क्षेत्र सबसे आगे रहा, जहां 54 मिमी वर्षा हुई। इसके बाद बलरामपुर में 52.6 मिमी, खीरी लखीमपुर में 51.8 मिमी, गोंडा के मनकापुर में 50.5 मिमी और बहराइच में 36 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। हरदोई में 32.4 मिमी, महाराजगंज के फरेंदा में 25 मिमी, गोरखपुर में 23.8 मिमी, बाराबंकी के रामसनेही घाट में 22 मिमी और सीतापुर के सिधौली में 22 मिमी वर्षा हुई।
सिद्धार्थनगर और उन्नाव के हसनगंज में भी 20-20 मिमी पानी गिरा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की बात करें तो बरेली के बहेड़ी में सर्वाधिक 29 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा मथुरा के गोवर्धन में 25 मिमी, अलीगढ़ के इगलास में 21 मिमी, मैनपुरी के भोगांव में 20 मिमी, आगरा में 13.7 मिमी और झांसी में 13.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई। सम्भल के चंदौसी में 11 मिमी, बुलंदशहर के सिकंदराबाद में 10 मिमी, शाहजहांपुर में 9.6 मिमी और मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा में 9.5 मिमी बारिश हुई। लखनऊ और आसपास के इलाकों में 3.2 मिमी वर्षा के साथ मौसम खुशनुमा बना रहा।




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