भीषण गर्मी में पेयजल-सिंचाई में ढिलाई बर्दाश्त नहीं; 24 घंटे अलर्ट रहें कंट्रोल रूम: सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भीषण गर्मी में पेयजल आपूर्ति, सिंचाई व्यवस्था और राहत प्रबंधन में किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी और सभी विभाग संभावित परिस्थितियों का पूर्वानुमान लगाकर अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करें। कंट्रोल रूम को 24 घंटे एक्टिव होने का निर्देश दिया है।

प्रदेश में भीषण गर्मी और इस वर्ष सामान्य से कम वर्षा की आशंका को देखते हुए योगी आदित्यनाथ ने शासन-प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पेयजल आपूर्ति, सिंचाई व्यवस्था और राहत प्रबंधन में किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी और सभी विभाग संभावित परिस्थितियों का पूर्वानुमान लगाकर अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करें। शुक्रवार को कृषि, जलशक्ति, पशुधन, समाज कल्याण और उद्यान विभाग के मंत्रियों व वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने सूखा प्रभावित 18 जिलों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए।
30 मई तक नहरों, तालाबों पोखरों डी-सिल्टिंग हो- योगी
उन्होंने 15 जून से 30 जुलाई के बीच निर्धारित मानकों के अनुसार स्थिति का समयबद्ध आकलन करने और आवश्यकता पड़ने पर एनडीआरएफ की मदद लेने को कहा। साथ ही शासन से लेकर जनपद स्तर तक कंट्रोल रूम सक्रिय रखने और नियमित सूचना मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव व डीजीपी तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने 30 मई तक नहरों, तालाबों और पोखरों की डी-सिल्टिंग का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने तालाबों से निकली मिट्टी कुम्हार समाज को निःशुल्क उपलब्ध कराने और इसके लिए जिलाधिकारियों को व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा, ताकि रोजगार के अवसर भी सृजित हो सकें।
पाइप्ड पेयजल के अलावा टैंकर भी तैयार रखे जाएं- योगी
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश में कहीं भी पेयजल संकट न हो। पाइप्ड पेयजल योजनाओं के साथ वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में टैंकर आदि पूरी तरह तैयार रखे जाएं। वन विभाग को अभ्यारण्यों और पक्षी विहारों में वन्यजीवों के लिए पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा गो-आश्रय स्थलों में जल, चारा और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने सभी नलकूपों को क्रियाशील रखने, समय पर मरम्मत कराने और सिंचाई के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। फसल बीमा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, अनुदानित बीज वितरण और किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से समय पर ऋण उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
हीट स्ट्रोक और लू से बचाव के लिए समुचित व्यवस्था हो- योगी
स्वास्थ्य सुरक्षा के तहत हीट स्ट्रोक और लू से बचाव के लिए अस्पतालों में समुचित व्यवस्था रखने और जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। साथ ही अर्ली वेदर वार्निंग सिस्टम को मजबूत कर मौसम की जानकारी समय पर आमजन तक पहुंचाने को कहा गया। खरीफ फसल की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने नहरों के टेल एंड तक पानी पहुंचाने, जल के संतुलित उपयोग और सिंचाई तंत्र को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया, ताकि प्रदेश के किसी भी किसान को पानी की कमी का सामना न करना पड़े।




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