Hapur woman rani turns out to be Bangladeshi became voter using fake documents SIR reveals हापुड़ की 'रानी' निकली बांग्लादेशी, फर्जी दस्तावेजों से वोटर बनी; SIR में खुलासा, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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हापुड़ की 'रानी' निकली बांग्लादेशी, फर्जी दस्तावेजों से वोटर बनी; SIR में खुलासा

हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर के दौताई गांव में बांग्लादेशी मूल की महिला द्वारा फर्जी दस्तावेजों से वोटर लिस्ट में ‘रानी’ नाम दर्ज कराने का मामला सामने आया। हापुड़ पुलिस ने महिला और उसके पति पर धोखाधड़ी व जालसाजी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है।

Thu, 26 Feb 2026 11:57 AMsandeep हिन्दुस्तान, संवाददाता, गढ़मुक्तेश्वर
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हापुड़ की 'रानी' निकली बांग्लादेशी, फर्जी दस्तावेजों से वोटर बनी; SIR में खुलासा

हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेशवर के गांव दौताई में वोटर लिस्ट में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नाम दर्ज कराने का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। जांच में महिला के बांग्लादेशी मूल की होने की पुष्टि होने पर पुलिस ने उसके और उसके पति के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। जानकारी के अनुसार, गांव के कुछ ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि ‘रानी’ नाम से वोटर लिस्ट में दर्ज महिला की पहचान संदिग्ध है और उसके बांग्लादेशी होने की आशंका है।

हापुड़ की महिला निकली बांग्लादेशी

शिकायत के बाद पुलिस और खुफिया विभाग की टीम गांव पहुंची और संबंधित घर की जांच की। तलाशी के दौरान घर से एक बैग बरामद हुआ, जिसमें मिले दस्तावेजों की जांच में महिला के बांग्लादेशी मूल की होने की पुष्टि हुई। जांच में यह भी सामने आया कि गांव के निवासी मसरूफ ने 11 फरवरी 2021 को दिल्ली के एक धार्मिक स्थल में बांग्लादेश मूल की महमूदा से निकाह किया था। निकाह के बाद महमूदा गांव आकर रहने लगी। आरोप है कि पति-पत्नी ने मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार कराए और महमूदा ने ‘रानी’ नाम से वोटर लिस्ट में अपना नाम दर्ज करा लिया। इतना ही नहीं, उसने फोटो पहचान पत्र भी बनवा लिया था, जिससे वह स्थानीय मतदाता के रूप में स्थापित हो गई।

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एसआईआर में हुआ खुलासा

हाल ही में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों और अपात्र मतदाताओं की पहचान के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान चलाया गया था। इसी अभियान के दौरान किसी ग्रामीण ने संबंधित बीएलओ को शिकायत दी। शिकायत मिलते ही मामला खुफिया विभाग तक पहुंचा और पुलिस ने जांच शुरू कर दी।

जांच की भनक लगते ही गांव में चर्चा तेज हो गई। पुलिस ने दस्तावेजों की गहन जांच की और प्रारंभिक जांच में जालसाजी की पुष्टि हुई। इसके बाद कार्रवाई का सिलसिला शुरू हो गया। इंस्पेक्टर देवेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि केवल महिला और उसके पति ही नहीं, बल्कि फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराने में सहयोग करने वाले अन्य लोगों की भी भूमिका की जांच की जा रही है।

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जालसाजी के आरोप में पति-पत्नी पर केस

दौताई हल्के में तैनात दरोगा शिवांग शेखर की तहरीर पर मसरूफ और उसकी पत्नी महमूदा उर्फ रानी के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि महिला कितने समय से अवैध रूप से भारत में रह रही थी और क्या उसने अन्य सरकारी दस्तावेज भी बनवाए थे।

मामले के खुलासे के बाद क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासन का कहना है कि अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों और फर्जी दस्तावेजों के जरिए मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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