ग्राम प्रधान का अधिकार सीज और सचिव भी सस्पेंड, फिर इस पंचायत के नाम पर कैसे निकले लाखों रुपए?
यूपी के सीतापुर में एक ग्राम सचिव के निलंबन और प्रधान के अधिकार सीज होने के एक सप्ताह बाद नंदी गोशाला ग्राम पंचायत के नाम पर आठ लाख 36 हजार 250 रुपये निकाल लिए गए। इस संबंध में शिकायत की गई।

Sitapur News : उत्तर प्रदेश के सीतापुर में गोंदलामऊ ब्लॉक की ग्राम पंचायत हिंडौरा में सचिव के निलंबन और प्रधान के अधिकार सीज होने के एक सप्ताह बाद नंदी गोशाला ग्राम पंचायत के नाम पर आठ लाख 36 हजार 250 रुपये निकाल लिए गए। यह आलम तब है जब यहां की ग्राम प्रधान श्यामा देवी और सचिव हरदासी राणा पर 50.13 लाख रुपये के भ्रष्टाचार मामले में डीएम ने प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज करने की कार्रवाई की है। डीएम के निर्देश पर दोनों के विरुद्ध संदना थाने में एफआईआर भी दर्ज है। इस पूरे मामले की डीएम डॉ. राजा गणपति आर से शिकायत हुई है। शिकायत के बाद अब इस पूरे मामले की गहनता से जांच की जाएगी। ग्राम प्रधान अधिकार सीज होने और सचिव निलंबन के बाद अगर खाते से धनराशि निकाली गई है दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
हिंडौरा गांव निवासी नीतू ने बताया कि वह ग्राम पंचायत के वार्ड संख्या 12 से पंच हैं। इसमें ग्राम पंचायत नंदी गोशाला नाम से इंडियन बैंक खाता संख्या 7696631636 संचालित है। उन्होंने बुधवार को अपनी ग्राम पंचायत के विकास कार्य का ब्यौरा निकलवाया। 21 जनवरी को डीएम ने प्रधान श्यामा देवी के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज करते हुए एफआईआर दर्ज करने के निर्देश जारी किए थे। इसी आदेश में ग्राम पंचायत सचिव हरदासी राणा को भी वित्तीय अनियमितता का दोषी मानकर निलंबन व एफआईआर का आदेश दिया था।
22 जनवरी को प्रधान व सचिव दोनो के डोंगल बंद कर दिए गए थे
आदेश के बाद 22 जनवरी को प्रधान व सचिव दोनो के डोंगल बंद कर दिए गए थे। इसके बाद 23 जनवरी को इंडियन बैंक खाता संख्या 7696631636 में चार लाख 12 हजार पांच सौ रुपये की धनराशि आई। इसके साथ उसी दिन इसी बैंक खाते में चार लाख 23 हजार 750 रुपये की धनराशि आई। यह धनराशि नंदी गोशाला के लिए आई थी। 28 जनवरी को चेक संख्या 723476, 723480, 723479 और 723478 से कुल चार बार में आठ लाख छत्तीस हजार दो सौ पचास रुपये निकाल लिए गए।
एक ही तारीख में सारा पैसा निकाला गया
खास बात यह रही कि सचिव के निलंबन के बाद एक ही तारीख में सारा पैसा निकाला गया। नीतू ने बताया कि इस तरह धनराशि निकालकर हेराफेरी की गई है। डीपीआरओ डॉ. निरीश चंद्र साहू ने बताया कि इस पूरे मामले की गहनता से जांच की जाएगी। निलंबन के बाद अगर खाते से धनराशि निकाली गई है दोषियों पर कार्रवाई होगी।
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